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                <title>अंतर्राष्ट्रीय - Gambheer Samachar</title>
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                <title>रूस-यूक्रेन युद्ध फिर अत्यंत विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रूस-यूक्रेन युद्ध फिर अत्यंत विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों की भीषण बारिश कर दी है। इस ताजा हमले में कम से कम 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेन की वायुसेना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रूस ने पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 659 ड्रोन और 44 मिसाइलें दागीं। यह हमला मुख्य रूप से नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किया गया। कीव, खारकीव, ओडेसा, ड्निप्रो और जापोरिज्जिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/russia-ukraine-war-again-reaches-extremely-destructive-turn/article-2875"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/images.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस-यूक्रेन युद्ध फिर अत्यंत विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों की भीषण बारिश कर दी है। इस ताजा हमले में कम से कम 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेन की वायुसेना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रूस ने पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 659 ड्रोन और 44 मिसाइलें दागीं। यह हमला मुख्य रूप से नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किया गया। कीव, खारकीव, ओडेसा, ड्निप्रो और जापोरिज्जिया जैसे प्रमुख शहर इस गोलाबारी से बुरी तरह दहल उठे। ओडेसा में नेशनल म्यूजिक अकादमी के हॉस्टल पर हमला होने से वहां रह रहे छात्रों में हड़कंप मच गया; पांच छात्र घायल हुए जिन्हें रात के समय सुरक्षित बाहर निकाला गया। ड्निप्रो में तीन और जापोरिज्जिया में एक व्यक्ति की जान जाने की पुष्टि हुई है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने इस हमले को आतंकी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि रूस जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि रूस केवल जंग के रास्ते पर चल रहा है और यह विनाशकारी रात साबित करती है कि रूस पर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। यह हमला उस समय हुआ है जब ईस्टर के अवसर पर घोषित किया गया 32 घंटे का युद्धविराम कुछ ही देर में टूट गया। इस भीषण गोलाबारी ने स्पष्ट कर दिया है कि युद्धविराम की कोशिशें फिलहाल विफल साबित हो रही हैं। इसी बीच, जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए इटली के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इस हमले के बाद अब पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:55:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>सीजफायर के बाद भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : ईरान में बढ़ते संघर्ष के बीच भारतीय दूतावास, तेहरान ने बुधवार को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की। इसमें ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्दी से जल्दी देश छोड़ने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही दूतावास ने आपातकालीन और समन्वय के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।</p>
<p>दूतावास की एडवाइजरी में कहा गया है-7 अप्रैल 2026 की एडवाइजरी के संदर्भ में और हाल की घटनाओं को देखते हुए, ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को दूतावास के मार्गदर्शन और सुझाए गए मार्गों का पालन करते हुए जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सख्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/indian-citizens-advised-to-leave-iran-after-ceasefire/article-2816"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/img-20260408-wa0004.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : ईरान में बढ़ते संघर्ष के बीच भारतीय दूतावास, तेहरान ने बुधवार को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की। इसमें ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्दी से जल्दी देश छोड़ने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही दूतावास ने आपातकालीन और समन्वय के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।</p>
<p>दूतावास की एडवाइजरी में कहा गया है-7 अप्रैल 2026 की एडवाइजरी के संदर्भ में और हाल की घटनाओं को देखते हुए, ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को दूतावास के मार्गदर्शन और सुझाए गए मार्गों का पालन करते हुए जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी जाती है। इसके अलावा एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बिना दूतावास से पूर्व परामर्श किए जाने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>इससे एक दिन पहले भारतीय दूतावास ने नागरिकों को पहले भी एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि “ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक अगले 48 घंटों तक अपने ठिकानों पर ही रहें। इस दौरान वे बिजली के उपकरणों, सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें। घर के अंदर ही रहें और राजमार्ग पर किसी भी तरह की यात्रा केवल दूतावास के सख्त निर्देश और समन्वय से ही करें।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है। ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की। दूसरी ओर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ईरानी सभ्यता को खत्म करने की ट्रंप की धमकी को लेकर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बातचीत कर अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान के खिलाफ होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दूं लेकिन इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/international/indian-citizens-advised-to-leave-iran-after-ceasefire/article-2816</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 18:01:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के मेयर पद की दौड़ में शामिल भारत की बेटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय मूल के लोगों का वैश्विक राजनीति में बढ़ता प्रभाव अब किसी से छिपा नहीं है. इसी कड़ी में अब एक नया नाम चर्चा में है रिनी संपत का. तमिलनाडु के छोटे से शहर थेनी में जन्मी यह युवा प्रोफेशनल आज अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के मेयर पद की दौड़ में शामिल हो गई हैं. 31 साल की रिनी प्राइमरी बैलेट पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बनी हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रहीं रिनी ने जीत के लिए एक सुपर प्लान बनाया है.</p>
<p>भारतीय मूल की रिनी संपत वाशिंगटन डीसी मेयर पद के चुनाव में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/involved-in-the-race-for-the-post-of-mayor-of/article-2801"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/image-(7).png" alt=""></a><br /><p>भारतीय मूल के लोगों का वैश्विक राजनीति में बढ़ता प्रभाव अब किसी से छिपा नहीं है. इसी कड़ी में अब एक नया नाम चर्चा में है रिनी संपत का. तमिलनाडु के छोटे से शहर थेनी में जन्मी यह युवा प्रोफेशनल आज अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के मेयर पद की दौड़ में शामिल हो गई हैं. 31 साल की रिनी प्राइमरी बैलेट पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बनी हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रहीं रिनी ने जीत के लिए एक सुपर प्लान बनाया है.</p>
<p>भारतीय मूल की रिनी संपत वाशिंगटन डीसी मेयर पद के चुनाव में लड़ रही हैं. रिनी संपत ने अपनी चुनावी वेबसाइट किए गए पोस्ट में कहा कि मैं कोई राजनेता नहीं हूं.</p>
<p>टेक्नोलॉजी से लेकर सत्ता के गलियारों तक, हर जगह भारतीय नाम तेजी से उभर रहे हैं. यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि उस बदलती दुनिया की कहानी है जहां भारतीय मूल के लोग न सिर्फ भागीदारी कर रहे हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका भी निभा रहे हैं. रिनी संपत का यह सफर इस बात का संकेत है.</p>
<p>मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार 31 साल की रिनी संपत डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हैं और वाशिंगटन डीसी मेयर चुनाव के प्राइमरी बैलेट में जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन चुकी हैं. उनका चुनावी नारा ‘Fix the Basics’ है. इसमें शहर की मूलभूत समस्याओं को हल करने का वादा किया गया है. </p>
<p>7 साल की उम्र में रिनी तमिलनाडु से अमेरिका चली गई थीं. उन्हें वाशिंगटन DC में रहते हुए एक दशक से भी ज्यादा समय हो गया है. अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में मेयर का चुनाव हो रहा है. ये चुनाव भारत के लिहाज से खास है, क्योंकि इस बार के चुनाव में भारतीय मूल की महिला रिनी संपत महिला चुनाव लड़ रही हैं. रिना का जन्म तमिलनाडु में हुआ है.</p>
<p>सबसे खास बात ये है कि रिनी प्राइमरी चुनाव के बैलेट पेपर पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं. भारतीय महिला रिनी डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं. इनकी उम्र 31 साल है और ये सरकारी कॉन्ट्रैक्टर हैं. रिनी ने अपनी चुनावी अभियान के लिए बुनियादी चीजों को आधार बनाया है. उन्होंने चुनावी थीम <strong>‘बुनियादी चीजों को ठीक करो’</strong> <strong>(Fix the Basics)</strong> बनाया है.</p>
<p>वाशिंगटन DC में डेमोक्रेट्स का दबदबा जबरदस्त है. 1975 में इस पद के लिए चुनाव शुरू होने के बाद से शहर में कभी कोई रिपब्लिकन मेयर नहीं बना है.</p>
<p>रिनी संपत यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया (USC) से कम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की. छात्र राजनीति में भी वह काफी सक्रिय रहीं और 2015 में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट गवर्नमेंट की अध्यक्ष बनीं. उन्होंने नस्लवाद, छात्र अधिकार और कैंपस सुरक्षा जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. </p>
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<div></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता </strong></em>: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेज दी है। इस प्लान का मकसद जंग को जल्द खत्म करना, हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रोक लगाना है।<br />ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में 'बहुत अच्छी और उपयोगी' बातचीत हुई है। उन्होंने ईरान पर पावर प्लांट पर हमला 5 दिन के लिए टाल दिया है ताकि 15 सूत्री समझौते पर आगे चर्चा हो सके। प्लान पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/donald-trump-sent-15-point-peace-plan-to-iran/article-2747"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-25-at-3.20.57-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता </strong></em>: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेज दी है। इस प्लान का मकसद जंग को जल्द खत्म करना, हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रोक लगाना है।<br />ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में 'बहुत अच्छी और उपयोगी' बातचीत हुई है। उन्होंने ईरान पर पावर प्लांट पर हमला 5 दिन के लिए टाल दिया है ताकि 15 सूत्री समझौते पर आगे चर्चा हो सके। प्लान पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद बातचीत होस्ट करने की पेशकश की है और ट्रंप ने उनकी पोस्ट को रीशेयर भी किया।<br />ट्रंप के 15 सूत्री प्लान की मुख्य बातें <br />1.    1 महीने का तुरंत सीजफायर: दोनों तरफ से हमले तुरंत बंद हों, ताकि बातचीत हो सके।<br />2.    परमाणु हथियार कभी नहीं: ईरान लिखित गारंटी दे कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।<br />3.    सभी परमाणु क्षमताएं खत्म: ईरान की मौजूदा परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट या डिसेबल करना।<br />4.    यूरेनियम स्टॉक बाहर भेजना: ईरान में संवर्धित यूरेनियम का पूरा स्टॉक देश से बाहर (अमेरिका या तीसरे देश) भेजना होगा।<br />5.    यूरेनियम संवर्धन बंद: ईरानी धरती पर किसी भी स्तर का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना।<br />6.    फ्यूल सुविधा ईरान के बाहर: अगर सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाना हो तो फ्यूल बनाने की सुविधा ईरान के बाहर रहेगी और यूएन  की निगरानी में होगी।<br />7.    बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम खत्म: ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और संबंधित मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करना।<br />8.    प्रॉक्सी ग्रुप्स को सपोर्ट बंद: हिजबुल्लाह, हमास समेत सभी प्रॉक्सी गुटों को हथियार और फंडिंग देना बंद करना।<br />9.    इजरायल पर हमले बंद: हिजबुल्लाह समेत किसी भी गुट के जरिए इजरायल पर हमले रोकने की गारंटी।<br />10.    होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना: गैर-दुश्मन जहाजों के लिए स्ट्रेट पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखना। ईरान ट्रांजिट फीस ले सकता है।<br />11.    अमेरिकी और इजरायली जहाजों की सुरक्षा: होर्मुज में अमेरिकी और इजरायली जहाजों को सुरक्षित गुजरने की गारंटी।<br />12.    प्रतिबंधों में आंशिक राहत: कुछ आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, लेकिन राहत का पैसा सिर्फ मानवीय कामों (दवाइयां, खाद्य सामग्री) के लिए इस्तेमाल हो।<br />13.    यूएन  की निगरानी: पूरे समझौते की निगरानी संयुक्त राष्ट्र या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां करेंगी।<br />14.    आर्थिक सहयोग की संभावना: अगर शर्तें पूरी हों तो ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कुछ आर्थिक सहयोग की बात।<br />15.    स्थायी शांति और सत्यापन: लंबे समय तक कोई उल्लंघन न हो, इसके लिए सख्त सत्यापन तंत्र बने।<br />ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने तेल और गैस से जुड़ा 'बहुत बड़ा तोहफा' दिया है। बातचीत में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शामिल हो सकते हैं।<br />ईरान ने कोई सीधी बातचीत होने से इनकार किया है। तेहरान ने अपनी निम्न मांगें दोहराई हैं...<br />•    अमेरिका के सभी गल्फ बेस बंद हों<br />•    सभी प्रतिबंध हटाएं जाएं<br />•    युद्ध का पूरा नुकसान भरपाई हो<br />•    इजरायल हिजबुल्लाह पर हमले बंद करे<br />•    होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण रहे.<br />ईरान ने कहा कि ट्रंप ने पहले दो बार धोखा दिया, तीसरी बार नहीं फंसेंगे।<br />इजरायली अधिकारी ट्रंप के सीजफायर प्लान से चौंक गए हैं। वे ट्रंप से जंग जारी रखने की अपील कर रहे थे। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आज ही कहा कि सेना लिटानी नदी तक दक्षिणी लेबनान पर कब्जा करेगी और वहां 'आतंकवाद वाले इलाके' में कोई घर या नागरिक नहीं रहेंगे।<br />•    हिजबुल्लाह ने हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे, एक महिला की मौत।<br />•    ईरान ने इजरायल की एयरोस्पेस फैक्टरियों पर ड्रोन हमले किए।<br />•    इजरायल ने शिराज एयरपोर्ट समेत ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे।<br />•    बहरीन में अमेरिकी बेस पर फिर धमाके।<br />•    अमेरिका ने क्षेत्र में 3000 से ज्यादा अतिरिक्त सैनिक भेजे।<br />होर्मुज में तनाव के बावजूद ट्रंप के प्लान की खबर से तेल की कीमतें थोड़ी घटीं, लेकिन अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। रिलायंस ने ईरान से 5 मिलियन बैरल क्रूड खरीदा है, जो 30 दिन की अमेरिकी छूट का फायदा उठाते हुए हुआ। वहीं, प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने ट्रंप से फोन पर बात की और इलाके में शांति तथा हॉर्मुज को खुला-सुरक्षित रखने की अपील की है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 18:06:31 +0530</pubDate>
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                <title> टोंगा द्वीप समूह के पास भूकंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>नुकुअलोफा</strong></em> : दक्षिण प्रशांत महासागर स्थित टोंगा द्वीप समूह के पास मंगलवार तड़के 7.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 4:37 बजे आया। भूकंप का केंद्र टोंगा के वावाउ द्वीप समूह में स्थित नेइआफू से लगभग 153 किलोमीटर पश्चिम में बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप की गहराई पृथ्वी की सतह से करीब 237 से 238 किलोमीटर के बीच थी, जिसे वैज्ञानिक दृष्टि से गहरा भूकंप माना जाता है। इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप सामान्यतः सतह पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/near-the-tonga-islands/article-2733"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/1200-675-23271489-thumbnail-16x9-akajkajk.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>नुकुअलोफा</strong></em> : दक्षिण प्रशांत महासागर स्थित टोंगा द्वीप समूह के पास मंगलवार तड़के 7.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 4:37 बजे आया। भूकंप का केंद्र टोंगा के वावाउ द्वीप समूह में स्थित नेइआफू से लगभग 153 किलोमीटर पश्चिम में बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप की गहराई पृथ्वी की सतह से करीब 237 से 238 किलोमीटर के बीच थी, जिसे वैज्ञानिक दृष्टि से गहरा भूकंप माना जाता है। इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप सामान्यतः सतह पर कम विनाशकारी प्रभाव डालते हैं। यही कारण है कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप के झटकों के बाद संभावित खतरे को देखते हुए प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (पीटीडब्ल्यूसी) ने स्थिति का आकलन किया। केंद्र ने स्पष्ट किया कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है, क्योंकि इसका केंद्र धरती के भीतर काफी गहराई में था। आमतौर पर उथले भूकंप ही समुद्र में बड़े स्तर पर हलचल पैदा कर सुनामी का कारण बनते हैं। एक दिन पहले हिहिफो में आया था भूकंप गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले भी टोंगा के हिहिफो क्षेत्र के पास 6.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। हालांकि उस भूकंप से भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई थी। लगातार आ रहे भूकंपों के कारण स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल जरूर बना हुआ है। वहीं, भूकंपीय गतिविधियों का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखा गया। नेपाल में सोमवार को 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनका केंद्र सुदूरपश्चिम प्रांत के बजहांग जिले के पास था। आसपास के इलाकों में भी लोगों ने हल्के झटके महसूस किए, हालांकि वहां भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 13:29:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>प्रकृति की नन्ही दूत है चिड़िया - विश्व गौरैया दिवस पर विशेष</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>विश्व गौरैया दिवस नन्ही घरेलू गौरैया और अन्य पक्षियों को समर्पित है। गौरैया की संख्या में हो रही तीव्र गिरावट के बारे में जागरूकता पैदा करने और लोगों को इन परिचित पक्षियों की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु यह दिवस प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य गौरैया के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनके लिए हमारे आस पास का माहौल बेहतर करना है। विश्व गौरैया दिवस 2026 एक बार फिर दुनिया को याद दिलाएगा कि आम पक्षियों को भी देखभाल और ध्यान की आवश्यकता है। कभी उपेक्षित समझी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/bird-is-the-little-messenger-of-nature/article-2712"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/sparrow.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>विश्व गौरैया दिवस नन्ही घरेलू गौरैया और अन्य पक्षियों को समर्पित है। गौरैया की संख्या में हो रही तीव्र गिरावट के बारे में जागरूकता पैदा करने और लोगों को इन परिचित पक्षियों की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु यह दिवस प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य गौरैया के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनके लिए हमारे आस पास का माहौल बेहतर करना है। विश्व गौरैया दिवस 2026 एक बार फिर दुनिया को याद दिलाएगा कि आम पक्षियों को भी देखभाल और ध्यान की आवश्यकता है। कभी उपेक्षित समझी जाने वाली गौरैया अब कई कस्बों और शहरों से गायब हो रही हैं, जो इस दिन को रोजमर्रा की जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य के प्रति चिंता का प्रतीक बनाती है।</p>
<p>गौरैया मानव इतिहास के सबसे परिचित पक्षियों में से एक हैं। वे घरों, खेतों, बाजारों और शहरी सड़कों के पास पाई जाती हैं। उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि किसी क्षेत्र में अभी भी पर्याप्त भोजन, सुरक्षित घोंसले बनाने की जगह और बुनियादी पारिस्थितिक संतुलन मौजूद है। गौरैया की मधुर चहचहाहट कई देशों में सुबह और शाम के जीवन का अभिन्न अंग रही है। गौरैया छोटे, फुर्तीले पक्षी होते हैं जो 4 से 7 इंच तक लम्बे होते हैं। उनके गोल, मोटा शरीर और छोटी मजबूत चोंच होती हैं जो खुले बीजों को तोड़ने के लिए उपयुक्त होती हैं। उनके पंखों पर धारियां या गहरे रंग के धब्बे होते हैं। यह हल्की भूरे रंग या सफेद रंग में होती है। इसके शरीर पर छोटे-छोटे पंख और पीली चोंच व पैरों का रंग पीला होता है।</p>
<p>जब बच्चा कुछ समझने लगता है तो सर्वप्रथम उसको घर के आंगन में सबसे अधिक जो पक्षी देखने को मिलता है वह नन्ही चिड़िया यानी गौरैया होती है। यह चिड़िया बचपन से ही हमारी साथी बन जाती है जो बच्चों के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है और अपनी मीठी आवाज से उन्हें आकर्षित करती रहती है। गौरैया बच्चों के हाथ से कई बार खाने की वस्तु भी झपटकर ले जाती है। छोटे बच्चे उन्हें पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़ते हैं और वह फुर्र से उड़कर ऊपर बैठ जाती है। गांव देहातों में यह आज भी देखने को मिल जाता है। मगर शहरों में अब ऐसा नजारा शायद ही कहीं देखने को मिलता होगा।</p>
<p>गौरैया मनुष्य के आसपास रहना पसंद करती है। यह लगभग हर तरह की जलवायु पसंद करती है पर पहाड़ी स्थानों में कम दिखाई देती है। शहरों, कस्बों, गांवों, और खेतों के आसपास यह बहुतयात से पाई जाती है। नर गौरैया के सिर का ऊपरी भाग नीचे का भाग और गालों पर पर भूरे रंग का होता है। गला चोंच और आंखों पर काला रंग होता है और पैर भूरे होते है। मादा के सिर और गले पर भूरा रंग नहीं होता है। नर गौरैया को चिड़ा और मादा चिड़ी या चिड़िया भी कहते हैं।</p>
<p>गौरैया पक्षियों के पैसर वंश की एक जीव वैज्ञानिक जाति है जो विश्व के अधिकांश भागों में पाई जाती है। आरम्भ में यह एशिया, यूरोप और भूमध्य सागर के तटवर्ती क्षेत्रों में पाई जाती थी। लेकिन मानवों ने इसे विश्वभर में फैला दिया है। यह मनुष्यों के समीप कई स्थानों में रहती हैं। पिछले कुछ सालों में शहरों में गौरैया की कम होती संख्या पर चिन्ता प्रकट की जा रही है। आधुनिक स्थापत्य की बहुमंजिली इमारतों में गौरैया को रहने के लिए जगह नहीं मिल पाती। कभी बड़ी संख्या में हमारे साथ रहने वाली गौरैया अब धीरे-धीरे बहुत कम होती जा रही है। मगर जीवन की भाग दौड़ में किसी का ध्यान इनकी घाटी संख्या की तरफ नहीं जा रहा है। बच्चों की सबसे नजदीकी मित्र गौरैया जिस तेजी से कम होती जा रही है उससे लगता है आने वाले समय में यह कहीं विलुप्त ना हो जाए। इसलिए हम सबको मिलकर गंभीरता से ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे गौरैया को संरक्षण मिल सके और उनकी संख्या में फिर से बढ़ोतरी प्रारंभ हो सके। </p>
<p>गौरैया चिड़िया को घरेलू चिड़िया भी कहा जाता है। क्योंकि यह घरों के अंदर भी घोसले बनकर रह लेती है। ये मानव और प्रकृति के लिए बहुत उपयोगी है। क्योंकि यह कीड़ों को खाती है जिससे कीड़े पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। गौरैया एक ऐसी चिड़िया है जो पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा धर्मशास्त्र के मुताबिक गौरैया का आपकी छत पर आना आपके लिए शुभ होता है। जानकारो का कहना हैं कि यह चिड़िया शांति और सदभावना का संदेश लेकर आती है।</p>
<p>आंकड़े बताते हैं कि विश्व भर में घर-आंगन में चहकने-फुदकनेवाली छोटी सी प्यारी चिड़िया गौरैया की आबादी में 60 से 80 फीसदी तक की कमी आई है। ब्रिटेन की ‘रॉयल सोसाइटी ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स’ ने भारत से लेकर विश्व के विभिन्न हिस्सों में अनुसंधानकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययनों के आधार पर गौरैया को ‘रेड लिस्ट’ में डाला था। वहीं आंध्र विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक गौरैया की आबादी में करीब 60 फीसदी की कमी आई है। यह कमी ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में हुई है। पश्चिमी देशों में हुए अध्ययनों के अनुसार गौरैया की आबादी घटकर खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। जबकि स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स (एसओआईबी) रिपोर्ट 2023 के मुताबिक पिछले 25 सालों में गौरैया की आबादी कुल मिलाकर काफी स्थिर रही है। हालांकि भारत में हाउस स्पैरो की संख्या कम होने की आम धारणा है। गौरैया के संरक्षण के प्रति जागरूकता को लेकर दिल्ली सरकार ने 2012 और बिहार सरकार ने 2013 से गौरैया को राजकीय पक्षी घोषित कर रखा है।</p>
<p>कभी हमारे घर-आंगन में गिरे अनाज को खाने गौरैया फुर्र से आती थी और दाना चुगकर उड़ जाती थी। हालांकि गांवों में आज भी कई घरों में गौरैया आ रही है। गौरैया की संख्या में कमी के पीछे कई कारण हैं जिन पर लगातार शोध हो रहे हैं। गौरैया की संख्या में कमी के पीछे के कारणों में आहार की कमी, बढ़ता आवासीय संकट, कीटनाशक का व्यापक प्रयोग, जीवन-शैली में बदलाव, प्रदूषण और मोबाइल फोन टावर से निकलने वाले रेडिएशन को दोषी बताया जाता रहा है।</p>
<p>गौरैया की संख्या में कमी के पीछे बेतहाशा कीटनाशक का प्रयोग को माना जा रहा है। गौरैया के प्रजनन के लिए अनुकूल आवास में कमी को भी इसकी संख्या में कमी का एक कारण माना जा रहा है। कच्चे घरों का तेजी से कंक्रीट के जंगलों में तब्दील होने से शहरों में इनके प्रजनन के लिए अनुकूल आवास नहीं मिलते हैं। यही वजह है कि एक ही शहर के कुछ इलाकों में ये दिखती है तो कुछ में नहीं। गौरैया संरक्षण में जुड़े लोग कृत्रिम घर बनाकर गौरैया को प्रजनन के लिए आवास देने की पहल चला रहे हैं। इसमें गौरैया अंडे देने के लिए आ भी रही हैं।</p>
<p>जहां तक गौरैया का सवाल है यह इन्सानों की दोस्त तथा किसानों की मददगार है। गौरैया इन्सान के साथ रहते हुए उन्हें सुख-शांति प्रदान करती हैं। बच्चों का बचपन इसके साथ खेलते हुए गुजरता है। लेकिन हम इन्सानो ने ही इसे अपने से दूर कर दिया है। भारत में पक्षियों की कुल मिलाकर 1250 प्रजातियां हैं। जिनमें से 85 प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। जिसमें गौरैया का भी नाम शामिल है। गौरैया का सुरक्षित रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह खेतों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को खा लेती है। जिससे किसान की फसल खराब होने से बच जाती हैं। गौरैया अपना घौंसला इंसानों के करीब बनाती है। इससे उनके घौंसले उजाड़ दिए जाते हैं। बढ़ता वायु प्रदूषण भी इन पक्षियों के लिए मुसीबत है। इसलिए जरूरी है कि हम अभी से यह समझने की कोशिश करें कि छोटी सी गौरैया हमारे जीवन के लिए कितनी अहम है। ऐसे में उसकी रक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।</p>
<p>आलेखः-</p>
<p>रमेश सर्राफ धमोरा</p>
<p>(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं।)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:50:18 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भेजा अपना खास दूत कहा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>वॉशिंगटन </strong></em>: बीते कई दिनों में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत और उनके एआई जनरेटेड वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। नेतन्याहू ने एक नया और दिलचस्प वीडियो साझा किया है, जिसमें वे न केवल जीवित और स्वस्थ नजर आ रहे हैं, बल्कि अपनी मौत की अफवाहों पर तंज भी कस रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर अपने दूत माइक हकाबी को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा था कि इजरायली नेता सुरक्षित हैं। वीडियो में हकाबी मजाक में कहते दिख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/us-president-trump-sent-his-special-envoy-and-said-find/article-2708"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/ck22ewy83a9j5o6_100106_news.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>वॉशिंगटन </strong></em>: बीते कई दिनों में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत और उनके एआई जनरेटेड वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। नेतन्याहू ने एक नया और दिलचस्प वीडियो साझा किया है, जिसमें वे न केवल जीवित और स्वस्थ नजर आ रहे हैं, बल्कि अपनी मौत की अफवाहों पर तंज भी कस रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर अपने दूत माइक हकाबी को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा था कि इजरायली नेता सुरक्षित हैं। वीडियो में हकाबी मजाक में कहते दिख रहे हैं, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, राष्ट्रपति ने मुझे यहाँ यह पक्का करने के लिए भेजा था कि आप ठीक हैं। इस पर नेतन्याहू ने दृढ़ता से जवाब दिया, हाँ माइक, मैं ज़िंदा हूँ। हाल ही में मंगलवार को पोस्ट किए गए इस वीडियो में नेतन्याहू अमेरिका के नवनियुक्त दूत माइक हकाबी के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में इजरायली प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए कहते हैं, मैं जिंदा हूं। इसके बाद उन्होंने उन दावों का सीधा जवाब दिया जिनमें कहा गया था कि उनके पिछले वीडियो डीपफेक थे और उनमें उनके हाथ की छह उंगलियां दिख रही थीं। हकाबी से हाथ मिलाते हुए नेतन्याहू ने चुटकी ली और कहा, हम हर हाथ की पांच उंगलियों से हाथ मिलाते हैं। विवाद तब शुरू हुआ था जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के चैटबॉट ग्रोक ने नेतन्याहू के एक पुराने वीडियो को डीपफेक करार दे दिया था। नेटिज़न्स ने दावा किया था कि उस वीडियो में नेतन्याहू के हाथों की बनावट अप्राकृतिक थी। इसके बाद जब उन्होंने एक कॉफी हाउस का वीडियो साझा किया, तो लोगों ने उसकी प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, अब अमेरिकी दूत के साथ सार्वजनिक रूप से आकर उन्होंने इन तकनीकी संशयों को खत्म करने की कोशिश की है। ईरानी कमांडरों की मौत पर भी कसा तंज इस मुलाकात के दौरान नेतन्याहू ने केवल अपनी सेहत पर ही बात नहीं की, बल्कि क्षेत्रीय संघर्ष पर भी हुंकार भरी। उन्होंने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी और बासिज प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी की मौत का जिक्र करते हुए कहा, आज मैंने पंच कार्ड से दो नाम मिटा दिए हैं। गौरतलब है कि इजरायल ने मंगलवार को इन दोनों नेताओं को ढेर करने का दावा किया था, जिसकी पुष्टि बुधवार को ईरान ने भी कर दी है। ईरान ने इन मौतों का बदला लेने की कसम खाई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:14:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने राज्य के अलग-अलग कई इलाकों में छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई एक अवैध कॉल सेंटर चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले से जुड़ी है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि सिलीगुड़ी, हावड़ा, विधाननगर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में करीब 10 जगहों पर तलाशी ली गई। इस मामले में सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती के नाम मुख्य रूप से सामने आए हैं। एजेंसी इन लोगों और इनके साथियों के ठिकानों पर जरूरी सबूत तलाश रही है। इन लोगों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/big-action-by-ed-in-bengal/article-2700"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/img-20260317-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने राज्य के अलग-अलग कई इलाकों में छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई एक अवैध कॉल सेंटर चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले से जुड़ी है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि सिलीगुड़ी, हावड़ा, विधाननगर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में करीब 10 जगहों पर तलाशी ली गई। इस मामले में सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती के नाम मुख्य रूप से सामने आए हैं। एजेंसी इन लोगों और इनके साथियों के ठिकानों पर जरूरी सबूत तलाश रही है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने कॉल सेंटर के जरिए बहुत से मासूम लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे बड़ी रकम ठगी है।</p>
<p>फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मामले का कोई संबंध चुनावी फंडिंग या राजनीति से है या नहीं। जांच एजेंसी हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। ईडी के अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों और सामानों की जांच कर रहे हैं ताकि इस गिरोह की पूरी सच्चाई सामने आ सके। </p>
<p>यह छापेमारी एसे समय में हुई है जब बंगाल में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। चुनाव आयोग ने एक दिन पहले राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। चुनाव के नतीजों का एलान 4 मई को असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के साथ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 21:24:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान युद्ध के 15वें दिन संघर्ष एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>वाशिंगटन</strong></em> : अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के 15वें दिन संघर्ष एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड पर अब तक की सबसे शक्तिशाली बमबारी की है। यह हमला न केवल सैन्य दृष्टिकोण से, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के इरादे से किया गया है।खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक छोटा कोरल द्वीप है, जिसे ईरान के तेल निर्यात का नर्व सिस्टम माना जाता है। ईरान के कुल कच्चे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/on-the-15th-day-of-the-ongoing-war-between-america/article-2691"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/untitled४५.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>वाशिंगटन</strong></em> : अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के 15वें दिन संघर्ष एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड पर अब तक की सबसे शक्तिशाली बमबारी की है। यह हमला न केवल सैन्य दृष्टिकोण से, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के इरादे से किया गया है।खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक छोटा कोरल द्वीप है, जिसे ईरान के तेल निर्यात का नर्व सिस्टम माना जाता है। ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप के टर्मिनलों से होकर दुनिया भर में जाता है। यही कारण है कि इस द्वीप को तबाह करने का मतलब ईरान की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वायुसेना ने द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जिससे तेहरान को भारी रणनीतिक नुकसान हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस भीषण हमले में फिलहाल तेल के बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने संयम दिखाते हुए तेल टर्मिनलों को सुरक्षित रखा है, ताकि वैश्विक तेल बाजार में अचानक हाहाकार न मचे। हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का रास्ता रोकने की कोशिश जारी रखी, तो यह शालीनता तुरंत खत्म कर दी जाएगी और तेल ठिकानों को भी उड़ा दिया जाएगा। अमेरिका की यह चाल केवल ईरान ही नहीं, बल्कि चीन की भी बेचैनी बढ़ाने वाली है। चीन, ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और उसकी ऊर्जा सुरक्षा काफी हद तक खार्ग द्वीप से होने वाली सप्लाई पर निर्भर है। इस द्वीप पर अमेरिकी दबाव का सीधा मतलब है कि बीजिंग की तेल आपूर्ति अब वाशिंगटन की इच्छा पर निर्भर हो सकती है। ट्रंप ने इस संबंध में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी चर्चा की है, जिससे साफ है कि यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का केंद्र बन चुका है। दूसरी ओर, ईरान ने इस हमले के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने धमकी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला जारी रहा, तो वह उन सभी अंतरराष्ट्रीय तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है। इस बीच, ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में संकेत दिया है कि हॉर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले तेल टैंकरों को बहुत जल्द अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। फिलहाल, खार्ग द्वीप पर हुआ यह हमला इस युद्ध के भविष्य की दिशा तय करेगा। यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 15:16:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी ने चेतावनी दी है - यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब लगभग पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान कुछ भी क्यूट (चालाकी भरा) करने की कोशिश न करे, वरना उस देश का अंत हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो यह ईरान का अंत होगा और दुनिया में फिर कभी उसका नाम नहीं सुना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/irani-has-warned-if-their-energy-infrastructure-is-targeted/article-2678"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/image-(3).png" alt=""></a><br /><p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब लगभग पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान कुछ भी क्यूट (चालाकी भरा) करने की कोशिश न करे, वरना उस देश का अंत हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो यह ईरान का अंत होगा और दुनिया में फिर कभी उसका नाम नहीं सुना जाएगा। वहीं ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे, जिससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया सहित पूरी दुनिया में इस तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराया हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाहाकार मचा है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान करेगा। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा, युद्ध अब लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उनके पास अब न कोई प्रभावी नौसेना बची है, न संचार व्यवस्था और न ही वायु सेना। उनकी मिसाइलें खत्म होने की कगार पर हैं और उनके ड्रोन हर जगह नाकाम किए जा रहे हैं। तेहरान के पास अब सैन्य स्तर पर कुछ भी शेष नहीं है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि सैन्य कार्रवाई चार से पांच हफ्ते चलेगी, लेकिन अब वे यह कहते हुए पीछे हट रहे हैं कि अमेरिका ने अपने उद्देश्य प्राप्त कर लिए हैं। ट्रंप के इस बयान पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आईआरजीसी ने कहा कि युद्ध के अंत की घोषणा ईरान करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी और इजरायली हमले जारी रहे, तो ईरान इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह समर्पण करने के बजाय लंबे युद्ध के लिए तैयार है। मैदान पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर खुर्रमशहर, फतह और खैबर जैसी हाइपरसॉनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों से नए हमले किए हैं। इस बीच, खाड़ी देशों में भी डर का माहौल है। अबू धाबी में हुए हवाई हमलों के मलबे से दो लोग घायल हुए हैं, जबकि तुर्की ने अपनी सीमा पर ईरानी मिसाइल को रोकने का दावा किया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/international/irani-has-warned-if-their-energy-infrastructure-is-targeted/article-2678</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>ओवल ऑफिस में प्रार्थना सभा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशभर से आए पादरियों के एक समूह को व्हाइट हाउस बुलाया। ओवल ऑफिस में हुई इस प्रार्थना सभा में पादरी ट्रंप के चारों ओर खड़े होकर उनके लिए प्रार्थना करते दिखे। कई पादरियों ने ट्रंप के कंधों और हाथों पर हाथ रखकर उनके लिए ईश्वर से मार्गदर्शन और समझदारी की दुआ मांगी।<br />गुरुवार को जारी एक वीडियो में कई पादरी राष्ट्रपति को घेरकर खड़े नजर आते हैं। वे ट्रंप के ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना करते हैं, जबकि ट्रंप आंखें बंद कर समूह के बीच खड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/prayer-meeting-in-oval-office/article-2666"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/4455.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशभर से आए पादरियों के एक समूह को व्हाइट हाउस बुलाया। ओवल ऑफिस में हुई इस प्रार्थना सभा में पादरी ट्रंप के चारों ओर खड़े होकर उनके लिए प्रार्थना करते दिखे। कई पादरियों ने ट्रंप के कंधों और हाथों पर हाथ रखकर उनके लिए ईश्वर से मार्गदर्शन और समझदारी की दुआ मांगी।<br />गुरुवार को जारी एक वीडियो में कई पादरी राष्ट्रपति को घेरकर खड़े नजर आते हैं। वे ट्रंप के ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना करते हैं, जबकि ट्रंप आंखें बंद कर समूह के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। पादरी उनके नेतृत्व के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें समझदारी और सुरक्षा देने की बात कहते हैं।<br />इस दौरान लीड पादरी टॉम मुलिंस कहते नजर आ रहे हैं कि, 'हम प्रार्थना करते हैं कि ऊपर से मिलने वाली समझदारी उनके दिल और दिमाग में आए। इन मुश्किल हालात में आप उन्हें रास्ता दिखाएं. हम उन पर आपकी कृपा और सुरक्षा की दुआ करते हैं।<br />प्रार्थना के दौरान पादरियों ने अमेरिकी सैनिकों के लिए भी दुआ की। उन्होंने कहा कि भगवान अमेरिका की सेना में सेवा दे रहे सभी पुरुषों और महिलाओं की रक्षा करें और राष्ट्रपति को देश का नेतृत्व करने की ताकत देते रहें।<br />यह प्रार्थना सभा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फरी शुरू किया था। वॉशिंगटन का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद तेहरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकना था। इस कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई लोगों की मौत हुई और कई अहम सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा।<br />इस ऑपरेशन के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले शुरू कर दिए। गुरुवार को इन हमलों का सातवां दिन था और इलाके में तनाव लगातार बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 16:50:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता :</strong></em> अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने और लैंगिक समानता की वकालत करने के लिए मनाया जाता है।  यह जागरूकता बढ़ाने, बाधाओं को तोड़ने और सभी के लिए समान अवसरों को बढ़ावा देने का दिन है।  यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज और राष्ट्र मजबूत होते है।  यह समानता और अधिकारों के लिए एक वैश्विक आंदोलन है, जो महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक है। यह एक ऐसा दिन है जो महिलाओं को सपने देखने और उन्हें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/international/special-on-8-march-international-womens-day/article-2659"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-03/image-(2).png" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता :</strong></em> अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने और लैंगिक समानता की वकालत करने के लिए मनाया जाता है।  यह जागरूकता बढ़ाने, बाधाओं को तोड़ने और सभी के लिए समान अवसरों को बढ़ावा देने का दिन है।  यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज और राष्ट्र मजबूत होते है।  यह समानता और अधिकारों के लिए एक वैश्विक आंदोलन है, जो महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक है। यह एक ऐसा दिन है जो महिलाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च 1911 से पूरे विश्व में मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाना है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम है दान से लाभ है, जो उदारता, सहयोग और सामूहिक प्रगति के मूल्यों को बढ़ावा देता है। यह अभियान इस बात पर प्रकाश डालता है कि महिलाओं का समर्थन करना और लैंगिक समानता को आगे बढ़ाना सभी के लिए व्यापक सामाजिक और आर्थिक लाभ ला सकता है। इस अभियान का मूल विचार यह है कि जब महिलाएं शिक्षा, नेतृत्व, उद्यमिता, विज्ञान, कला और राजनीति जैसे क्षेत्रों में सशक्त होती हैं, तो इससे मजबूत समुदाय और साझा समृद्धि का निर्माण होता है। सहयोग और समान अवसरों को प्रोत्साहित करके, यह अभियान समाज में समावेशी विकास और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देना चाहता है।</p>
<p>भारत में महिलाओं की सुरक्षा और इज्जत का खास ख्याल रखा जाता है। अगर हम इक्कीसवीं सदी की बात करे तो यहां की महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला काम कर रही है। अब तो भारत की संसद ने भी महिलाओं के लिये लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक पास कर दिया है। उससे आने वाले समय में भारत की राजनीति में महिलाओं की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो जायेगी। देश में महिलाओं को अब सेना में भी महत्वपूर्ण पदो पर तैनात किया जाने लगा है। जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>
<p>यहां महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार है। महिलायें देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती है तथा विकास में भी बराबर की भागीदार है। आज के युग में महिला पुरुषों के साथ ही नहीं बल्कि उनसे दो कदम आगे निकल चुकी है। महिलाओं के बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। भारतीय संविधान के अनुसार महिलाओं को भी पुरुषों के समान जीवन जीने का हक है। भारत में नारी को देवी के रूप में देखा गया है। कहा जाता है कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। प्राचीन काल से ही यहां महिलाओं को समाज में विशिष्ट आदर एवं सम्मान दिया जाता है।</p>
<p>भारत में वर्षो से महिला सुरक्षा से जुड़े कई कानून बने है। इसमें हिंदू विडो रीमैरिज एक्ट 1856, इंडियन पीनल कोड 1860, मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1861, क्रिस्चियन मैरिज एक्ट 1872, मैरिड वीमेन प्रॉपर्टी एक्ट 1874,चाइल्ड मैरिज एक्ट 1929, स्पेशल मैरिज एक्ट 1954, हिन्दू मैरिज एक्ट 1955, फॉरेन मैरिज एक्ट 1969, इंडियन डाइवोर्स एक्ट 1969, मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन एक्ट 1986, नेशनल कमीशन फॉर वुमन एक्ट 1990, सेक्सुअल हर्रास्मेंट ऑफ वुमन एट वर्किंग प्लेस एक्ट 2013 आदि। इसके अलावा 7 मई 2015 को लोक सभा ने और 22 दिसम्बर 2015 को राज्य सभा ने जुवेनाइल जस्टिस बिल में भी बदलाव किया है। इसके अन्तर्गत यदि कोई 16 से 18 साल का किशोर जघन्य अपराध में लिप्त पाया जाता है तो उसे भी कठोर सजा का प्रावधान है।</p>
<p>राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक साल 2023 में भारत में महिलाओं के खिलाफ कुल 4,05,861 अपराध दर्ज किए गए। इन अपराधों में बलात्कार, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध, और अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के सामने आए हैं।जो समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हमारी उदासीनता को दर्शाते हैं। इससे पहले 2022 में 4,45,256 मामले, 2021 में 4,28,278मामले 2020 में 3,71,503 मामले दर्ज किए गए थे।</p>
<p>राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर से पूरे साल में महि…</p>
<p><em><strong>रमेश सर्राफ धमोरा...</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 14:01:50 +0530</pubDate>
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