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                <title>बिहार - Gambheer Samachar</title>
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                <title>बिहार में लगेगा जनता दरबार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुनेंगे आपकी शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  <em><strong>बिहार :</strong></em> बिहार की राजनीति में एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की परंपरा लौटती नजर आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तर्ज पर “जनता दरबार” कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस पहल को सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।<br />दरअसल, नीतीश कुमार के कार्यकाल में “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इस मंच के जरिए आम लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते थे और मौके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/janata-darbar-will-be-held-again-in-bihar-now-cm/article-2868"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-(1).png" alt=""></a><br /><p> <em><strong>बिहार :</strong></em> बिहार की राजनीति में एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की परंपरा लौटती नजर आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तर्ज पर “जनता दरबार” कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस पहल को सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।<br />दरअसल, नीतीश कुमार के कार्यकाल में “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इस मंच के जरिए आम लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते थे और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहते थे। इससे शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो पाता था और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ती थी। हालांकि कुछ निजी वजहों से इस कार्यक्रम को रोक दिया गया था। लेकिन अब सरकार बदली है तो इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। अब सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही उन्होंने जनता दरबार लगाने का फैसला किया है। <br />मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसी मॉडल को अपनाते हुए जनता दरबार लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गुरुवार को उन्होंने सचिवालय पहुंचकर उस स्थान का निरीक्षण भी किया, जहां पहले जनता दरबार का आयोजन होता था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि कार्यक्रम को फिर से शुरू करने में किन-किन व्यवस्थाओं की जरूरत होगी और इसे किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है।<br />सरकार का मानना है कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिससे न सिर्फ उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान होगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी जवाबदेही तय होगी। खास बात यह है कि इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जा सके।<br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम जनता के बीच सरकार की पकड़ मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है। साथ ही इससे मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा कि सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर है।<br />हालांकि, जनता दरबार को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं का मजबूत होना जरूरी है। भीड़ नियंत्रण, शिकायतों की सही तरीके से रिकॉर्डिंग और उनका समयबद्ध समाधान—ये सभी पहलू महत्वपूर्ण होंगे। अगर इन बिंदुओं पर ध्यान दिया गया, तो यह पहल राज्य में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।<br />फिलहाल यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में एक बार फिर जनता दरबार की शुरुआत होने जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि सम्राट चौधरी इस पहल को किस तरह से लागू करते हैं और यह जनता के लिए कितना प्रभावी साबित होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:03:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>बिहार में नया सीएम चुनने की कवायद तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>बिहार</em> : </strong>बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? मंगलवार 14 अप्रैल को तय हो जाएगा। नए सीएम को चुनने के लिए बीजेपी और जेडीयू ने कल विधायक दल की बैठक बुला ली है। बीजेपी विधायक दल की बैठक मंगलवार को दोपहर 2 बजे बीजेपी कार्यालय में होगी जबकि उसी दिन जेडीयू विधायक दल की बैठक 12.30 बजे सीएम हाउस में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव होगा।</p>
<p>दरअसल, बिहार की सियासत में नए मुख्यमंत्री और नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दल की बैठक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/effort-to-elect-new-cm-intensifies-in-bihar/article-2849"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-(9)1.png" alt=""></a><br /><p><strong><em>बिहार</em> : </strong>बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? मंगलवार 14 अप्रैल को तय हो जाएगा। नए सीएम को चुनने के लिए बीजेपी और जेडीयू ने कल विधायक दल की बैठक बुला ली है। बीजेपी विधायक दल की बैठक मंगलवार को दोपहर 2 बजे बीजेपी कार्यालय में होगी जबकि उसी दिन जेडीयू विधायक दल की बैठक 12.30 बजे सीएम हाउस में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव होगा।</p>
<p>दरअसल, बिहार की सियासत में नए मुख्यमंत्री और नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दल की बैठक की तारीख तय हो गई है, जिससे राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, राजधानी पटना में 14 अप्रैल को BJP विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। मंगलवार को दोपहर 2 बजे बीजेपी कार्यालय में बैठक आयोजित होगी। बैठक के लिए BJP संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।</p>
<p>बैठक में पार्टी के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। विधायक दल के नेता का चयन सर्वसम्मति से किए जाने की संभावना है, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की सहमति से ही लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका भी अहम रहेगी। पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 14 अप्रैल की इस बैठक पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं।</p>
<p>उधर, जेडीयू में भी बैठकों का दौर जारी है। बीजेपी के साथ साथ जेडीयू ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई है। कल 12.30 बजे जेडीयू विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना जाएगा। सियासत में इस बात की चर्चा है कि जेडीयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और विजय कुमार चौधरी नई सरकार में डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसके बाद शाम पांच बचे एनडीए की बैठक होगी, जिसमें नए सीएम के नाम पर मुहर लग जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:34:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>अब पटना में भी दिखेगी काशी जैसी भव्यता… और घाटों पर होगी गंगा आरती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अगर आप वाराणसी या हरिद्वार जैसी गंगा आरती का अनुभव लेना चाहते हैं, तो अब इसके लिए बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पटना में भी अब उसी भव्यता के साथ गंगा आरती शुरू होने जा रही है, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।</p>
<p>बिहार सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। योजना के तहत गंगा किनारे बसे प्रमुख शहरों में वाराणसी की तर्ज पर “महाआरती” का आयोजन कराया जाएगा। इसकी शुरुआत राजधानी पटना से होने जा रही है, जहां दो प्रमुख घाटों को पहले चरण में चुना गया है।</p>
<p><em><strong>इन</strong></em></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/religion-culture/now-kashi-like-grandeur-will-be-seen-in-patna-too%E2%80%A6-and/article-2840"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/coverimagef04f7014031648f5a6104e241c5efd5d1955.jpg" alt=""></a><br /><p>अगर आप वाराणसी या हरिद्वार जैसी गंगा आरती का अनुभव लेना चाहते हैं, तो अब इसके लिए बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पटना में भी अब उसी भव्यता के साथ गंगा आरती शुरू होने जा रही है, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।</p>
<p>बिहार सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। योजना के तहत गंगा किनारे बसे प्रमुख शहरों में वाराणसी की तर्ज पर “महाआरती” का आयोजन कराया जाएगा। इसकी शुरुआत राजधानी पटना से होने जा रही है, जहां दो प्रमुख घाटों को पहले चरण में चुना गया है।</p>
<p><em><strong>इन घाटों से होगी शुरुआत</strong></em></p>
<p>पहले चरण में पटना के मितन घाट और पर्यटन घाट दीघा पर गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों घाटों को खास तौर पर विकसित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक भव्य अनुभव मिल सके। गंगा आरती के आयोजन के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। निजी कंपनियों और उद्यमियों को घाट की सजावट, पूजा सामग्री और अनुभवी पंडितों की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जाएगी।</p>
<p><em><strong>जानिए किस दिन कहां होगी आरती</strong></em></p>
<p>पटना के अलग-अलग घाटों पर गंगा आरती का साप्ताहिक शेड्यूल भी तय कर लिया गया है।</p>
<p>मीनार घाट पर हर गुरुवार और शुक्रवार को महाआरती होगी</p>
<p>कंगन घाट पर हर मंगलवार को गंगा आरती आयोजित की जाएगी</p>
<p>सीढ़ी घाट बख्तियारपुर पर पहले से ही साप्ताहिक आरती जारी है</p>
<p>इस शेड्यूल के जरिए अलग-अलग दिनों में लोग अलग-अलग घाटों पर जाकर आरती का आनंद ले सकेंगे।</p>
<p><em><strong>दीघा घाट को बनाया जा रहा है बड़ा टूरिस्ट स्पॉट</strong></em></p>
<p>दीघा पाटी पुल घाट को खास तौर पर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए सरकार सौंदर्यीकरण पर जोर दे रही है। घाट पर पक्के निर्माण कार्य के साथ-साथ बड़े स्तर पर पौधारोपण भी किया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले लोगों को साफ-सुथरा और आकर्षक वातावरण मिल सके। आने वाले समय में यह घाट पटना का एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।</p>
<p><em><strong>पटना में पहले भी होती रही है गंगा आरती</strong></em></p>
<p>गंगा आरती की परंपरा पटना में नई नहीं है। गांधी घाट पर साल 2011 से गंगा आरती आयोजित की जा रही है। यहां हर शनिवार और रविवार को भव्य आरती होती थी, जिसमें 51 दीपों के साथ भगवा वस्त्रधारी पुरोहित शंखनाद के बीच पूजा करते थे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक वहां पहुंचते थे। अब इसी परंपरा को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।</p>
<p><em><strong>अब कई शहरों तक पहुंचेगी भव्य आरती</strong></em></p>
<p>पटना के बाद इस योजना को बक्सर, भागलपुर समेत अन्य शहरों तक भी ले जाया जाएगा। इसका मकसद सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के घाट भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों की तरह विकसित हों, जहां लोग दूर-दूर से आकर इस भव्य आरती का हिस्सा बन सकें।</p>
<p>अब अगर आप भी गंगा किनारे बैठकर दीपों की रोशनी, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच आध्यात्मिक माहौल महसूस करना चाहते हैं, तो पटना के ये घाट आपका इंतजार कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:08:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिहार में नई सरकार का गठन कब?</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीतिक में बड़ा सवाल यह है कि आखिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कब देंगे? ऐसा इसलिए भी क्योंकि उनके इस्तीफा देने के बाद ही बिहार में नई सरकार का गठन हो पाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/nitish-kumar-will-take-oath-as-rajya-sabha-member-on/article-2802"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/cm-nitish-kumar.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने को लेकर नया अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे, इसी दिन अन्य सदस्यों की भी शपथ होनी है। इसके लिए नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। बता दें कि शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्री पद से 13 अप्रैल के बाद इस्तीफा दे सकते हैं।</p>
<p><em><strong>बिहार में नई सरकार का गठन कब?</strong></em><br />वहीं, बिहार की राजनीतिक में ये एक बड़ा सवाल है कि आखिर नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कब देंगे? ऐसा इसलिए भी क्योंकि उनके इस्तीफा देने के बाद ही बिहार में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता साफ हो पाएगा। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को खरमास के समाप्त होने के बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा।</p>
<p>जेडीयू सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा की शपथ लेने के बाद ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। 10 अप्रैल को शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार अगले दिन पटना जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।  </p>
<p><em><strong>नीतीश कुमार की Z+ सिक्योरिटी को लेकर बड़ा फैसला </strong></em><br />वहीं, आपको बता दें कि बिहार की राजनीति में हो रहे बदलावों के बीच नीतीश कुमार की सिक्योरिटी को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। गृह विभाग की विशेष शाखा ने इससे जुड़ा आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा अनुमान्य है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:55:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार दिवस के अवसर पर शीर्ष नेताओं ने शुभकामना दिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>नई दिल्ली</strong></em> : बिहार दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इसके गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई प्रमुख नेताओं ने अपने संदेशों में बिहार की ऐतिहासिक विरासत और विकास की संभावनाओं को रेखांकित किया।</p>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि बिहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने इसे विश्व के प्रथम गणराज्य की भूमि बताते हुए कहा कि इस प्रदेश ने प्राचीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/on-the-occasion-of-bihar-day/article-2726"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/img_20260322_181145.png" alt=""></a><br /><p><em><strong>नई दिल्ली</strong></em> : बिहार दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इसके गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई प्रमुख नेताओं ने अपने संदेशों में बिहार की ऐतिहासिक विरासत और विकास की संभावनाओं को रेखांकित किया।</p>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि बिहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने इसे विश्व के प्रथम गणराज्य की भूमि बताते हुए कहा कि इस प्रदेश ने प्राचीन काल से ही महान सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक परंपराओं को जन्म दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार के लोग अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि आज बिहार विकास के नए अध्याय लिखने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा जताया कि राज्य के ऊर्जावान और कर्मठ लोग विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम योगदान देंगे।</p>
<p>वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संदेश में बिहार के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य अपने संकल्प और प्रयासों से एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए मिलकर काम करें और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।इसके अलावा, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी बिहार स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर राज्य के इतिहास, संस्कृति और विकास के संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने सभी नागरिकों से आत्मनिर्भर और सशक्त बिहार के निर्माण में योगदान देने की अपील की। बिहार दिवस के इस अवसर पर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल देखा गया और लोगों ने अपने-अपने तरीके से इस दिन को मनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 18:27:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में LPG गैस की किल्लत में निकाला गजब जुगाड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार के गया जिले के बतसपुर गांव में लोग देशव्यापी LPG संकट से अछूते हैं। यहां गोबर गैस प्लांट से बायोगैस बनाकर 40-50 घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाई जाती है।</p>
<p><em><strong>प्लांट की व्यवस्था</strong></em><br />यह प्लांट लोहिया स्वच्छ अभियान और गोबरधन योजना के तहत चार साल पहले शुरू हुआ। ग्रामीण गोबर देकर मुफ्त गैस पाते हैं, जबकि अन्य से मात्र 25 रुपये प्रति यूनिट वसूला जाता है। हर घर पर मीटर लगा है जो खपत मापता है।</p>
<p><em><strong>ग्रामीणों के अनुभव</strong></em><br />महिलाएं बताती हैं कि गोबर गैस तेज आंच देती है और 30 मिनट में खाना तैयार हो जाता है, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/there-is-shortage-of-lpg-in-the-country-but-people/article-2695"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/1200-675-26236196-thumbnail-16x9-biogas.jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार के गया जिले के बतसपुर गांव में लोग देशव्यापी LPG संकट से अछूते हैं। यहां गोबर गैस प्लांट से बायोगैस बनाकर 40-50 घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाई जाती है।</p>
<p><em><strong>प्लांट की व्यवस्था</strong></em><br />यह प्लांट लोहिया स्वच्छ अभियान और गोबरधन योजना के तहत चार साल पहले शुरू हुआ। ग्रामीण गोबर देकर मुफ्त गैस पाते हैं, जबकि अन्य से मात्र 25 रुपये प्रति यूनिट वसूला जाता है। हर घर पर मीटर लगा है जो खपत मापता है।</p>
<p><em><strong>ग्रामीणों के अनुभव</strong></em><br />महिलाएं बताती हैं कि गोबर गैस तेज आंच देती है और 30 मिनट में खाना तैयार हो जाता है, जो लकड़ी के चूल्हे जैसा स्वादिष्ट होता है। इससे धुआं कम हुआ और गांव स्वच्छ बना। मुखिया ईश्वर मांझी इसे आत्मनिर्भरता की मिसाल मानते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 17:05:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार, अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है,</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार, अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें बोधगया (महाबोधि मंदिर), राजगीर (गर्म पानी के कुंड), नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष, पटना (गांधी मैदान, महावीर मंदिर) और वैशाली प्रमुख हैं। ये स्थान बौद्ध, जैन, सूफी और सिख धर्मों का संगम हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।</p>
<p><br />बोधगया: बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक, जहाँ महाबोधि मंदिर और बोधि वृक्ष स्थित है।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/download-(1).jpg" alt="download (1)" width="275" height="183" /><br />राजगीर: यहाँ प्राचीन गुफाएं, गर्म पानी के कुंड (सप्तकर्णी गुफा), और विश्व शांति स्तूप आकर्षण के केंद्र हैं।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/sds.jpg" alt="sds" width="639" height="361" /><br />नालंदा : यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जहाँ दुनिया का सबसे पुराना नालंदा विश्वविद्यालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/6995995b5d3b7/article-2584"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/download-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार, अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें बोधगया (महाबोधि मंदिर), राजगीर (गर्म पानी के कुंड), नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष, पटना (गांधी मैदान, महावीर मंदिर) और वैशाली प्रमुख हैं। ये स्थान बौद्ध, जैन, सूफी और सिख धर्मों का संगम हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।</p>
<p><br />बोधगया: बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक, जहाँ महाबोधि मंदिर और बोधि वृक्ष स्थित है।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/download-(1).jpg" alt="download (1)" width="275" height="183"></img><br />राजगीर: यहाँ प्राचीन गुफाएं, गर्म पानी के कुंड (सप्तकर्णी गुफा), और विश्व शांति स्तूप आकर्षण के केंद्र हैं।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/sds.jpg" alt="sds" width="639" height="361"></img><br />नालंदा : यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जहाँ दुनिया का सबसे पुराना नालंदा विश्वविद्यालय स्थित है।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/images-(3).jpg" alt="images (3)" width="283" height="178"></img><br />पटना : बिहार की राजधानी, पटना साहिब गुरुद्वारा, गोलघर, संग्रहालय और पटना चिड़ियाघर के लिए प्रसिद्ध है।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/images-(4).jpg" alt="images (4)" width="310" height="162"></img><br />वैशाली : भगवान महावीर की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध से जुड़ा ऐतिहासिक स्थान।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/download-(2).jpg" alt="download (2)" width="275" height="183"></img><br />वाल्मीकिनगर : पश्चिमी चंपारण में स्थित बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/sg.jpg" alt="sg" width="900" height="600"></img><br />मधुबनी : अपनी प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग और लोक कला के लिए जाना जाता है।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/madhubani-painting-1024x683.png" alt="madhubani-painting-1024x683" width="1024" height="683"></img><br />भागलपुर : गंगा किनारे स्थित सिल्क सिटी और ऐतिहासिक शहर।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/download-(3).jpg" alt="download (3)" width="300" height="168"></img><br />कैमूर और रोहतास: दुर्गावती डैम, शेरगढ़ किला और मुंडेश्वरी देवी मंदिर (प्राकृतिक सौंदर्य)।</p>
<p><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/2026-02/images-(5).jpg" alt="images (5)" width="259" height="194"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 16:37:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया एक महत्वपूर्ण फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब अमृत भारत ट्रेनों और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में भी इमरजेंसी कोटा लागू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, खास परिस्थितियों में यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ सीटें सुरक्षित रखी जाएंगी, जिससे अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर राहत मिल सके।</p>
<p><em><strong>अमृत भारत ट्रेनों में 24 बर्थ रिजर्व</strong></em></p>
<p>रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार, जिन अमृत भारत ट्रेनों में सात या उससे अधिक स्लीपर क्लास के कोच होंगे, उनमें 24 बर्थ इमरजेंसी कोटा के तहत अलग रखी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/indian-railways-has-taken-an-important-decision-keeping-in-mind/article-2537"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/image-(6).png" alt=""></a><br /><p>भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब अमृत भारत ट्रेनों और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में भी इमरजेंसी कोटा लागू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, खास परिस्थितियों में यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ सीटें सुरक्षित रखी जाएंगी, जिससे अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर राहत मिल सके।</p>
<p><em><strong>अमृत भारत ट्रेनों में 24 बर्थ रिजर्व</strong></em></p>
<p>रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार, जिन अमृत भारत ट्रेनों में सात या उससे अधिक स्लीपर क्लास के कोच होंगे, उनमें 24 बर्थ इमरजेंसी कोटा के तहत अलग रखी जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि जब ट्रेन पूरी तरह बुक हो चुकी हो, तब भी यात्रियों को अत्यावश्यक स्थिति में यात्रा करने का अवसर मिल सके।</p>
<p><em><strong>वंदे भारत स्लीपर में अलग-अलग क्लास के लिए कोटा</strong></em></p>
<p>वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा प्रथम एसी, द्वितीय एसी और तृतीय एसी में अलग-अलग सीटों के रूप में लागू होगा। सीटों का निर्धारण सप्ताह के दिनों और वीकेंड के आधार पर किया गया है, ताकि यात्रियों की मांग और जरूरत के अनुसार प्राथमिकता दी जा सके।</p>
<p><em><strong>एडवांस रिजर्वेशन पीरियड से प्रभावी</strong></em></p>
<p>रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह इमरजेंसी कोटा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड से ही लागू होगा। इसका मतलब है कि जैसे ही टिकट बुकिंग शुरू होगी, यह कोटा सिस्टम में शामिल रहेगा। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर सीट आवंटन भी आसान होगा।</p>
<p><em><strong>यात्रियों को होगा बड़ा फायदा</strong></em></p>
<p>पहले अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा का प्रावधान नहीं था, जिससे अचानक यात्रा की स्थिति में यात्रियों को कठिनाई होती थी। नए आदेश के बाद, विशेष परिस्थितियों जैसे चिकित्सकीय आपातकाल, पारिवारिक कारण या सरकारी आवश्यकता में यात्रियों को राहत मिल सकेगी।</p>
<p>रेलवे के इस कदम को यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था लंबी दूरी की यात्रा को और भी सुगम और आरामदायक बना सकती है। यात्रियों को अब यह सुनिश्चित रहेगा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें ट्रेन में सीट मिल सकेगी और उनकी यात्रा बाधित नहीं होगी। यह कदम भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा और आकस्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:47:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिहार में जनगणना 2027 की तारीखों का ऐलान, </title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार में 2027 की जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई और दूसरा चरण 2 से 31 मई तक चलेगा। कार्य जनगणना अधिनियम 1946 के तहत गोपनीय रहेगा।<br />  बिहार में जनगणना की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शनिवार को घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में जनगणना दो चरणों में, कुल 45 दिनों में पूरी की जाएगी।</p>
<p>डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया  कि जनगणना का काम राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा संपन्न कराया जाएगा। पहले चरण का सर्वेक्षण 17</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/%C2%A0%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%A8%E0%A4%BE-2027-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%90%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2510"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार में 2027 की जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई और दूसरा चरण 2 से 31 मई तक चलेगा। कार्य जनगणना अधिनियम 1946 के तहत गोपनीय रहेगा।<br /> बिहार में जनगणना की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शनिवार को घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में जनगणना दो चरणों में, कुल 45 दिनों में पूरी की जाएगी।</p>
<p>डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया  कि जनगणना का काम राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा संपन्न कराया जाएगा। पहले चरण का सर्वेक्षण 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरे चरण में घर-घर सर्वेक्षण और मकान सूचीकरण 2 मई से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि यह प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1946 के तहत पूरी तरह गोपनीय तरीके से की जाएगी।</p>
<p>जनगणना 2027 में इस बार लोगों की संख्या के साथ-साथ उनकी जातियों की भी गिनती की जाएगी। केंद्र सरकार ने दो दिन पहले संसद में यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाती है। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाता है, जिसमें प्रत्येक परिवार की आवासीय स्थिति, संपत्ति, उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाती है।</p>
<p>दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी जुटाई जाती है। इसी चरण के दौरान जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया के जरिए देश की सामाजिक संरचना को लेकर विस्तृत और प्रामाणिक आंकड़े तैयार किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:59:26 +0530</pubDate>
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                <title>चौराहे पर हुआ अंतिम संस्कार दलित महिला का </title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार के वैशाली जिले की ये घटना है. महादलित महिला की अंतिम यात्रा जब गांव के श्मशान घाट की तरफ जा रही थी, तभी कुछ प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर रास्ता रोक दिया. मजबूर होकर परिवार को बीच सड़क पर ही दाह संस्कार करना पड़ा. क्या है पूरा मामला?<br />बिहार के वैशाली  जिले में एक 91 साल की बुजुर्ग महिला का सड़क पर अंतिम संस्कार किया गया. आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने एक महादलित परिवार को श्मशान घाट जाने से रोक दिया. मजबूर होकर परिवार को बीच सड़क पर ही बुजुर्ग महिला का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/dalit-womans-last-rites-took-place-at-the-crossroads/article-2486"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-01/1769842823299_roadside_cremation_of_vaishali_woman__(1).webp" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार के वैशाली जिले की ये घटना है. महादलित महिला की अंतिम यात्रा जब गांव के श्मशान घाट की तरफ जा रही थी, तभी कुछ प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर रास्ता रोक दिया. मजबूर होकर परिवार को बीच सड़क पर ही दाह संस्कार करना पड़ा. क्या है पूरा मामला?<br />बिहार के वैशाली  जिले में एक 91 साल की बुजुर्ग महिला का सड़क पर अंतिम संस्कार किया गया. आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने एक महादलित परिवार को श्मशान घाट जाने से रोक दिया. मजबूर होकर परिवार को बीच सड़क पर ही बुजुर्ग महिला का दाह संस्कार करना पड़ा. </p>
<p>TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गोराउल थाना क्षेत्र के सोंधो-वासुदेव गांव की है. मृतका की पहचान झपसी देवी के रूप में हुई है, जिनकी मौत बुधवार, 28 जनवरी देर रात हुई थी. गुरुवार को जब उनकी अंतिम यात्रा गांव के श्मशान घाट की तरफ जा रही थी, तभी कुछ प्रभावशाली ग्रामीणों ने कथित तौर पर रास्ता रोक दिया. बताया गया कि श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता पहले से बंद था.</p>
<p>नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच में ले जाकर पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया. इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क को खाली कराया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.<br />शुक्रवार, 30 जनवरी को DM वर्षा सिंह और SP विक्रम सिहाग की एक टीम ने गांव का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. SP सिहाग ने बताया कि श्मशान घाट की तरफ जाने वाले रास्ते पर कंक्रीट की दुकानें और एक मंदिर बना हुआ है, जिससे रास्ता बाधित (ब्लॉक्ड) है.</p>
<p>उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. एक अधिकारी ने बताया कि यह अतिक्रमण करीब आठ से दस साल पुराना है और स्थायी समाधान के लिए अवैध निर्माण हटाने पर विचार किया जा रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 15:38:45 +0530</pubDate>
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                <title>एक करोड़ नौकरी का लक्ष्य हासिल करेगी नीतीश सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए नया युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग गठित किया गया है।</p>
<p>  बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है। आने वाले दिनों में इस नवगठित विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।</p>
<p>इस विभाग का मुख्य कार्य ई-पोर्टल का संचालन करना होगा। इस पोर्टल के माध्यम से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/nitish-government-will-achieve-the-target-of-one-crore-jobs/article-2415"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-01/nitish-kumar-bihar.png" alt=""></a><br /><p><em><strong>बिहार</strong></em> : बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए नया युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग गठित किया गया है।</p>
<p> बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है। आने वाले दिनों में इस नवगठित विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।</p>
<p>इस विभाग का मुख्य कार्य ई-पोर्टल का संचालन करना होगा। इस पोर्टल के माध्यम से युवा अपनी योग्यता और पढ़ाई के अनुसार नौकरी की जानकारी देख सकेंगे और ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे युवाओं को विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और रोजगार की प्रक्रिया सरल होगी।</p>
<p>इसके अलावा, विभाग विभिन्न जिलों में रोजगार मेला का आयोजन करेगा। इन मेलों में सरकारी और निजी कंपनियां सीधे युवाओं से संपर्क करेंगी और मौके पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। विभाग निजी कंपनियों, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से भी लगातार संपर्क बनाए रखेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।</p>
<p>सरकार ने नवगठित विभाग के सुचारु संचालन के लिए 147 नए पदों की स्वीकृति दी है। इन पदों के माध्यम से विभाग रोजगार से जुड़े नियम बनाएगा, योजनाओं को लागू करेगा और युवाओं की समस्याओं का समाधान करेगा। बिहार सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के युवाओं को नौकरी पाने में आसानी होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग को तेजी से काम शुरू करने का मार्ग मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 13:45:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशांत किशोर के घर पर रेड क्यों नहीं? </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : जब कोयला तस्करी मामले में रेड हुई थी, तो उस समय आई-पैक  के इंचार्ज रहे प्रशांत किशोर के घर की तलाशी क्यों नहीं ली गई?  तृणमूल का यह सवाल गुरुवार को आई-पैक  नेता प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)  की रेड के बाद आया है। तृणमूल शुक्रवार को भी मुखर रही थी।  उसने आरोप लगाया था कि अमित शाह ने ईडी  का इस्तेमाल करके पार्टी का डेटा चुराने की कोशिश की।<br />गौरतलब है कि आई-पैक  नेता प्रतीक जैन और संगठन के साल्टलेक ऑफिस, जो तृणमूल कांग्रेस के साथ 'कॉन्ट्रैक्टेड'  है, पर ईडी  की रेड से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/bihar/why-no-raid-on-prashant-kishores-house/article-2382"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-01/whatsapp-image-2026-01-09-at-2.53.07-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : जब कोयला तस्करी मामले में रेड हुई थी, तो उस समय आई-पैक  के इंचार्ज रहे प्रशांत किशोर के घर की तलाशी क्यों नहीं ली गई?  तृणमूल का यह सवाल गुरुवार को आई-पैक  नेता प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)  की रेड के बाद आया है। तृणमूल शुक्रवार को भी मुखर रही थी।  उसने आरोप लगाया था कि अमित शाह ने ईडी  का इस्तेमाल करके पार्टी का डेटा चुराने की कोशिश की।<br />गौरतलब है कि आई-पैक  नेता प्रतीक जैन और संगठन के साल्टलेक ऑफिस, जो तृणमूल कांग्रेस के साथ 'कॉन्ट्रैक्टेड'  है, पर ईडी  की रेड से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी मुखर है। उसका आरोप है कि बीजेपी चुनावी हथकंडे अपनाने और उम्मीदवारों की लिस्ट चुराने के लिए ईडी  का इस्तेमाल कर रही है। वहीं,  ईडी  का दावा है कि यह रेड कोयला तस्करी मामले में है।<br />ईडी  ने 27 नवंबर, 2020 को कोयला तस्करी मामले की जांच शुरू की थी। अनूप माझी उर्फ लाला के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। ईडी  ने दावा किया कि उस मामले में आई-पैक  नेता प्रतीक जैन के घर की तलाशी ली गई थी। हालांकि, तृणमूल नेता ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने तृणमूल की जानकारी चुराने के लिए ईडी  का इस्तेमाल किया। तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने सवाल किया-अगर यह छापेमारी कोयला तस्करी भ्रष्टाचार मामले में है, तो प्रशांत किशोर के घर पर क्यों नहीं?  प्रशांत किशोर 2020 में आई-पैक  के मुख्य नेता और वोटर थे। उनके घर की तलाशी होनी चाहिए।  अरूप ने यह भी दावा किया कि प्रशांत किशोर की नई पार्टी जन सूराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की मदद की,  इसलिए उनके घर पर कोई छापेमारी नहीं हुई। उन्होंने कहा- प्रशांत किशोर की पार्टी जन सूराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा और विपक्ष के वोट काटे। भारतीय जनता पार्टी को इसका फायदा हुआ। इसलिए, पूरा आरोप झूठा है। उन्होंने भाजपा पर तृणमूल के साथ राजनीतिक लड़ाई नहीं जीत पाने का आरोप लगाया। पार्टी की रणनीति तय करने वाले प्रतीक के घर पर छापेमारी ‘बदले की राजनीति’  के लिए थी। ऐसे आरोप लगाते हुए तृणमूल प्रवक्ता ने आगे कहा-आप चाहे जितने भी हमले कर लें,  बंगाल फिर से जीतेगा। बंगाल की धरती पर ईडी  और सीबीआई  के दलालों का कब्ज़ा नहीं हो सकता। ममता और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल चौथी बार सत्ता में आने जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                            <category>बिहार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jan 2026 15:34:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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