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                <title>उत्तर प्रदेश - Gambheer Samachar</title>
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                <description>उत्तर प्रदेश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'कांग्रेस ने कभी पूरा नहीं किया महिला आरक्षण का वादा'...- मायावती ने सपा को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस और सपा पर जातिवादी होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने हमेशा दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों के आरक्षण और अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/congress-never-fulfilled-the-promise-of-womens-reservation-mayawati/article-2876"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-(2).png" alt=""></a><br /><p>बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दोनों पार्टियों को 'जातिवादी' और 'दोहरे चरित्र' वाली बताते हुए दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को इनके बहकावे में न आने की चेतावनी दी है. मायावती ने साफ कहा कि कांग्रेस और सपा सत्ता में रहते हुए इन वर्गों का हक मारती हैं और चुनाव आते ही 'गिरगिट' की तरह रंग बदलने लगती हैं.</p>
<p><em><strong>'कांग्रेस ने हमेशा आरक्षण के साथ किया खिलवाड़'</strong></em></p>
<p>मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के दावों को महज 'दिखावा' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी, तब उसने कभी भी SC, ST और OBC का कोटा पूरा करने की नीयत नहीं दिखाई. उन्होंने कांग्रेस को दलितों और पिछड़ों के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाली पार्टी बताया.</p>
<p><em><strong>मंडल कमीशन और बसपा का संघर्ष</strong></em></p>
<p>इतिहास का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि ओबीसी समाज को मिले 27% आरक्षण को भी कांग्रेस ने लागू नहीं किया था. उन्होंने याद दिलाया कि यह बसपा के निरंतर संघर्षों का ही परिणाम था कि तत्कालीन वी.पी. सिंह सरकार को इसे लागू करना पड़ा. उन्होंने संदेश दिया कि दलितों और पिछड़ों के लिए जो काम बसपा ने लड़कर करवाए, कांग्रेस उन्हें दशकों तक लटकाए रही.</p>
<p><em><strong>सपा को घेरा- सत्ता में आते ही बदल जाता है चरित्र'</strong></em></p>
<p>मायावती के निशाने पर समाजवादी पार्टी भी रही. उन्होंने 1994 का एक वाकया याद दिलाते हुए कहा, "जब पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने की रिपोर्ट आई, तब सपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था. 1995 में जब मेरी सरकार बनी, तो हमने इसे तुरंत लागू किया. सपा सत्ता से बाहर होने पर बड़ी बातें करती है, लेकिन सरकार में आते ही इनका रवैया तिरस्कारपूर्ण हो जाता है."</p>
<p><em><strong>महिला आरक्षण और 2011 की जनगणना</strong></em></p>
<p>महिला आरक्षण बिल में हो रही देरी पर मायावती ने कहा कि यदि सरकार इसे 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करना चाहती है, तो इसमें देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने तंज कसा कि अगर आज कांग्रेस भी सत्ता में होती, तो वह भी भाजपा की तरह ही टालमटोल की राजनीति करती.</p>
<p><em><strong>दलित-मुस्लिम समाज को आत्मनिर्भर बनने की सलाह</strong></em></p>
<p>मायावती ने एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं. उन्होंने कहा कि असली मजबूती तभी आएगी जब यह समाज राजनीतिक और सामाजिक रूप से खुद अपने पैरों पर खड़ा होगा. मायावती के अनुसार, आत्मनिर्भर बनना ही इन वर्गों की समस्याओं का एकमात्र स्थाई समाधान है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/congress-never-fulfilled-the-promise-of-womens-reservation-mayawati/article-2876</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:27:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> वृंदावन में बड़ा हादसा - 30 पर्यटकों से भरा एक नाव पलटा, 10 लोगों की डूबने से मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>उत्तर प्रदेश</strong></em> : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा एक स्टीमर पलट गया। इस दुर्घटना में 10 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। सभी पर्यटक पंजाब के बताए जा रहे हैं, जो घूमने के लिए वृंदावन आए थे। जिला प्रशासन के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट के पास हुआ, केसी घाट प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगो के मुताबिक,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/a-steamer-filled-with-30-tourists-capsized/article-2831"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-(3).png" alt=""></a><br /><p><em><strong>उत्तर प्रदेश</strong></em> : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा एक स्टीमर पलट गया। इस दुर्घटना में 10 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। सभी पर्यटक पंजाब के बताए जा रहे हैं, जो घूमने के लिए वृंदावन आए थे। जिला प्रशासन के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट के पास हुआ, केसी घाट प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगो के मुताबिक, हादसे के समय तेज हवा चल रही थी। एक पर्यटक ने मीडिया को बताया कि स्टीमर नदी के बीच में अचानक असंतुलित हो गया और तेज हवा के कारण उसकी रफ्तार बढ़ गई। इसी दौरान वह पीपा पुल से टकराकर पलट गया। घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। करीब 50 स्थानीय गोताखोर सर्च ऑपरेशन में जुटे। घायलों को रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम गाजियाबाद से मौके पे पहुच चुकी है, जबकि सेना से भी मदद मांगी गई है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार जब घटना हुई उस समय हवा की रफ्तार करीब 31 किमी प्रति घंटे थी। इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:50:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा- आप इस्टीमेट मंगवाइए, खर्च सरकार करेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>ऊतर प्रदेश </em>:</strong>  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं. साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए.</p>
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<p>इस दौरान सीएम योगी ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया कि वे उच्चीकृत अस्पताल से इस्टीमेट मंगवा लें, इलाज खर्च में सरकार भरपूर आर्थिक मदद करेगी. सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/in-public-view/article-2800"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-2026-04-06t112007.426.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>ऊतर प्रदेश </em>:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं. साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए.</p>
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<p>इस दौरान सीएम योगी ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया कि वे उच्चीकृत अस्पताल से इस्टीमेट मंगवा लें, इलाज खर्च में सरकार भरपूर आर्थिक मदद करेगी. सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए. हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.</p>
<p>जनता दर्शन (CM Yogi Janta Darshan) में जाने के लिए किसी विशेष प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है. जनता दरबार में कोई भी नागरिक सीधे पहुंच सकता है और अपनी शिकायत या समस्या मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों बता सकता है. हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि लोग अपनी समस्याओं को जनसुनवाई पोर्टल (https://jansunwai.up.nic.in) पर पहले से ही ऑनलाइन दर्ज करें.</p>
<p>इससे उनकी शिकायत को पहले से रिकॉर्ड में लाया जा सकता है और जनता दरबार (CM Yogi Janta Darshan) में चर्चा के दौरान उसे प्राथमिकता से देखा जा सकता है. जनता दरबार के समय या स्थान में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल देखा जा सकता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/in-public-view/article-2800</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी ने UPPCS क्लीयर करने वाले अभ्यर्थियों को दी बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>उत्तर प्रदेश</em> : </strong>UPPSC PCS-2024 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. परीक्षा, इंटरव्यू के बाद चयन प्रक्रिया पूरी हो गई है. डिप्टी कलेक्टर, DSP, असिस्टेंट कमिश्नर पदों पर चयन हुआ है. चयन सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई है. जिसमें नेहा पांचाल ने परीक्षा में टॉप किया है. जबकि अनन्या त्रिवेदी को दूसरी रैंक मिली है. वहीं अभय प्रताप सिंह तीसरा, अनामिका मिश्रा को चौथा और नेहा सिंह को पांचवी रैंक मिली है. इस उपलब्धि के लिए सीएम योगी ने सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी है.</p>
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<p>सीएम योगी ने एक्स पर लिखा ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/cm-yogi-congratulated-the-candidates-who-cleared-uppcs/article-2781"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/image-2026-03-30t154836.910.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>उत्तर प्रदेश</em> : </strong>UPPSC PCS-2024 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. परीक्षा, इंटरव्यू के बाद चयन प्रक्रिया पूरी हो गई है. डिप्टी कलेक्टर, DSP, असिस्टेंट कमिश्नर पदों पर चयन हुआ है. चयन सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई है. जिसमें नेहा पांचाल ने परीक्षा में टॉप किया है. जबकि अनन्या त्रिवेदी को दूसरी रैंक मिली है. वहीं अभय प्रताप सिंह तीसरा, अनामिका मिश्रा को चौथा और नेहा सिंह को पांचवी रैंक मिली है. इस उपलब्धि के लिए सीएम योगी ने सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी है.</p>
<div class="lalluramjust-baat-body-code">
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<p>सीएम योगी ने एक्स पर लिखा ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा-2024 में सफल सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई. यह सफलता आपके अथक परिश्रम, अटूट लगन और दृढ़ अनुशासन की परिणति है. पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपनी प्रतिभा और निष्ठा के साथ ‘नए उत्तर प्रदेश’ के निर्माण को नई गति प्रदान करेंगे और जनसेवा को अपने आचरण का आधार बनाएंगे. इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का हार्दिक अभिनंदन. सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं.’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 16:29:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश की नाबालिग लड़की को 'किडनैप' करके कोलकाता में शादी करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : एक युवक ने 2015 में एक नाबालिग लड़की से शादी की। उसने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के खोरा कॉलोनी से नाबालिग लड़की को 'किडनैप' किया था। तभी लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न और किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। तब से 11 साल बीत चुके हैं। नाबालिग लड़की बालिग हो गई है। दंपति का एक बच्चा भी है। वह बच्चा भी स्कूल में पढ़ता है। लेकिन इतने सालों बाद भी, युवक ने पुलिस के समन का जवाब नहीं दिया। इसलिए, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोलकाता में छापा मारा। उत्तर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/allegation-of-kidnapping-a-minor-girl-from-uttar-pradesh-and/article-2727"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/img-20260323-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : एक युवक ने 2015 में एक नाबालिग लड़की से शादी की। उसने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के खोरा कॉलोनी से नाबालिग लड़की को 'किडनैप' किया था। तभी लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न और किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। तब से 11 साल बीत चुके हैं। नाबालिग लड़की बालिग हो गई है। दंपति का एक बच्चा भी है। वह बच्चा भी स्कूल में पढ़ता है। लेकिन इतने सालों बाद भी, युवक ने पुलिस के समन का जवाब नहीं दिया। इसलिए, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोलकाता में छापा मारा। उत्तर प्रदेश के खोरा पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों ने पूर्वी कोलकाता के टेंगरा में तलाशी के दौरान कोलकाता पुलिस की मदद से रंजीत सिंह नाम के 'किडनैपिंग' करने वाले पति को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने बताया कि नाबालिग लड़की उत्तर प्रदेश में रंजीत से मिली थी। युवक के गाजियाबाद के खोरा कॉलोनी इलाके की रहने वाली नाबालिग लड़की के साथ करीबी रिश्ते थे। इस वजह से युवक नाबालिग लड़की को लेकर कोलकाता भाग गया और उससे शादी कर ली। इसके बाद नाबालिग लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ खोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। रंजीत ने अपनी नाबालिग पत्नी के साथ शहर में ही उसे छिपा दिया। उस समय पुलिस ने उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद युवक ने काम करना शुरू कर दिया। इस बीच, उसकी नाबालिग पत्नी भी बालिग हो गई। दंपति का एक बच्चा भी हुआ। बच्चे का स्कूल में एडमिशन भी करा दिया गया। इसी बीच खोरा थाने की पुलिस ने रंजीत को बुलाया। लेकिन रंजीत ने कोई जवाब नहीं दिया। खोरा थाने के पुलिस अधिकारियों ने रंजीत का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। रंजीत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को साफ-साफ बताया कि वह अपने परिवार के साथ ठीक है। उसकी पत्नी अब बालिग है। इसलिए वह फिर से पुराने मामले में नहीं पड़ना चाहता। फिर पुलिस ने उसे समझाया कि चूंकि उस पर अभी भी पुराने पोक्सो मामले में नाबालिग के यौन उत्पीड़न और अपहरण के आरोप हैं, इसलिए वह कानून की नजर में अभी भी 'अपराधी' है। पुलिस ने उसे अपनी पत्नी के साथ गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर करने को कहा। अगर उसकी पत्नी कोर्ट जाकर अपनी शादीशुदा ज़िंदगी के बारे में बता दे, तो उसे छोड़ा जा सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस के सूत्रों ने बताया कि रंजीत ने कभी पुलिस को बताया कि वह महाराष्ट्र में है, तो कभी कहा कि वह दक्षिण भारत के किसी दूसरे राज्य में काम कर रहा है। वह पुलिस और कोर्ट से बचता रहा। हाल ही में खोरा थाने की पुलिस को रंजीत के मोबाइल से पता चला कि वह कोलकाता में है। पुलिस ने गाजियाबाद कोर्ट से रंजीत के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया। इसी आधार पर पुलिस ने टेंगरा में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांशीराम के मुद्दे पर गरमाई यूपी की राजनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच दलित मतों को साधने की होड़ में विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में 15 मार्च को कांशीराम की 93वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की मांग की, जिसने राज्य के सियासी पारे को बढ़ा दिया है।<br />राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/up-politics-heated-up-on-kanshi-ram-issue/article-2703"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-2.09.11-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच दलित मतों को साधने की होड़ में विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में 15 मार्च को कांशीराम की 93वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की मांग की, जिसने राज्य के सियासी पारे को बढ़ा दिया है।<br />राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दलितों के उत्थान में कांशीराम के योगदान को रेखांकित किया और उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने का आग्रह किया। हालांकि, कांग्रेस की इस पहल पर बसपा प्रमुख मायावती ने कड़ी आपत्ति जताई है। मायावती ने राहुल गांधी की मांग को बेतुका करार देते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने कांशीराम को सम्मानित क्यों नहीं किया?  उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों को दलित विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि ये दल केवल चुनावों के वक्त बहुजन नायकों को याद करते हैं।<br />मायावती ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस के पास अब अपने कोई महान नेता नहीं बचे हैं,  इसलिए वे बसपा के महापुरुषों के नाम पर वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब कांशीराम जीवित थे, तब इन्हीं पार्टियों ने उन्हें हमेशा नजरअंदाज किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि अखिलेश यादव द्वारा हर जिले में कांशीराम जयंती को पीडीए दिवस के रूप में मनाना महज एक अवसरवादी कदम है। मायावती के अनुसार, बसपा शासनकाल में कांशीराम के सम्मान में किए गए कार्यों को सपा सरकार ने ही पलटने का काम किया था। सत्ता पक्ष की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया आई है। यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस को कांशीराम की याद क्यों नहीं आई?  <br />दूसरी ओर, मायावती ने अपने समर्थकों को आगाह करते हुए कहा कि ये पार्टियां बसपा को खत्म करने की सोची-समझी रणनीति के तहत काम कर रही हैं। उन्होंने चमचा युग पुस्तक का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों के साथ जुड़े दलित नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उत्तर प्रदेश में एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांशीराम के सम्मान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने के आसार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 15:34:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी में गंगा के बीच इफ्तार पार्टी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>  <em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा नाव में बैठकर इफ्तार करने के वायरल वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। इफ्तार का वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया। वीडियो में दिख रहे सभी 14 आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>इस मामले में पुलिस को भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जयसवाल ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। वाराणसी के कोतवाली थाना पुलिस ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/iftar-party-amidst-ganga-in-varanasi/article-2696"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/img-20260317-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p> <em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा नाव में बैठकर इफ्तार करने के वायरल वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। इफ्तार का वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया। वीडियो में दिख रहे सभी 14 आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>इस मामले में पुलिस को भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जयसवाल ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। वाराणसी के कोतवाली थाना पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई है।</p>
<p>इफ्तार के बाद आरोपियों ने इसका वीडियो बनाया, जिसको सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेता ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर वीडियो की जांच पड़ताल शुरू की। </p>
<p>बताया जा रहा है कि इन सभी 14 आरोपियों द्वारा गंगा के अंदर नाव में बैठकर इफ्तार की गई थी। आरोप है कि चिकन बिरयानी खाने के बाद उसकी हड्डियां गंगा में फेंक दी गई थीं। इन सभी आरोपियों पर पवित्र गंगा को अपवित्र करने का आरोप है। साथ ही चिकन की हड्डियां गंगा में फेंकने को हिंदूओं की भावनाओं के अपमान के तौर पर देखा गया है।</p>
<p>पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। इसमें जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 295ए व अन्य और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया है। </p>
<p>शिकायतकर्ता का कहना है कि मां गंगा में सनातन धर्म को मानने वाले अनुयायियों की आस्था है। दुनियाभर से लोग मां गंगा का आशीर्वाद और पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। वहीं कुछ लोगों द्वारा उनकी गोद में इस तरह से मांस फेंकना जानबूझकर भावनाएं आहत करने का प्रयास है। इस घटना के बाद तमाम हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है। सभी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/iftar-party-amidst-ganga-in-varanasi/article-2696</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 16:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैथल में बोले यूपी के सीएम योगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>सोंगल</strong></em>: कैथल जिले के सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुट नाथ जी प्राचीन तोपस्थली पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि सोंगल की भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है। उन्होंने कहा कि मुझे इस पवित्र परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा-'मैं महंत गणेश जी महाराज की स्मृतियों की नमन करते हए पूरे नाथ संप्रदाय की ओर से विनम्र श्रद्धांजिल अर्पित करता हूं। इस पावन धऱा पर  मैं आप सभी का हृदय से अभिवादन करता हूं।'</p>
<p><em><strong>क्या बोले योगी आदित्य़नाथ?</strong></em><br />  योगी आदित्यनाथ ने कहा "...कई वर्षों के बाद, संतों</p>
<p><br />इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/up-cm-yogi-spoke-in-kaithal/article-2694"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/cvb.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>सोंगल</strong></em>: कैथल जिले के सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुट नाथ जी प्राचीन तोपस्थली पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि सोंगल की भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है। उन्होंने कहा कि मुझे इस पवित्र परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा-'मैं महंत गणेश जी महाराज की स्मृतियों की नमन करते हए पूरे नाथ संप्रदाय की ओर से विनम्र श्रद्धांजिल अर्पित करता हूं। इस पावन धऱा पर  मैं आप सभी का हृदय से अभिवादन करता हूं।'</p>
<p><em><strong>क्या बोले योगी आदित्य़नाथ?</strong></em><br /> योगी आदित्यनाथ ने कहा "...कई वर्षों के बाद, संतों और भक्तों का इतना विशाल जमावड़ा यहां सोंगल में इकट्ठा हुआ है। इस पवित्र भूमि पर, एक ऐसी भूमि जिसने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है, आज मुझे इस पवित्र भंडारे और धर्म सभाके माध्यम से, आपके दर्शन  पाने का और आपके माध्यम से, उस पवित्र परंपरा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।"</p>
<p><br />इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने सनातन का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा और कहा किजब सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो वे तुष्टीकरण करेंगी। आजादी के बाद कश्मीर की समस्या हो या नक्सलवाद की समस्या, ये समस्याएं 'इन्हीं' लोगों ने दी हैं।</p>
<p><em><strong>सोंगल का मठ क्यों है अहम?</strong></em><br />दरअसल, कैथल के सोंगल गांव में बाबा मुकुटनाथ मठ एक पुराना ऐतिहासिक स्थल है। संतों के मुताबिक सिद्ध बाबा मुकुट नाथ महंत ने ही इस गद्दी की शुरुआत की थी। बाद में देश में धर्म नाथ पंथ की सभी गद्दी यहीं से निकली थी। यहां पर बाबा मुकुट नाथ और बाबा गोरखनाथ की पूजा होती है। बताया जाता है कि सोंगल गांव से ही गोरखनाथ मठ की गद्दी भी निकली थी। गोरखनाथ पीठ पीठाधीश्वर स्वयं योगी आदित्य़नाथ हैं। इसलिए उनका यहां से विशेष लगाव है। यहां महंत मुकुट नाथ की समाधि पर माथा टेकने के लिए बड़ी तादाद में लोग आते हैं। श्रद्धालुओं के अलावा नाथ महंथ के महंत भी यहां माथा टेकने के लिए आते हैं। </p>
<p><em><strong>कितना पुराना है सोंगल मठ?</strong></em><br />इस डेरे का इतिहास 1600 से 1700 साल पुराना है। इस मठ के परिसर में 17 महंतों की समाधि बनी हुई है। माना जाता है कि यहां माथा टेकने से हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसा बताया जाता है कि मुगलकाल में गोरखनाथ मठ की गद्दी पर मुगल अत्याचार करते थे। मुगलों ने इस मठ पर कब्जा भी कर लिया था। बाद में इस मठ पर हजारों की संख्या में नाथ पंथी पहुंचे और उसे मुगलों से मुक्त कराया था। प्राचीन समय में नाथ पंथ भक्ति के अलावा धर्म की रक्षा का भी काम करता था</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/up-cm-yogi-spoke-in-kaithal/article-2694</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 16:45:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री जी के परीक्षा पर चर्चा 2026 का मनोवैज्ञानिक सारांश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>परीक्षा पर चर्चा 2026 (नवें संस्करण) पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की भाँति विद्यार्थियों से परीक्षा पर चर्चा किया उन्होंने सीधे परीक्षा तनाव पर चर्चा करने के बजाय छात्रों के जीवन व उनके क्षेत्र से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा किया जिससे छात्र उनसे सीधे जुड़ सके। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हर छात्र अव्दितीय है उनकी अपनी क्षमता, विशेषता, जीवनशैली, सोचने समझने का ढंग अलग- अलग होता है इसलिए विद्यार्थियों का परीक्षा की तैयारी का तरीका अलग-अलग हो सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी परीक्षा की तैयारी अपने ढंग से करनी चाहिए,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/psychological-summary-of-prime-ministers-discussion-on-exam-2026/article-2548"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/pariksha_pe_charcha_2021~2.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>परीक्षा पर चर्चा 2026 (नवें संस्करण) पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की भाँति विद्यार्थियों से परीक्षा पर चर्चा किया उन्होंने सीधे परीक्षा तनाव पर चर्चा करने के बजाय छात्रों के जीवन व उनके क्षेत्र से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा किया जिससे छात्र उनसे सीधे जुड़ सके। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हर छात्र अव्दितीय है उनकी अपनी क्षमता, विशेषता, जीवनशैली, सोचने समझने का ढंग अलग- अलग होता है इसलिए विद्यार्थियों का परीक्षा की तैयारी का तरीका अलग-अलग हो सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी परीक्षा की तैयारी अपने ढंग से करनी चाहिए, सभी के सुझाव को सुनना चाहिए किंतु</p>
<p>अपने तैयारी का पैटर्न अपने अनुभव के अनुसार तय करना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री जी ने कहा कि जीवन में ज्ञान एवं कौशल दोनों महत्वपूर्ण है एक के बिना दूसरे का काम चलने वाला नहीं है इसलिए अध्ययन एवं प्रशिक्षण दोनों जीवन में आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से कहा कि हमें बीते हुए कल पर नहीं बल्कि अपने वर्तमान एवं भविष्य पर अधिक फोकस करके अपने विकास की तैयारी करनी चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा की प्रश्न-पत्र उन विद्यार्थियों को ही कठिन लगता है जो पूरे पाठ्यक्रम की तैयारी न करके सिर्फ परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी करतें हैं। उन्होंने कहा कि मन को मजबूत एवं स्वस्थ रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना के शरीर को स्वास्थ्य व मजबूत रखना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन परीक्षा के लिए नहीं है बल्कि परीक्षा जीवन में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। विद्यार्थियों को *परीक्षा को बोझ व मजबूरी के रूप में न लेकर जीवन के विकास के लिए आवश्यक मानकर तैयारी करना चाहिए, जीवन में अंकों का उतना महत्वपूर्ण नहीं होता है जितना की हमारे जीवन में हमारे ज्ञान व कौशल का होता है।</p>
<p>भूलने की समस्या पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री जी ने कहा कि विद्यार्थी जितनी अधिक सलंग्नता के साथ अध्ययन करेगा भूलना उतना ही कम होगा। छात्रों को लिखकर अभ्यास करने का सलाह दिया क्योंकि लिखकर सीखी गई विषयवस्तु का विस्मरण कम होता है। विद्यार्थियों को आपस में विषय पर चर्चा करना चाहिए चर्चा के माध्यम से अधिगम मजबूत होता है तथा संप्रत्यय की समझ स्पष्ट होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चे को उनकी रुचि क्षमता के अनुसार अवसर व संसाधन उपलब्ध करायें ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।</p>
<p>प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हमें टेक्नोलॉजी को अपना हथियार बनाना चाहिए कमजोरी नहीं।</p>
<p>प्रधानमंत्री जी ने शिक्षकों को संदेश दिया है छात्रों को प्रश्न पत्र का अभ्यास पर बल देने के बजाय संपूर्ण पाठ्यक्रम को पढ़ने पर जोर देना चाहिए ताकि परीक्षा में कहीं से भी प्रश्न आए तो विद्यार्थी आसानी से हल कर सके।</p>
<p>प्रधानमंत्री जी ने कहा कि *समय व्यवस्थापन जीवन की हर अवस्था में महत्वपूर्ण होता है* छात्र जीवन में यह अधिक महत्वपूर्ण होता है क्योंकि समय व्यवस्थापन से न केवल श्रम व ऊर्जा की बचत होती है बल्कि सुव्यवस्थित विकास होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह घर के सदस्यों से भी परीक्षा पर चर्चा करके परीक्षा तनाव को प्रबंध करें। परीक्षा हाल में तनाव अधिक होने पर लंबी गहरी सांस लेना अत्यंत लाभदायक होता है। विद्यार्थी को महान लोगों की जीवनी पढ़नी चाहिए तथा उसे अपने आप को जोड़ना चाहिए* इससे निराशा एवं हताशा कम होती है परीक्षा की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी, राष्ट्र प्रेम, जीवनशैली, विकसित भारत, स्वच्छता अभियान, अपने कर्तव्यों का पालन करने तथा तकनीकी के सही उपयोग पर भी बल दिया।</p>
<p> </p>
<p>डॉ मनोज कुमार तिवारी.</p>
<p>वरिष्ठ परामर्शदाता</p>
<p>एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/psychological-summary-of-prime-ministers-discussion-on-exam-2026/article-2548</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 18:16:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में मौत का तांडव और हत्यारे पतंगबाज़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>लखनऊ</strong></em> : लखनऊ के सर्द मौसम में सूर्योदय के साथ ही आसमान में पतंगों की सरसराहट और घरों की छतों व मैदानों में पतंगबाज़ों की चिल्ल-पों की आवाज़ आम बात है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पट जाता है। लेकिन इस उत्साह के बीच खतरा भी छिपा था। बरेली से लेकर लखनऊ तक चीनी मांझे और लोहे के कटीले तारों से पतंग उड़ाने वाले कब किसी राहगीर या फिर घर के आंगन में बैठे व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो जाएं, कोई नहीं जानता।जब पतंग कटती है तो यह मांझा सड़क या पुल से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक के गले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/orgy-of-death-and-killer-kite-flyers-in-lucknow/article-2508"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/1200-675-23169517-thumbnail-16x9-news.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>लखनऊ</strong></em> : लखनऊ के सर्द मौसम में सूर्योदय के साथ ही आसमान में पतंगों की सरसराहट और घरों की छतों व मैदानों में पतंगबाज़ों की चिल्ल-पों की आवाज़ आम बात है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पट जाता है। लेकिन इस उत्साह के बीच खतरा भी छिपा था। बरेली से लेकर लखनऊ तक चीनी मांझे और लोहे के कटीले तारों से पतंग उड़ाने वाले कब किसी राहगीर या फिर घर के आंगन में बैठे व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो जाएं, कोई नहीं जानता।जब पतंग कटती है तो यह मांझा सड़क या पुल से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक के गले में आकर इस तरह फंस जाता है कि उसे अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है। दरअसल, यह चीनी मांझा बाहर से चमकदार लगता है, लेकिन इसकी धार जानलेवा होती है।योगी सरकार अब इस चीनी मांझे के गले में फंसकर वाहन चालक की मौत को हत्या की श्रेणी में शामिल करने जा रही है, मगर सवाल वही है इन्हें रोका कैसे जाए?</p>
<p>शहर के एक कोने में रहने वाले युवक शोएब (28) की मौत इसी खतरे की गवाह बनी। लखनऊ के हैदरगंज इलाके में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की चाइनीज मांझे से गला कटने से मौत हो गई। बीती 11 जनवरी को शाहजहांपुर में सिपाही शाहरुख की भी इसी तरह चाइनीज मांझे से घायल होने के बाद मौत किसी से छिपी नहीं है।शोएब अपने दोपहिया वाहन से पुल से गुजर रहा था, तभी चीनी मांझा उसकी गर्दन में आकर फंस गया। कुछ ही देर में गर्दन कटने से शोएब की मौत हो गई। यह पहली बार नहीं हुआ। लखनऊ में चीनी मांझा अक्सर किसी की मौत का तो किसी को घायल करने की वजह बनता रहा है।सबसे दुखद यह है कि यह पतंगबाज़ कोई छोटे बच्चे नहीं होते। अक्सर युवा और 40–45 साल के लोग भी चीनी मांझे से पतंगबाजी करते हैं, यह जानते हुए भी कि यह किसी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए ऐसे पतंगबाज़ों को हत्यारा कहना गलत नहीं होगा।</p>
<p>युवा शोएब की मौत पर डॉक्टरों ने बताया कि मांझा ग्लास के टुकड़ों से बना था, जो धमनियों को काट देता है और यही मौत का कारण बनता है। ऐसी घटनाएं यूपी के कई जिलों में हो रही हैं। बरेली के कारखानों में बड़े पैमाने पर यह मांझा बनता है। कच्चे माल में चीनी पाउडर और कांच मिलाया जाता है। लखनऊ के बाजारों में यह सस्ते दाम पर बिकता है। पतंगबाज़ शर्तों के चक्कर में इसे चुनते हैं। ऊंची छतों या खुले मैदानों से उड़ाते हैं।पुलिस को मुखबिरों की जरूरत है। वे बताएं कि कौन सा इलाका खतरे में है। पतंग उड़ते ही छापा मारें और मांझा जब्त करें। योगी सरकार की सख्ती से कई दुकानें बंद हुईं, लेकिन कारखाने अभी भी चल रहे हैं। सरकार को नियम बनाना चाहिए कि मांझे की चरखी पर मांझा बनाने वाली कंपनी का नाम और पता जरूर छपा हो।चूंकि 12 जुलाई 2017 को ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था। एनजीटी के जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बेंच ने पूरे देश में सभी तरह के सिंथेटिक और नायलॉन से बने मांझे पर पूरी तरह बैन लगाने का आदेश दिया था। यह आदेश अगस्त 2016 में पेटा द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद आया था।</p>
<p>आदेश के पालन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी, लेकिन जिस तरह यह मांझा आज भी आसानी से उपलब्ध है, उससे स्पष्ट है कि आदेश का पालन कराने के लिए कोई निगरानी तंत्र विकसित नहीं किया गया। यहां यह बताना जरूरी है कि एनजीटी के आदेश अदालत के आदेश की तरह होते हैं, जो कानूनन बाध्यकारी हैं। आदेशों का पालन नहीं करने पर तीन वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।सवाल यह है कि चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? इस पर जिला प्रशासन का कहना है कि इसके लिए ट्रेड टैक्स विभाग जिम्मेदार है, जो प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और उपयोग की निगरानी करता है। ट्रेड टैक्स विभाग को इस बारे में निर्देश हैं। पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है।चूंकि कई अवसरों पर लखनऊ में पतंगबाज़ी की परंपरा है, इसलिए लोगों से अपील भी की जाती है कि वे पूरे उत्साह से पर्व मनाएं, लेकिन चाइनीज मांझे का प्रयोग न करें।</p>
<p>लखनऊ के पुराने इलाकों में क्रिकेट मैच पर सट्टेबाजी की तरह ही पतंगबाजी में भी सट्टा लगाया जाता है। चौक, बाजार वाला, सहादतगंज, ठाकुरगंज और फैजुल्लागंज के आसपास खुले मैदानों और छतों पर टीम बनाकर पतंगबाजी होती है और पांच से 25 हजार रुपये तक की बोली लगती है। पतंगबाज़ी खत्म होने के बाद हार-जीत के अनुसार रकम का बंटवारा किया जाता है। पतंगबाज़ी की आड़ में लाखों रुपये का खेल चल रहा है, जो बेगुनाहों की मौत की वजह भी बन रहा है।मांझा इतना तेज होता है कि कई बार पतंगबाज़ों की उंगलियां भी कट जाती हैं। लखनऊ के कुण्डरी रकाबगंज क्षेत्र में रहने वाले पतंगबाज़ संदीप कश्यप का कहना है कि पतंगबाज़ों द्वारा मानवर, लच्छेदार, तौकिया, दो पन्नी चरखानिया, आड़ी, मझोली, सवातीन, पौना व गेंददार जैसी सदियों पुरानी पतंगों को चाइनीज मांझे से उड़ाकर परंपरा को बदनाम किया जा रहा है। पहले ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं, लेकिन अब आए दिन हादसे हो रहे हैं।</p>
<p>चीनी मांझा ही नहीं, लखनऊ में लोहे के पतले तार से बंधी पतंगें भी कम खतरनाक नहीं हैं। ये तार बिजली के तारों से टकराते हैं तो करंट उतर आता है। एक बार नवाबगंज में ऐसा ही हुआ। युवक की पतंग तार में फंसी और करंट ने उसे झुलसा दिया। अस्पताल पहुंचने पर उसकी जान मुश्किल से बची। ये तार बाजारों में आसानी से मिल जाते हैं। पतंगबाज़ इन्हें मजबूत मानते हैं, लेकिन ये भी मौत बांटते हैं।सरकार को अब इच्छाशक्ति दिखानी होगी। पतंग उत्सव के दिनों में ड्रोन से निगरानी करनी होगी। मुखबिरों का जाल बिछाना होगा। स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित मांझे के इस्तेमाल के बारे में बताना होगा और बाजारों पर सख्त नजर रखनी होगी।</p>
<p>संजय सक्सेना,लखनऊ<br />वरिष्ठ पत्रकार</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:39:27 +0530</pubDate>
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                <title>माघ मेला: संगम तट पर श्रद्धा का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : यहां हुए महाकुंभ के भव्य आयोजन के पश्चात पहले माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। आस्था और श्रद्धा के इस पावन पर्व पर देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े हैं। मेले के पहले ही दिन जनसैलाब का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह आठ बजे तक ही लगभग 6.5 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर लिया था। विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा और प्रमुख आध्यात्मिक गुरु अपने अनुयायियों के साथ संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में किन्नर अखाड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/magh-mela-flood-of-devotees-on-sangam-banks/article-2340"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-01/img-20260103-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : यहां हुए महाकुंभ के भव्य आयोजन के पश्चात पहले माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। आस्था और श्रद्धा के इस पावन पर्व पर देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े हैं। मेले के पहले ही दिन जनसैलाब का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह आठ बजे तक ही लगभग 6.5 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर लिया था। विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा और प्रमुख आध्यात्मिक गुरु अपने अनुयायियों के साथ संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी ने भी अपने शिष्यों के साथ स्नान किया। संगम की रेती पर लाखों कल्पवासी और संन्यासी पहले ही डेरा डाल चुके हैं, जहाँ वे एक माह तक कठिन जप-तप और साधना में लीन रहेंगे। प्रशासनिक अनुमानों के अनुसार, मेले के शुरुआती चरण में ही करीब 15 लाख लोग क्षेत्र में पहुँच चुके हैं।</p>
<p>इस वर्ष माघ मेले को महाकुंभ की तर्ज पर ही आधुनिक और सुविधाजनक बनाया गया है। पहली बार इस मेले का अपना एक विशिष्ट लोगो जारी किया गया है, जो इसकी अलग पहचान को दर्शाता है। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए प्रशासन ने निजी कंपनियों के सहयोग से बाइक सेवा की शुरुआत की है, जिससे लोग संगम के निकटतम बिंदु तक आसानी से पहुँच सकेंगे। तकनीक का लाभ उठाते हुए बिजली के खंभों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। यदि किसी श्रद्धालु को कोई समस्या होती है, तो वे इसे स्कैन कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई का दावा किया गया है। साथ ही, मेले में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मोबाइल कंपनियों के साथ समन्वय किया गया है ताकि डिजिटल मेले की संकल्पना साकार हो सके। पर्यटन और रोमांच को बढ़ावा देने के लिए इस बार हेलीकॉप्टर सेवा और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा, सांस्कृतिक संध्याओं के लिए विख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने अभेद्य व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए 10 चक्रों का एक विशेष घेरा तैयार किया गया है, जो समय और भीड़ के दबाव के अनुसार लागू किया जाएगा। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। जल पुलिस, वॉच टावर और नियंत्रण कक्षों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट ने विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि शहर और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा न हो। संतों के शिविरों में कथा, भजन और प्रवचनों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जिससे पूरी रेती आध्यात्मिक ऊर्ज से सराबोर नजर आ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 20:26:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश बना विश्व पर्यटन का बड़ा केंद्र, अयोध्या और काशी ने तोड़े सभी रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>  निज संवाददाता</strong></em> : वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन के चलते आज उत्तर प्रदेश न केवल भारत का, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है। अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता और काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं की संख्या में वह ऐतिहासिक उछाल लाया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन मानी जाती थी। इन आध्यात्मिक केंद्रों के कायाकल्प ने प्रदेश की पहचान को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई दी है।</p>
<p>पर्यटन विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/uttar-pradesh/uttar-pradesh-became-a-big-center-of-world-tourism-ayodhya/article-2274"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-12/img-20251226-wa0004.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong> निज संवाददाता</strong></em> : वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन के चलते आज उत्तर प्रदेश न केवल भारत का, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है। अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता और काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं की संख्या में वह ऐतिहासिक उछाल लाया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन मानी जाती थी। इन आध्यात्मिक केंद्रों के कायाकल्प ने प्रदेश की पहचान को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई दी है।</p>
<p>पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। 2025 में उत्तर प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शनार्थियों की संख्या अब करोड़ों में पहुंच गई है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक नई संजीवनी साबित हो रही है। पर्यटकों की इस भारी आमद ने स्थानीय व्यापार और सेवाओं को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। अयोध्या अब दुनिया की नई आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित हो चुकी है। रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यहां न केवल देश के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हाई-टेक रेलवे स्टेशन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और चौड़ी सड़कों के जाल ने श्रद्धालुओं की राह बेहद आसान कर दी है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद बनारस में आस्था का नया उत्साह दिख रहा है। गंगा आरती से लेकर दिव्य घाटों तक, हर जगह भक्तों का रेला लगा रहता है। वहीं, मथुरा-वृंदावन में बांके बिहारी कॉरिडोर और ब्रज क्षेत्र के विकास कार्यों ने स्थानीय रोजगार को नए पंख लगा दिए हैं। पर्यटन में इस ऐतिहासिक वृद्धि का मुख्य आधार प्रदेश का आधुनिक बुनियादी ढांचा है। नए एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डों ने यात्रा का समय आधा कर दिया है, जिससे दूर-दराज के लोग भी सुगमता से पहुंच रहे हैं। तीर्थस्थलों पर ठहरने की उत्तम व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों ने पर्यटकों का भरोसा जीता है। साथ ही, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जैसी डिजिटल व्यवस्था ने भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया है। धार्मिक पर्यटन का यह उभार उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को पूरा करने का सबसे बड़ा इंजन बन गया है, जिससे होटल, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 18:44:48 +0530</pubDate>
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