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                <title>हमारे सांदीपनि विद्यालय मॉडल की देश में हो रही है सराहना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;"><em><strong>मध्य प्रदेश</strong></em> : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है। हमारी सरकार बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। हमारे बच्चे खूब पढ़ें, लिखें, जीवन में आगे बढ़े, इसके लिए हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को आधुनिक तरीके से गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सांदीपनी विद्यालय, पीएमश्री स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में प्रदेश में शिक्षा की त्रिवेणी बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/our-sandipani-vidyalaya-model-is-being-appreciated-in-the-country/article-3273"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-07/tn5-bhopal110726031735.jpg" alt=""></a><br /><p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;"><em><strong>मध्य प्रदेश</strong></em> : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है। हमारी सरकार बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। हमारे बच्चे खूब पढ़ें, लिखें, जीवन में आगे बढ़े, इसके लिए हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को आधुनिक तरीके से गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सांदीपनी विद्यालय, पीएमश्री स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में प्रदेश में शिक्षा की त्रिवेणी बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्तर पर ड्रॉप-आउट दर को शून्य करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। हमारे सांदीपनि विद्यालय मॉडल की पूरे देश में सराहना हो रही है।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को इन्दौर में हिन्द रक्षक पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में शामिल होकर स्कूली छात्राओं को राष्ट्र के महापुरुषों के जीवन चरित्र पर केन्द्रित निशुल्क पुस्तकें एवं कॉपियां वितरित की। मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं से संवाद कर से उन्हें स्नेहपूर्वक खूब तरक्की करने का शुभाशीष भी दिया।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में हमारे सरकारी विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सरकारी विद्यालयों का रिजल्ट प्राइवेट विद्यालयों से बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बोर्ड के परीक्षा परिणामों में हमारे सांदीपनी विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राजनीति से ज्यादा राष्ट्रहित सर्वोपरि एवं राष्ट्र प्रथम की नीति को केंद्र में रखते हुए समाज सुधार और लोगों को प्रेरित करने वाले अनेक कार्य हो रहे हैं। <img src="https://mpinfo.org/mpinfonew/photogallary/picture/Bhopal/Saturday,%20July%2011,%202026/L-Bhopal110726025001.jpg" alt=""></img>हिंद रक्षक संगठन के संस्थापक और जननेता स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ (लखन दादा) युवा शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत थे। उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए तत्कालीन सरकार के कुशासन के खिलाफ आवाज उठाई, मुझे भी उनका सहयोगी बनने का सौभाग्य मिला। आज स्व. गौड़ की 68वीं जयंती पर पुण्योदय प्रकल्प के जरिए हर साल 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कॉपी-किताबें और महापुरुषों के प्रेरक जीवन प्रसंगों पर केन्द्रित पुस्तकें बांटी गई हैं। हिंद रक्षक प्रकल्प का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से आज भी समाज को प्रेरणा मिलती है। हमारे युवा इससे प्रेरणा लें और गरीब-जरूरतमंदों मित्रों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें। राज्य सरकार ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए गए हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नजर आ रहा है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की ड्रॉप आउट दर शू्न्य हो चुकी है। अब प्रदेश का कोई भी बेटा-बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">पुण्योदय प्रकल्प के संयोजक श्री एकलव्य गौड़ ने कहा कि हिंद रक्षक प्रकल्प के संस्थापक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने वर्ष 2004 में इस प्रकल्प की शुरुआत की थी। जिसके अंतर्गत 60 हजार से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को 11 जुलाई से 11 अगस्त के दौरान पूरे एक महीने में 3 लाख से अधिक कॉपी-किताबें बांटी जाएंगी। सभी विद्यार्थी इनका सदुपयोग करें।</span></p>
<p align="justify"><span style="color:#222222;font-size:medium;">इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इन्दौर सांसद श्री शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुश्री ऊषा सिंह, पूर्व राज्यमंत्री एवं विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायिका श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री गोलू शुक्ला, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, समाजसेवी श्री गौरव रणदिवे, श्री श्रवण चावड़ा, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:54:55 +0530</pubDate>
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                <title>गर्भवती बहू को 8 लाख में बेचने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  <em><strong>मध्य प्रदेश</strong></em> : गुना जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक विवाहिता को उसके मायके पक्ष द्वारा कथित रूप से 8 लाख रुपये में बेचने का आरोप लगाया गया है। मंगलवार को बंदरगढ़ गांव के ग्रामीण और पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर महिला को सकुशल बरामद करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।<br />पीड़ित पति जीतेंद्र उर्फ जीतू बंजारा निवासी बंदरगढ़ ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी घूंघरी पहाड़ी निवासी गंगाराम बंजारा की बेटी बतूल बाई से हुई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/-draft--add-your-title/article-3246"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-07/af4b9384-f2af-4573-a6b5-3785760a8212.jpg" alt=""></a><br /><p> <em><strong>मध्य प्रदेश</strong></em> : गुना जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक विवाहिता को उसके मायके पक्ष द्वारा कथित रूप से 8 लाख रुपये में बेचने का आरोप लगाया गया है। मंगलवार को बंदरगढ़ गांव के ग्रामीण और पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर महिला को सकुशल बरामद करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।<br />पीड़ित पति जीतेंद्र उर्फ जीतू बंजारा निवासी बंदरगढ़ ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी घूंघरी पहाड़ी निवासी गंगाराम बंजारा की बेटी बतूल बाई से हुई थी। यह विवाह अदला-बदली (अट्टे-सुट्टे) की परंपरा के तहत हुआ था। दंपति का 3 वर्षीय पुत्र है, जबकि महिला वर्तमान में करीब 5 माह की गर्भवती भी है। आवेदन के अनुसार करीब 3 माह पहले महिला के पिता गंगाराम गेहूं कटाई का हवाला देकर अपनी बेटी को मायके ले गए थे। इसके बाद जब पति उसे वापस लेने पहुंचा तो ससुराल पक्ष ने पहले उसकी नाबालिग बहन को अपने घर भेजने की शर्त रख दी। पति ने बहन की कम उम्र का हवाला देकर मना किया तो कथित रूप से पत्नी को वापस भेजने से इनकार कर दिया गया।<br />पीड़ित का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि उसकी गर्भवती पत्नी को विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र में किसी अन्य व्यक्ति को 8 लाख रुपये में बेच दिया गया है। इस संबंध में उसने पहले राघौगढ़ थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह परिवार और समाज के लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा।<br />जनसुनवाई में महिला की सास एवं अन्य परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बहू को मायके वाले गेहूं कटाई के बहाने ले गए थे और तब से वापस नहीं लौटाया। उनका कहना है कि परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समाज की पंचायत भी बुलाई गई, जिसमें काफी खर्च हुआ, फिर भी समाधान नहीं निकल सका।<br />पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि महिला को तत्काल खोजकर उसके पति और परिवार के पास सुरक्षित पहुंचाया जाए तथा यदि महिला की खरीद-फरोख्त की पुष्टि होती है तो पूरे मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है।<br />इनका कहना है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं पुनर्जीवन के लिये क्षमता वर्धन कार्यशाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="post_date">
<h6><em><strong>भोपाल :</strong></em> <span style="font-size:medium;">राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के मुख्य आतिथ्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने संबंधी दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ भोपाल में किया गया।</span></h6>
</div>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि भारत में नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का केंद्र हैं। आमजन नदियों के जल को सर्वाधिक शुद्ध एवं पवित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में डीपीआर तैयार करने संबंधी दिया जाने वाला प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए, जिससे भविष्य</span></h6>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/capacity-building-workshop-for-scientific-and-holistic-revitalization-of-betwa/article-3211"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/tn5-bhopal300626040821.jpg" alt=""></a><br /><div class="post_date">
<h6><em><strong>भोपाल :</strong></em> <span style="font-size:medium;">राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के मुख्य आतिथ्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने संबंधी दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ भोपाल में किया गया।</span></h6>
</div>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि भारत में नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का केंद्र हैं। आमजन नदियों के जल को सर्वाधिक शुद्ध एवं पवित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में डीपीआर तैयार करने संबंधी दिया जाने वाला प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए, जिससे भविष्य में तैयार होने वाली परियोजनाएँ नदी संरक्षण के उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।</span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय प्राकृतिक स्रोतों की उपयोगिता तथा उनके संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति की पूजा का मूल उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, क्योंकि नदियों </span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;"><img src="https://mpinfo.org/mpinfonew/photogallary/picture/Bhopal/Tuesday,%20June%2030,%202026/L-Bhopal300626020620.jpg" alt=""></img></span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">और वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। वृक्ष प्राकृतिक रूप से नदियों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बरसाती नालों की नियमित सफाई पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे नदियों को प्रदूषण से बचाने में प्रभावी सहायता मिलती है। उन्होंने बहुउद्देशीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं।</span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक श्री बृजेन्द्र स्वरूप ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा की सहायक नदियों, विशेष रूप से बेतवा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप नमामि गंगे मिशन कार्य कर रहा है। उन्होंने मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभों— अविरल गंगा, निर्मल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा और अर्थ गंगा—की जानकारी देते हुए इनके महत्व पर प्रकाश डाला।</span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने सभी आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला बेतवा नदी के पुनर्जीवन के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।</span></h6>
<h6 align="justify"><span style="font-size:medium;">कार्यक्रम में नमामि गंगे मिशन के निदेशक श्री धीरज जोशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय पर्यावरण विशेषज्ञ श्री सीताराम टैगोर ने किया।</span></h6>
<h6> </h6>
<h6 class="text-right"> </h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:51:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;"><em><strong>इन्दौर</strong></em> : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को इन्दौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल से अपने यात्रा का पहला पड़ाव पूर्ण कर आगे के निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हुईं। विमानतल पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय विदाई दी।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">इस दौरान मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, क्षेत्रीय सांसद श्री शंकर ललवानी, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विजय बी. नायर,</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/president-smt-draupadi-murmu-completed-the-first-leg-of-her/article-3156"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/tn5-bhopal190626022523.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;"><em><strong>इन्दौर</strong></em> : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को इन्दौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल से अपने यात्रा का पहला पड़ाव पूर्ण कर आगे के निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हुईं। विमानतल पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय विदाई दी।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">इस दौरान मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, क्षेत्रीय सांसद श्री शंकर ललवानी, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विजय बी. नायर, कमिश्नर, संभागायुक्त इन्दौर डॉ. सुदाम खाडे, पुलिस कमिश्नर इन्दौर जोन श्री संतोष सिंह सहित जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</span></p>
<p> </p>
<p class="text-right"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:49:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>आवारा कुत्तों ने नोच-नोच कर ले ली जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  बड़वानी के पाटी नाका टीन शेड में रहने वाली 35 वर्षीय लीला बाई रोजाना की तरह लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं। पति दिलीप बकावले का हाथ बंटाने और घर का चूल्हा जलाने के लिए वो रोज शाम को राजघाट रोड पर लकड़ी बीनने जाया करती थीं। लेकिन शुक्रवार की उस बदनसीब शाम को किसे पता था कि लीला बाई जिस चूल्हे को जलाने के लिए सूखी लकड़ियां तलाश रही हैं, आज उसी घर में दुखों का ऐसा पहाड़ टूटेगा कि चूल्हा हमेशा के लिए ठंडा हो जाएगा।</p>
<h6 class="wp-block-heading"><em><strong>चीखती रही महिला, नोचते रहे आदमखोर कुत्ते</strong></em></h6>
<p>रोजाना की तरह शुक्रवार शाम करीब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/-draft--add-your-title/article-3123"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/img-20260613-wa00152.jpg" alt=""></a><br /><p> बड़वानी के पाटी नाका टीन शेड में रहने वाली 35 वर्षीय लीला बाई रोजाना की तरह लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं। पति दिलीप बकावले का हाथ बंटाने और घर का चूल्हा जलाने के लिए वो रोज शाम को राजघाट रोड पर लकड़ी बीनने जाया करती थीं। लेकिन शुक्रवार की उस बदनसीब शाम को किसे पता था कि लीला बाई जिस चूल्हे को जलाने के लिए सूखी लकड़ियां तलाश रही हैं, आज उसी घर में दुखों का ऐसा पहाड़ टूटेगा कि चूल्हा हमेशा के लिए ठंडा हो जाएगा।</p>
<h6 class="wp-block-heading"><em><strong>चीखती रही महिला, नोचते रहे आदमखोर कुत्ते</strong></em></h6>
<p>रोजाना की तरह शुक्रवार शाम करीब 5 बजे लीला बाई राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के पास लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं। इसी बीच आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। अकेली बेबस महिला खुद को बचाने के लिए भागती, इससे पहले ही आदमखोर बन चुके कुत्तों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया।</p>
<p>ईंट भट्टे में काम करने वाले चश्मदीद गोलू ने बताया कि अचानक कुत्तों के भौंकने और किसी महिला के चिल्लाने की आवाज आई। चीख सुनकर गोलू उसओर दौड़ा जहां से यह आवाजा आई थी। गोलू ने पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से भगाने का प्रयास किया लेकिन जब तक कुत्ते वहां से भागते महिला गंभीर घायल हो चुकी थी। कुत्तों ने लीला बाई के हाथ, पैर, पेट और गले को बेरहमी से नोच डाला था।</p>
<h6 class="wp-block-heading"><em><strong>नगरपालिका की लापरवाही की बलि चढ़ी एक और जिंदगी</strong></em></h6>
<p>लीला बाई की इस दर्दनाक मौत ने बड़वानी नगरपालिका की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर की सड़कों और सुनसान इलाकों में घूमते ये आवारा कुत्ते अब इंसानों के लिए काल बन चुके हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश है। लोगों का पूछना है कि आखिर कब तक मासूम और बेबस लोग प्रशासन की इस अनदेखी का शिकार होते रहेंगे? क्या किसी गरीब की जिंदगी की कीमत प्रशासन की नजरों में कुछ भी नहीं है?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:34:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/for-the-second-time-in-24-hours-brutality-with-transgender/article-3107"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/tn5-bhopal090626031835.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय -- अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा।</span></p>
<p> </p>
<p class="text-right"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/mp/for-the-second-time-in-24-hours-brutality-with-transgender/article-3107</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:05:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<h6><em><strong>भोपाल </strong></em>: <span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो, इस राष्ट्रीय भावना में कुछ भी गलत नहीं है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के 3 राज्यों ने पहले ही लागू कर दिया है। हमारी सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। शीघ्र ही मध्यप्रदेश भी देश का यूसीसी लागू करने वाला राज्य बन जाएगा। इसके लिए हमने उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीति गठित कर दी है। यह समिति जिला स्तर पर सभी वर्गों से</span></h6>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/uniform-civil-code-will-soon-be-implemented-in-the-state/article-3062"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/image-(4).png" alt=""></a><br /><h6><em><strong>भोपाल </strong></em>: <span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो, इस राष्ट्रीय भावना में कुछ भी गलत नहीं है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के 3 राज्यों ने पहले ही लागू कर दिया है। हमारी सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। शीघ्र ही मध्यप्रदेश भी देश का यूसीसी लागू करने वाला राज्य बन जाएगा। इसके लिए हमने उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीति गठित कर दी है। यह समिति जिला स्तर पर सभी वर्गों से उनकी राय ले रही है।</span></h6>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय समुदाय को यूसीसी से पृथक रखा जाएगा। उन्हें अपने पारम्परिक रीति-रिवाज मानने की स्वतंत्रता होगी। गुजरात में भी इसी प्रकार का प्रावधान लागू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति योग्य है, तो सरकार जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर कार्य करती है। आज जनजातीय वर्ग से आने वाली श्रीमती द्रोपदी मुर्मु देश के राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए खुले विचार और खुले हृदय के साथ काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की चुनौती के दौर में प्रधानमंत्री डॉ. नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हमारी सरकार ने पर्यावरण और ईंधन को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदा है। अब वे ईवी से ही यात्रा करेंगे। यह पर्यावरण अनुकूल वाहन (ईवी) ईंधन के संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को भी रोकने में कारगर है।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीण आबादी को दूध उत्पादन, पशुपालन और आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए प्रयास किए गए हैं। गांव-गांव तक बिजली, पानी और सड़कों का विकास हुआ है। पिछले साल सरकार ने औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम किया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है। प्रदेश के इंडस्ट्रियल पार्कों में यूनिट्स खुल गईं और लोगों को रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस -2025) में 30 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे। इसमें से अब तक करीब 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर नजर आ रहा है। यह राज्य सरकार का बड़ी सफलता है।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में शिक्षा का विशेष महत्व है। मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर 2002-03 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल 5 थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इनमें से 7 नए मेडिकल कॉलेज तो हमने पिछले 2 साल के दौरान ही प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय खरगोन में टंट्या मामा, गुना में तात्या टोपे और सागर में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर शुरू किए गए हैं। सभी 55 जिलों में नए पीएम एक्सीलेंस कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कृषि संकाय की भी पढ़ाई कराई जा रही है। प्रदेश में नए-नए सांदीपनि विद्यालय तेजी से खोले जा रहे हैं। प्रदेश के शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव (जीआईएस) पहले केवल इंदौर तक सीमित थी। हमारी सरकार ने इसे पहली बार राजधानी (भोपाल) में आयोजित किया। इससे पहले राज्य में संभाग और जिला स्तर पर रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, कटनी जैसे स्थानों पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर अंचल की अलग-अलग विशेषता है। राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 नीतियां लागू कीं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में भारी उद्योग, लघु उद्योग और एमएसएमई में देशभर से निवेश आया। कई कारखानों में उत्पादन शुरू हो चुका है। राज्य सरकार की पहल पर प्रदेश में आई औद्योगिक क्रांति से अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर सरकार प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना आर्थिक सहायता 10 वर्ष तक देगी। अन्य श्रेणी के उद्योगों को आगे बढ़ने में भी सरकार पूरी मदद दे रही है।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी धर्म का अपमान करना हमारी संस्कृति नहीं है लेकिन अपने धर्म पर गर्व करने में क्या बुराई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान बना रहा है। अब हमारी सरकारें माननीय न्यायालयों के निर्णयों को पूरे सदभाव और शांतिपूर्ण तरीके से लागू करा रही हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण इसका श्रेष्ठ उदाहरण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विरासत से विकास का घोष वाक्य दिया है। हमारा इतिहास बहुत समृद्ध है। राजा भोज की कर्मस्थली धार में स्थापत्य कला के अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं। यहां भोजशाला परिसर में ज्ञान की देवी सरस्वती (मां वाग्देवी) की प्रतिमा को वापस लाकर स्थापित किया जाएगा। हम न्यायालय के निर्णय को लागू कराते हुए यहां विकास कार्यों को भी गति देंगे। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक पर्यटन से आर्थिक विकास को गति मिलती है और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है। भोजशाला के विकास से धार में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बहनों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को प्रोत्साहन राशि की अब तक 36 किश्तें दी जा चुकी हैं। इस योजना की शुरुआत से अब तक करीब 55 हजार करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता लाड़ली बहनों को हम दे चुके हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।</span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:47:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने गंगा दशहरा पर देवी सागर तालाब के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ किया,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="post_date">
<h6><em><strong>भोपाल</strong></em> : <span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को धार जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के देवी सागर तालाब के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ कर स्वयं श्रमदान भी किया। जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी तालाब में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा श्रमदान कर जल बचाने में जन-सहभागिता का संदेश भी दिया।</span></h6>
</div>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/chief-minister-dr-yadav-donated-labor-in-devi-sagar-pond/article-3027"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-05/inner-bhopal250526061357.jpg" alt=""></a><br /><div class="post_date">
<h6><em><strong>भोपाल</strong></em> : <span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को धार जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के देवी सागर तालाब के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ कर स्वयं श्रमदान भी किया। जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी तालाब में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा श्रमदान कर जल बचाने में जन-सहभागिता का संदेश भी दिया।</span></h6>
</div>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक अभियान है। प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से जल बचाने और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सहभागिता निभाने का आह्वान किया।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, विधायिका श्रीमती नीना विक्रम वर्मा, विधायक श्री कालू सिंह ठाकुर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">उल्लेखनीय है कि गंगा दशहरा उत्सव प्रदेशभर में एक साथ मनाया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में जल स्रोतों का पूजन किया गया तथा गंगा कलश यात्राएं भी निकाली गईं। कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।</span></p>
<p align="center"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-05/tn5-bhopal250526061040.jpg" alt="TN5-Bhopal250526061040" width="600" height="400"></img></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">देवी सागर तालाब धार के ऐतिहासिक साढ़े बारह तालाबों में से एक प्रमुख जल संरचना है। ऐतिहासिक जल प्रबंधन धार के परमार राजाओं और बाद में पवार शासकों ने जल संरक्षण की अद्भूत तकनीकों का विकास किया था। यह बरसों से धार नगर को जलापूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। धार नगर के साढ़े बारह तालाब कुशल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। देवी सागर तालाब के संरक्षण के लिए नगरीय निकाय द्वारा प्रतिवर्ष जन जागृति अभियान चलाकर सामाजिक संगठनों के सहयोग से तालाब की निरंतर सफाई कराई जाती है। इस तालाब की निर्माण योजना ऐसी थी कि अन्य ऊपरी तालाबों का अतिरिक्त पानी बहकर इस झील में आता था, जो शहर की जलापूर्ति हमेशा बनाए रखने में सहायक है। इस तालाब के किनारे ऊँची पहाड़ी पर स्थित गढ़ कालिका माता मंदिर देश भर के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। शांत और सुरम्य वातावरण के कारण यह स्थान स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण स्थल है।</span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>MP</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>भोपाल</strong></em> : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढावा मिल सकेगा।<br />समिति में मंत्री औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/formation-of-madhya-pradesh-state-traders-welfare-board-under-the/article-2995"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-05/image.png" alt=""></a><br /><p><em><strong>भोपाल</strong></em> : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढावा मिल सकेगा।<br />समिति में मंत्री औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वाणिज्यिक कर, वित्त, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, खनिज साधन, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय उर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, विमानन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन विभाग और सीईओ, राज्य नीति आयोग, क्षेत्रीय प्रमुख-भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय अधिकारी-नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, वरिष्ठ प्रबंधक-भारतीय कन्टेनर निगम, सीजीएम-नाबार्ड, शाखा प्रबंधक-ईसीजीसी, एक्जीम बैंक, क्षेत्रीय प्रमुख-एपिडा, आयुक्त-एफएसएसएआई, सीईओ-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आधिकारिक-सदस्य होंगे।<br />सीईओ-अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, संचालक-आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी को संस्था के पदेन सदस्य और राज्य प्रमुख-सीआईआई, फिक्की, फिओ, डिक्की, लघु उद्योग भारती एवं अन्य राज्य स्तरीय व्यापार समिति तथा संघ को शीर्ष चेम्बर्स से पदेन सदस्य मनोनीत किया गया है। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन, भोपाल को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।<br />अध्यक्ष की अनमुति से मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जा सकेगा। जिला स्तरीय समिति (डी.एल.सी) के गठन एवं कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य सचिव द्वारा प्रस्तावित कर समन्वय में अनुमोदन के बाद किया जायेगा। बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में 4 बार अर्थात् 3 माह में एक बार आयोजित की जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>MP</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/mp/formation-of-madhya-pradesh-state-traders-welfare-board-under-the/article-2995</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 15:54:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को रवाना किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोमनाथ हमारी प्राचीन विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ साक्षी है कि सृजन शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्ति से प्रभावी होती है। सोमनाथ की प्रत्येक ईट, भक्ति का ताप और भारत के पुनरुत्थान का गौरव कहती है। इतिहास में कई बार मंदिर को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक विध्वंस के बाद यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ। सत्रह बार आक्रमण के बाद भी शाश्वत शिव यहीं विराजते हैं। मंदिर के इतिहास में वर्ष 2026 खास महत्व रखता है। एक हजार वर्ष पहले 1026</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/chief-minister-dr-yadav-flagged-off-the-first-batch-of/article-2953"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-05/tn5-bhopal070526071405.jpg" alt=""></a><br /><p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोमनाथ हमारी प्राचीन विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ साक्षी है कि सृजन शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्ति से प्रभावी होती है। सोमनाथ की प्रत्येक ईट, भक्ति का ताप और भारत के पुनरुत्थान का गौरव कहती है। इतिहास में कई बार मंदिर को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक विध्वंस के बाद यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ। सत्रह बार आक्रमण के बाद भी शाश्वत शिव यहीं विराजते हैं। मंदिर के इतिहास में वर्ष 2026 खास महत्व रखता है। एक हजार वर्ष पहले 1026 में पहली बार मंदिर पर आक्रमण हुआ था। इसी वर्ष जनवरी में आक्रमण के ठीक एक हजार वर्ष बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ में भव्य स्वाभिमान पर्व मनाया गया। बाबा सोमनाथ की दिव्यता और भव्यता आज भी अलौकिक और अद्वितीय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' के प्रथम जत्थे को रवाना कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत निकाली जा रही है।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री को यात्रियों ने शौर्य के प्रतीक स्वरूप भेंट किया त्रिशूल</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया और कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का भी पूजन-अर्चन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर ढोल-धमाकों और डमरू की थाप पर उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर 21 नदियों का जल अर्पित करने के लिए यात्रियों को जल कलश तथा ध्वजा सौंपी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यात्रियों ने शौर्य के प्रतीक स्वरूप त्रिशूल भेंट किया। कार्यक्रम में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा के साथ श्री रविन्द्र यती, श्री राहुल कोठारी, अन्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">भगवान के जप, सत्संग, कीर्तन के साथ यात्रा रहेगी अविस्मरणीय</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;"><img src="https://www.mpinfo.org/mpinfonew/NewsImages/Bhopal/Thursday,%20May%207,%202026/Inner-Bhopal070526071406.jpg" alt=""></img></span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा आदि जिलों के तीर्थयात्रियों को लेकर यह ट्रेन, 8 मई को सोमनाथ पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन के सभी यात्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति "जियो और जीने दो'' की संस्कृति है। भगवान के जप, सत्संग, कीर्तन के साथ परस्पर स्नेह और प्रेम के वातावरण में की गई यात्रा सभी भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहेगी। हम अपने जीवन का उपयोग भाईचारे के साथ कल्याणकारी कार्यों में करें और सम्पूर्ण मानव जाति को परिवार की तरह देखते हुए जीवनयापन करें, यही भारतीय संस्कृति का मूल्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जारी सांस्कृतिक जागरण का अभियान राष्ट्रीय एकता को निरन्तर सुदृढ़ कर रहा है। भगवान श्रीराम के अयोध्या धाम और भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा के साथ ही बंगाल के कालीघाट तक सनातन संस्कृति की ध्वजा चारों तरफ लहरा रही है। गंगोत्री से गंगा सागर तक यह भाव सर्वत्र व्याप्त है।</span></p>
<p align="justify"><strong><span style="font-size:medium;">महाकाल महालोक से सुदृढ़ हो रही एकता की भावना</span></strong></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा आरंभ की गई है। इंदौर से उज्जैन, ओंकालेश्वर, महाकालेश्वर और भोपाल से ओरछा-चंदेरी तथा जबलपुर से मैहर की माता और कान्हा किसली तथा पेंच के लिए हेलिकाप्टर सेवा उपलब्ध है। राज्य सरकार ने 13 धार्मिक लोक का निर्माण कराया है। बाबा महाकाल का महालोक बनने के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। वर्तमान में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक लोग उज्जैन में दर्शन के लिए पधार रहे है। इससे होटल, ऑटो, ठेले वाले आदि सभी के व्यवसाय में वृद्धि हो रही है। महाकाल महालोक देश के विभिन्न भागों में रह रहे लोगों के मध्य आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर उपलब्ध कराकर एकता की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है, यही एकता की भावना एकात्मता में परिवर्तित हो रही है।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोगों को मिलेगा सोमनाथ मंदिर के दर्शन का लाभ</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;"><img src="https://mpinfo.org/mpinfonew/photogallary/picture/Bhopal/Thursday,%20May%207,%202026/L-Bhopal070526113420.jpg" alt=""></img></span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक महत्व के भवनों और स्थानों को वैभव प्रदान किया जा रहा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोगों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ अनेक सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा। यह यात्रा सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के संकल्प की सिद्धि का प्रयास है।</span></p>
<p align="justify"><em><strong><span style="font-size:medium;">यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा के भाव का संचार करेगी</span></strong></em></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">"मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित हो रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा के भाव का संचार करेगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:29:01 +0530</pubDate>
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                <title>वंचितों और गरीबों की खुशहाली के कार्य शिक्षित व्यक्ति का परम कर्तव्य : राज्यपाल श्री पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि समाज की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। समाज सेवा द्वारा वंचित वर्ग का व्यक्ति राज्यपाल बन सकता है। चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है। भारतीय संस्कृति के ध्येय 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के अनुसार शिक्षित व्यक्ति का परम कर्तव्य वंचितों और गरीबों की खुशहाली और उत्थान के लिए कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि आत्मविश्वासी, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी शिक्षा और प्रतिभा के द्वारा आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत बनाने में सहभागिता करें।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यपाल श्री पटेल एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/working-for-the-welfare-of-the-deprived-and-the-poor/article-2933"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-05/tn5-bhopal040526054918.jpg" alt=""></a><br /><p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि समाज की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। समाज सेवा द्वारा वंचित वर्ग का व्यक्ति राज्यपाल बन सकता है। चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है। भारतीय संस्कृति के ध्येय 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के अनुसार शिक्षित व्यक्ति का परम कर्तव्य वंचितों और गरीबों की खुशहाली और उत्थान के लिए कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि आत्मविश्वासी, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी शिक्षा और प्रतिभा के द्वारा आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत बनाने में सहभागिता करें।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यपाल श्री पटेल एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सांसद श्री रवि किशन, सांसद श्री राजीव शुक्ला, सांसद श्री देवूसिंग चौहान, फिल्म अभिनेता एवं कास्टिंग डायरेक्टर श्री मुकेश छाबड़ा, सेज समूह के चेयरमैन श्री संजीव अग्रवाल को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से विभूषित किया। फार्मेसी, विधि, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, पत्रकारिता और मेडिकल साइंस के क्षेत्र में पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका और श्री जय नारायण चौकसे की आत्मकथा पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत शपथ भावी जीवन की मार्गदर्शिका है। प्राप्त उपाधि मन, वचन और कर्म से देश, समाज और मानव जाति की सेवा करने का संकल्प है, जिसका पालन 365 दिन करना दीक्षित विद्यार्थियों का दायित्व है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति परिवर्तनकारी कदम है। नीति ने शिक्षण प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी बनाया है। उन्होंने नीति के परिप्रेक्ष्य में तकनीकी संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। विश्वविद्यालयों से पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर आधुनिक आयामों को अपनाने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाएं। शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जाए। विद्यार्थियों की सृजनात्मकता एवं नवाचार को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बनाएं। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे ए.आई., डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और हरित तकनीकों को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। विद्यार्थियों में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, समसामयिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप, उद्यमिता और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर “‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब प्रोवाइडर’” बनाने के लिए कहा है। विद्यार्थियों का अपनी प्रतिभा और चिंतन से समाज, राष्ट्र और स्वयं के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया गया।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि समारोह में दीक्षित हर विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार, नवाचार, कौशल का पुंज है। राष्ट्र के विकास के लिए उत्तरदायी है। उन्होंने कहा कि युग दृष्टा प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी की योग्यता और दायित्वबोध को पहचानते हुए विकसित भारत एट 2047 का संकल्प लिया है। संकल्प की सफलता के लिए हर युवा को सकारात्मकता, नवाचार और मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्र के लिए समर्पित होना होगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त उपाधि समाज के लिए उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की है कि मंचासीन विभूतियों की सकारात्मकता, मानवीयता और विनम्रता को आत्मसात कर राष्ट्र समाज के उत्थान में योगदान दें।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">सांसद श्री देवूसिंह चौहान ने उनके आकाशवाणी के अभियंता की सुरक्षित सेवा का त्याग कर राजनैतिक जीवन में प्रवेश की जानकारी दी। विद्यार्थियों से कहा कि निरंतर मेहनत करना ही जीवन में सफलता का आधार है। सफलता निरंतर प्रयास करने वालों को ही चुनती है।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">सांसद श्री राजीव शुक्ला ने स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि जिन्हें पदक नहीं मिले है, वह हताश नहीं हो। हुनर प्राप्त करें। उन्होंने हुनर के साथ वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का उल्लेख कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">अभिनेता अभिनेता एवं सांसद श्री रवि किशन ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन का लक्ष्य तय करें। उसके लिए निरंतर अथक प्रयास करने पर ही सफलता मिलती है। उन्होंने उनके जीवन के संघर्षों की कथा सुनाते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन एल.एन.सी.टी. समूह के चेयरमैन श्री जय नारायण चौकसे ने और आभार ज्ञापन सचिव श्री अनुपम चौकसे ने किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:02:28 +0530</pubDate>
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                <title>कतरगांव में उपार्जन केंद्र पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को खरगोन जिले में मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित गेहूँ उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधितों को निर्देशित किया कि गेहूँ उपार्जन से संबधित शासन के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं आकस्मिक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। गौरतलब है कि डॉ. यादव ने महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कतरगांव गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया और</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/mp/chief-minister-dr-yadav-suddenly-reached-the-procurement-center-built/article-2912"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/30_04_2026-mp_cm_wheat_procurement_centre_2026430_12149.jpg" alt=""></a><br /><p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को खरगोन जिले में मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित गेहूँ उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधितों को निर्देशित किया कि गेहूँ उपार्जन से संबधित शासन के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं आकस्मिक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। गौरतलब है कि डॉ. यादव ने महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था।</span></p>
<p align="justify"><span style="font-size:medium;">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कतरगांव गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया और किसानों तथा पशुपालकों से चर्चा कर उनके साथ चाय पी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहाँ स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की अन्य व्यवस्थायें और किसानों को ओटीपी के माध्यम से किये जा रहे भुगतान की जानकारी प्राप्त की। किसानों से चर्चा कर फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपार्जन के लिए आ रहे किसानों के लिए पेयजल, छाँव आदि सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अन्नदाता को सम्मान, सुविधा एवं उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र पर किसान व पशुपालक श्री भगीरथ मालवीय तथा अन्य किसानों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे खेती-किसानी सम्बंधी चर्चा कर पशुपालन व डेयरी विकास के साथ ही परिजनों के बारे में भी जानकारी ली।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 13:35:53 +0530</pubDate>
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