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                <title>स्थानीय - Gambheer Samachar</title>
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                <title>ईडी ने आई-पैक पर कसा शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति बनाने में मदद करने वाली कंपनी आई-पैक पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने और शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आई-पैक के सह संस्थापक और डायरेक्टर विनेश चांडिल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी ने एक अन्य डायरेक्टर ऋषिराज सिंह को समन भेजा है। उन्हें दिल्ली में ईडी ऑफिस में हाजिर होने का निर्देश दिया गया।</p>
<p>ईडी के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें फाइनेंशियल करप्शन के एक केस में समन भेजा गया है। ईडी के मुताबिक, इसी केस में विनेश चांडिल को अरेस्ट किया गया है। ईडी ने उनसे पूछताछ करके कुछ जानकारी हासिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/ed-tightened-its-grip-on-i-pack/article-2884"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/img-20260420-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति बनाने में मदद करने वाली कंपनी आई-पैक पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने और शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आई-पैक के सह संस्थापक और डायरेक्टर विनेश चांडिल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी ने एक अन्य डायरेक्टर ऋषिराज सिंह को समन भेजा है। उन्हें दिल्ली में ईडी ऑफिस में हाजिर होने का निर्देश दिया गया।</p>
<p>ईडी के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें फाइनेंशियल करप्शन के एक केस में समन भेजा गया है। ईडी के मुताबिक, इसी केस में विनेश चांडिल को अरेस्ट किया गया है। ईडी ने उनसे पूछताछ करके कुछ जानकारी हासिल की है और सेंट्रल जांच सूत्रों के मुताबिक, उसी को वेरिफाई करने के लिए ऋषिराज सिंह को समन भेजा गया है।</p>
<p>आई-पैक ऑर्गनाइजेशन के खिलाफ फाइनेंशियल करप्शन का केस फाइल किया गया है और इस केस में ऑर्गनाइजेशन के तीन डायरेक्टर्स ईडी की जांच के दायरे में हैं। ऋषिराज सिंह उनमें से एक हैं। वह ऑर्गनाइजेशन के हर केस में फैसले लेते थे। जाहिर है, उनका रोल बहुत अहम है।</p>
<p>एक डायरेक्टर, विनेश चांडिल को पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है। वह आई-पैक के को-फाउंडर भी हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, उनसे कुछ जानकारी मिली है। उस जानकारी को वेरिफाई करने के लिए ऋषिराज को समन भेजा गया है। इससे पहले प्रतीक जैन के भाई और पत्नी को समन भेजा गया था।</p>
<p>इस बीच, प्रतीक जैन को 2 अप्रैल को दिल्ली में समन भेजा गया था। उसके बाद एआई-पैक के को-फाउंडर प्रतीक जैन ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा कि वह चुनाव के काम में व्यवस्त हैं। इसलिए, वह दिल्ली में नहीं, बल्कि कोलकाता में पेश होंगे। वह केस अभी भी पेंडिंग है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वे जांच जारी रख सकते हैं। ऐसे में, प्रतीक की जगह उनके भाई पुलकित जैन और पत्नी बार्बी को समन भेजा गया था, लेकिन, वे पेश नहीं हुए। इस बीच, तृणमूल ने सवाल उठाए हैं कि प्रतीक के परिवार को जांच के दायरे में क्यों लाया गया?</p>
<p>पश्चिम बंगाल में आई-पैक का काम 20 दिनों के लिए बंद होने की खबर को लेकर राज्य की पॉलिटिक्स में काफी अटकलें लगाई गईं। हालांकि, तृणमूल ने दावा किया है कि यह बेबुनियाद है. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया-सेंट्रल एजेंसियां हमारी पार्टी के संगठनों को बंगाल छोड़ने के लिए कह रही हैं। अगर उन्हें डराया गया, तो वे मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हम उन्हें नौकरी देंगे, हम किसी भी लड़के को बेरोजगार नहीं होने देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:42:43 +0530</pubDate>
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                <title>ममता ने पीएम मोदी के झालमुड़ी खाने वाले वीडियो पर कसा तंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : झाड़ग्राम में चुनावी सभा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान से 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदी और खाई। उन्होंने अपनी जेब से 10 रुपये निकालकर कीमत चुकाई। बाद में उन्होंने इसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसको लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी की 'मुड़ी पे चर्चा' पर तंज कसा है। सोमवार को उन्होंने बीरभूम के मुरारई में एक जनसभा की। ममता का दावा है कि झालमुड़ी खरीदने, खाने और परोसने का मामला मोदी का 'ड्रामा' है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/mamta-took-a-dig-at-the-video-of-pm-modi/article-2883"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/img-20260420-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : झाड़ग्राम में चुनावी सभा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान से 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदी और खाई। उन्होंने अपनी जेब से 10 रुपये निकालकर कीमत चुकाई। बाद में उन्होंने इसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसको लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी की 'मुड़ी पे चर्चा' पर तंज कसा है। सोमवार को उन्होंने बीरभूम के मुरारई में एक जनसभा की। ममता का दावा है कि झालमुड़ी खरीदने, खाने और परोसने का मामला मोदी का 'ड्रामा' है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुकान में पहले से कैमरे और माइक्रोफोन लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली एसपीजी ने झालमुड़ी बनवाई।</p>
<p>ममता ने जनसभा से कहा-उन्होंने दुकान में माइक्रोफोन लगाया और एसपीजी से झालमुड़ी बनवाई। क्या उनकी जेब में कभी 10 रुपये होते हैं? कितना ड्रामा। इसके बाद ममता ने मोदी के कुछ पिछले पोस्ट पर तंज कसा। उन्होंने कहा-चुनाव के दौरान, वह एक गुफा में बैठते हैं। कभी-कभी चुनाव के दौरान उन्होंने कहा, मैं एक चायवाला हूं। अब वह 10 रुपये में झालमुड़ी खा रहा है। </p>
<p>और अगर यह नहीं बनना है, तो दुकान में पहले से कैमरे कैसे लगे थे? सब ड्रामा है। क्या लोग नहीं समझते? ममता ने यह भी दावा किया कि मोदी बाहर से लोगों को ट्रेन से अपनी जनसभा में ले जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:40:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>800 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में कम से कम 800 तृणमूल कार्यकर्ताओं के गिरफ्तार होने की आशंका है। तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को उसने चीफ जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की बेंच में केस फाइल करने की इजाजत दे दी। मामले की सुनवाई अगले बुधवार को होने की संभावना है।</p>
<p>मालूम हो कि बीते 12 अप्रैल को ममता बनर्जी ने खंड घोष की सभा से बड़ी साजिश का डर जताया था। ममता ने कहा था-वोटिंग मशीनें बहुत सावधान हैं। उनका प्लान धीरे वोटिंग कराना है। धीरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/fear-of-arrest-of-800-workers/article-2882"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/img-20260420-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में कम से कम 800 तृणमूल कार्यकर्ताओं के गिरफ्तार होने की आशंका है। तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को उसने चीफ जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की बेंच में केस फाइल करने की इजाजत दे दी। मामले की सुनवाई अगले बुधवार को होने की संभावना है।</p>
<p>मालूम हो कि बीते 12 अप्रैल को ममता बनर्जी ने खंड घोष की सभा से बड़ी साजिश का डर जताया था। ममता ने कहा था-वोटिंग मशीनें बहुत सावधान हैं। उनका प्लान धीरे वोटिंग कराना है। धीरे काउंटिंग कराना है। पहले यह दिखाया जाएगा कि बीजेपी जीत रही है। वे कई लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑपरेशन आधी रात से शुरू होगा। हमें खबर भी मिल जाएगी। अगर टीवी पर दिखाया जाता है कि वे जीत रहे हैं, तो वे झूठ बोल रहे हैं। </p>
<p>तृणमूल ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के वकील कल्याण बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि चुनाव आयोग ने पुलिस के जरिए पूरे बंगाल से करीब 800 तृणमूल कार्यकर्ताओं के नाम लिए हैं। उनके गिरफ्तार होने का डर है। कल्याण ने रिक्वेस्ट की कि कोर्ट इस मामले में तुरंत दखल दे। केस फाइल करने की परमिशन और जल्दी सुनवाई के लिए भी अप्लाई किया गया। जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की बेंच ने अनुरोध के मुताबिक केस फाइल करने की इजाजत दे दी। केस की सुनवाई अगले बुधवार को होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘बंगाल में बदलाव निश्चित’</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी  नेता देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोग 15 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस सरकार से बदलाव चाहते हैं। देवेंद्र फडणवीस अभी पश्चिम बंगाल में हैं, जहां वे 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनावों से पहले, आखिरी हफ़्ते में अपनी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं।<br />महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा-इस बार, बंगाल के लोग सिर्फ़ अपने दिल की आवाज़ सुनेंगे। उनके दिल की आवाज़ कहती है कि पश्चिम बंगाल में बदलाव होना चाहिए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/%E2%80%98change-is-certain-in-bengal%E2%80%99/article-2879"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-4.51.58-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी  नेता देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोग 15 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस सरकार से बदलाव चाहते हैं। देवेंद्र फडणवीस अभी पश्चिम बंगाल में हैं, जहां वे 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनावों से पहले, आखिरी हफ़्ते में अपनी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं।<br />महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा-इस बार, बंगाल के लोग सिर्फ़ अपने दिल की आवाज़ सुनेंगे। उनके दिल की आवाज़ कहती है कि पश्चिम बंगाल में बदलाव होना चाहिए। 2021 में भी वे यही कहते थे, लेकिन उस समय उनके मन में डर था। लेकिन अब बंगाल जानता है कि 'डर के आगे जीत है। बदलाव ज़रूर होगा, और राज्य में बीजेपी सत्ता में आएगी।<br />बीजेपी के अवैध घुसपैठ-विरोधी चुनावी मुद्दे का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी सरकार पश्चिम बंगाल से राष्ट्र-विरोधी ताकतों को हटा देगी। यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है। जिस तरह ममता बनर्जी सरकार ने घुसपैठियों को लाकर राज्य की आबादी का ढांचा बदल दिया, ताकि सरकार न बदले, वह देश के लिए खतरनाक है। घुसपैठिए देश में सिर्फ़ अपने गुज़ारे के लिए आते हैं, और उनका हमारे देश के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। हमें उन्हें बाहर निकालना होगा। जैसे ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी सत्ता में आएगी, राष्ट्र-विरोधी ताकतों को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।<br />फडणवीस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के "बांग्ला-विरोधी" दांव पर पलटवार करते हुए बीजेपी को राज्य में बाहरी बताया। 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा भारतीय जनसंघ की स्थापना का ज़िक्र करते हुए बीजेपी  नेता ने कहा कि पार्टी को बाहरी कहना गलत है। मैं कहूंगा कि हमारी पार्टी बंगाल की असली पार्टी है, क्योंकि इसकी शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी, जो बंगाल के ही बेटे थे। आप हमें बाहरी नहीं कह सकते। हमारे सभी नेता पक्के बंगाली हैं। आर्थिक मोर्चे पर ममता सरकार को निशाना बनाते हुए, फडणवीस ने दावा किया कि टीएमसी  के शासन में लगभग 6000 उद्योग और 100 से ज़्यादा लिस्टेड कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर चली गई हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में औद्योगिक विकास की बहुत बड़ी संभावना है। लेकिन यहां के मौजूदा माहौल की वजह से राज्य में डर का माहौल है। बेहतर शासन और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (व्यापार करने में आसानी) के ज़रिए, बंगाल एक बार फिर से एक औद्योगिक राज्य के तौर पर अपनी पहचान बनाएगा। जब यहां बीजेपी  की सरकार बनेगी, तो रोज़गार के कई नए अवसर पैदा होंगे। ममता जी की सरकार में, 6000 से ज़्यादा उद्योग और 100 से ज़्यादा लिस्टेड कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर चली गईं, और हमें राज्य को इस सबसे छुटकारा दिलाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:54:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>ममता के प्रस्तावक के घर पर आईटी का छापा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और भवानीपुर से तृणमूल उम्मीदवार के प्रस्तावक मिराज शाह के घर इनकम टैक्स के अधिकारी गए। सत्ताधारी पार्टी ने इस घटना में राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है।<br />अपना नामांकन पत्र दाखिल करते समय ममता ने सभी धर्मों के बीच सद्भाव का संदेश देने के लिए चार धर्मों के चार लोगों को प्रस्ताव दिया था। मिराज उनमें से एक हैं। शुक्रवार को रास बिहारी उम्मीदवार, निवर्तमान विधायक देबाशीष कुमार के घर और ससुराल पर इनकम टैक्स की छापेमारी के बीच, मिराज के एल्गिन रोड स्थित घर पर भी आईटी  की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/69e217c843e2a/article-2877"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-4.45.39-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और भवानीपुर से तृणमूल उम्मीदवार के प्रस्तावक मिराज शाह के घर इनकम टैक्स के अधिकारी गए। सत्ताधारी पार्टी ने इस घटना में राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है।<br />अपना नामांकन पत्र दाखिल करते समय ममता ने सभी धर्मों के बीच सद्भाव का संदेश देने के लिए चार धर्मों के चार लोगों को प्रस्ताव दिया था। मिराज उनमें से एक हैं। शुक्रवार को रास बिहारी उम्मीदवार, निवर्तमान विधायक देबाशीष कुमार के घर और ससुराल पर इनकम टैक्स की छापेमारी के बीच, मिराज के एल्गिन रोड स्थित घर पर भी आईटी  की छापेमारी की खबर सामने आई है। सत्ताधारी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी  ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई के लिए ईडी  का इस्तेमाल किया है। इस तरह वे चुनाव जीतना चाहते हैं।<br />मालूम हो कि 8 अप्रैल को भवानीपुर से तृणमूल उम्मीदवार ममता ने अपना नामांकन दाखिल किया था। उस दिन ममता के साथ सभी धर्मों के बीच सद्भाव का संदेश देने के लिए एक्ट्रेस और तृणमूल की राज्यसभा सांसद  कोयल मल्लिक के पति, प्रोड्यूसर निसपाल सिंह राणे भी थे। इसके अलावा, शिक्षाविद मिराज, मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम की पत्नी इस्मत हकीम और वार्ड नंबर 71 के तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष बबलू सिंह भी मौजूद थे। मिराज भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य हैं। वह इलाके में काफी मशहूर हैं। ममता ने अपने विधानसभा क्षेत्र के निवासी मिराज को प्रस्तावक बनने के लिए कहा। मिराज ने पत्र पर सहमति जताई। वह ममता के नामांकन दाखिल करने के समय भी उनके साथ मौजूद थे।<br />शुक्रवार को कोलकाता में कई जगहों पर इनकम टैक्स के छापे की खबरें आईं। इनमें साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट जैसे 'महत्वपूर्ण इलाके' शामिल हैं। उन सभी जगहों पर केंद्रीय बलों द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच तलाशी ली गई। तृणमूल विधायक देबाशीष के घर पर भी तलाशी ली गई। इससे पहले, ईडी ने उन्हें भी तलब किया था। शुक्रवार को ममता ने एक राजनीतिक बैठक में केंद्रीय एजेंसी के ऑपरेशन के खिलाफ बात की। तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले वोट हासिल करने के लिए केंद्रीय एजेंसी से चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा-यहां, बीजेपी  के बड़े-बड़े नेता जेड प्लस  लेकर घूम रहे हैं। सब हरिदास हैं! हर कोई 20-25 सेंट्रल फोर्स (सेंट्रल फोर्स के जवान) लेकर घूम रहा है। जब वे अपने घरों से बाहर निकलते हैं, तो कोई उनकी तरफ देखता भी नहीं है। लेकिन उनकी सिक्योरिटी नहीं हटाई गई, सिर्फ तृणमूल की हटाई गई। उन्होंने यह भी कहा-मैं जानना चाहती हूं कि कितने बीजेपी  (नेताओं) के घरों की तलाशी ली गई है।<br />बीजेपी  पर निशाना साधते हुए ममता ने आगे कहा-वे बंगाल में काले धन की हुंडियां लेकर बैठे हैं। और वे मेरे उम्मीदवार के घर, पार्टी ऑफिस की तलाशी ले रहे हैं। वे मेरे प्लेन की भी तलाशी लेने गए। वे मेरे सिक्योरिटी गार्ड्स पर रेड कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:53:35 +0530</pubDate>
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                <title>घर पर बमबाजी की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पास आते ही, पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम में राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। इलाके के दाउदपुर इलाके के नैनन गांव में देर रात बीजेपी  के अल्पसंख्यक मोर्चा  के एक नेता के घर पर बम से हमले के आरोप को लेकर गहरा राजनीतिक तनाव फैल गया है। बीजेपी  का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने माइनॉरिटी फ्रंट के तमलुक संगठनात्मक जिले के सचिव अब्बास बेग के घर पर हमला किया। इस घटना में तृणमूल नेता शेख सूफियान और शमसुल इस्लाम पर बम हमले को लीड करने का आरोप लगा है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/home-bombing-threat/article-2873"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-3.19.40-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पास आते ही, पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम में राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। इलाके के दाउदपुर इलाके के नैनन गांव में देर रात बीजेपी  के अल्पसंख्यक मोर्चा  के एक नेता के घर पर बम से हमले के आरोप को लेकर गहरा राजनीतिक तनाव फैल गया है। बीजेपी  का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने माइनॉरिटी फ्रंट के तमलुक संगठनात्मक जिले के सचिव अब्बास बेग के घर पर हमला किया। इस घटना में तृणमूल नेता शेख सूफियान और शमसुल इस्लाम पर बम हमले को लीड करने का आरोप लगा है। सूफियान के खिलाफ नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।<br />अब्बास बेग का आरोप है कि 15 अप्रैल को नंदीग्राम के दाउदपुर ग्राम पंचायत के नैनन में पवित्र कर के समर्थन में एक रोड मीटिंग थी। आरोप है कि शेख सूफियान ने वहीं से उन्हें गालियां दीं। अब्बास का दावा है कि उन्हें धमकी भी दी गई। उन्होंने नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इस बम धमाके के आरोप उस घटना के बाद सामने आए। आरोप है कि 16 अप्रैल की रात को दाउदपुर में अब्बास के घर के पास बम लगाया गया था। खबर मिलते ही आईसी  की लीडरशिप में नंदीग्राम थाने की बड़ी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। वहां से नए बम बरामद हुए। घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अब्बास बेग ने सेंट्रल जांच एजेंसी एनआईए के साथ-साथ इलेक्शन कमीशन के तहत पुलिस से भी जांच की मांग की है। अब्बास बेग का दावा है कि उन्हें सिक्योरिटी की कमी महसूस हो रही है। इसीलिए उन्होंने पुलिस से संपर्क किया है। इस बीच, नंदीग्राम के तृणमूल लीडर शेख सूफियान ने बम धमाके और जान से मारने की धमकी के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और पॉलिटिकल रूप से मोटिवेटेड है। उन्होंने अब्बास बेग पर निशाना साधते हुए कहा-अब्बास बेग चोर है। उसने पंचायत के पैसे, मुर्गियां और बकरियां चुराई हैं। क्या मुझे उसके बारे में बात करनी है?  मैं इतना गिरा नहीं हूं कि मुझे उसके बारे में बात करनी पड़े। बीजेपी  भूल गई है कि वह हार जाएगी। इसीलिए उसे झूठा केस करना पड़ रहा है।<br /> वहीं, सुफियान का चैलेंज है-अगर किसी ने शिकायत की है तो मेरी धमकी का वीडियो नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में जमा करे। फिलहाल नंदीग्राम पर शिकायतों और जवाबी शिकायतों का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, जैसे-जैसे वोटिंग का दिन पास आ रहा है, नंदीग्राम में तनाव बढ़ रहा है। 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला था। इस बार सत्ताधारी तृणमूल खेमा कांटे की टक्कर लेना चाहता है। 2026 के चुनाव में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी और उनकी पूर्व शैडो पार्टनर पवित्रा कार के बीच मुकाबला है। उस नंदीग्राम पर हॉट बॉम्बिंग का आरोप है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:20:45 +0530</pubDate>
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                <title>हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगा चुनाव आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई)  ने बड़ा प्लान बनाया है। चुनाव आयोग ने अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए बिना चारदीवारी वाले पोलिंग बूथों के चारों ओर अस्थायी बांस की बाड़ लगाने का निर्देश दिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि जांच के दौरान आयोग के प्रतिनिधियों ने बिना उचित चारदीवारी वाले खुले स्कूल भवनों में कई मतदान केंद्रों की पहचान की है। इससे अनधिकृत व्यक्तियों के लिए मतदान केंद्रों के अंदर आसानी से प्रवेश करना और वहां मौजूद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/election-commission-will-follow-the-policy-of-zero-tolerance-against/article-2872"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-2.43.45-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई)  ने बड़ा प्लान बनाया है। चुनाव आयोग ने अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए बिना चारदीवारी वाले पोलिंग बूथों के चारों ओर अस्थायी बांस की बाड़ लगाने का निर्देश दिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि जांच के दौरान आयोग के प्रतिनिधियों ने बिना उचित चारदीवारी वाले खुले स्कूल भवनों में कई मतदान केंद्रों की पहचान की है। इससे अनधिकृत व्यक्तियों के लिए मतदान केंद्रों के अंदर आसानी से प्रवेश करना और वहां मौजूद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों की निगरानी से बचना आसान हो जाता है। दरअसल पूरे पश्चिम बंगाल में बिना किसी डर-धमकी के वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए 'सुपर-सेंसिटिव' (अत्यधिक संवेदनशील) बूथों की पहचान की गई है। इसमें अल्पसंख्यक-बहुल मालदा, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार भी शामिल हैं। इसके लिए जिला प्रशासन और केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने खास सुरक्षा योजनाएं तैयार की हैं।<br />जिला निर्वाचन अधिकारी, एसपी, सीएपीएफ के नोडल अधिकारी और केंद्रीय पर्यवेक्षक मिलकर हर बूथ के लिए खास रणनीतियां लागू करेंगे। इसमें कड़ी निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल होगी। स्पेशल रोल्स ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने हमारे सहयोगी इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि सुपर-सेंसिटिव बूथों की पहचान जिला प्रशासन और केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने मिलकर की है। इन बूथों की खास जरूरतों के हिसाब से बनाई गई अन्य रणनीतियों के साथ-साथ यहां अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।<br />गुप्ता ने स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर एनके मिश्रा के साथ मिलकर पिछले कुछ दिनों में मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कूचबिहार में डीईओ, एडीएम, एसपी, बीडीओ और केंद्रीय और पुलिस ऑब्जर्वर्स के साथ कई बैठकें कीं। राजनीतिक पार्टियों के साथ भी अलग से बातचीत की गई ताकि उनकी शिकायतें सुनी जा सकें और उसके बाद केंद्रीय ऑब्जर्वर्स के साथ सलाह-मशविरा किया गया। ताकि संवेदनशील मुद्दों को उठाया जा सके। ये तीनों तरह की बैठकें हर जिले में आयोजित की गईं।<br />मालदा और मुर्शिदाबाद पर खास ध्यान दिया जा रहा है। जहां चुनाव से जुड़ी हिंसा का इतिहास रहा है और जहां अल्पसंख्यक आबादी काफी ज्यादा है। मालदा के मोथाबाड़ी और सुजापुर में हाल की घटनाओं की वजह से कई बूथों को 'सुपर-सेंसिटिव' (अति-संवेदनशील) घोषित किया गया है। इनमें एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर हुई अशांति और न्यायिक अधिकारियों का घेराव शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, मालदाहा और इंग्लिश बाजार के बूथ भी इस लिस्ट में शामिल हैं।<br />कूचबिहार में कूचबिहार दक्षिण, सिताई, माथाभांगा के कुछ हिस्सों और दिनहाटा के बूथों को 'सुपर-सेंसिटिव'  श्रेणी में रखा गया है। मुर्शिदाबाद में शमशेरगंज और बेलडांगा सहित कई बूथ 'सेंसिटिव'  और 'सुपर-सेंसिटिव'  श्रेणियों में आते हैं।  पश्चिम बंगाल के सीईओ  मनोज कुमार अग्रवाल  ने हिंसा की आशंका वाले इलाकों का दौरा किया है। जिनमें बेलडांगा भी शामिल है। गुप्ता ने कहा कि हिंसा और डराने-धमकाने के प्रति जीरो टॉलरेंस चुनाव आयोग का मार्गदर्शक सिद्धांत है और यह बात सभी संबंधित पक्षों को बता दी गई है।<br />उन्होंने आगे कहा कि जाने-माने उपद्रवियों को भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत भारी जमानत राशि पर पाबंद किया जाना चाहिए और उन्हें एक दिन छोड़कर पुलिस थानों में रिपोर्ट करने के लिए कहा जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ओर से मतदाताओं को डराने-धमकाने के संबंध में जताई गई चिंताओं को दूर किया जा रहा है। राजनीतिक दलों को चुनाव में सभी के लिए समान अवसर का आश्वासन दिया गया है। गुप्ता ने कहा कि दलों को आजादी से प्रचार करने की अनुमति होनी चाहिए। किसी भी तरह की रुकावट होने पर पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जिसमें जरूरत पड़ने पर गिरफ़्तारी भी शामिल है।<br />सोमवार को इटाहार और रायगंज में, मंगलवार को सिलीगुड़ी में (जिसमें दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया) और बुधवार को कूचबिहार में बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ज्ञानेश भारती और पवन शर्मा ने चुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए बांकुरा, पश्चिम और पूर्वी बर्धमान, उत्तरी 24 परगना और कोलकाता का दौरा किया।<br />सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने बूथ पर कब्जा करने, मतदान प्रक्रिया में रुकावट डालने और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी हरकतों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है, तो दोबारा मतदान का आदेश दिया जाएगा। हम इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोबारा मतदान का आदेश ठोस आधार पर ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए अगर कुछ समय के लिए ईवीएम खराब हो जाती है, लेकिन मतदान 50 फीसदी  से ज्यादा हो चुका होता है, तब भी परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा मतदान पर विचार किया जा सकता है।<br />चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन वापस लेने के बाद अब 2,926 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 1,448 उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। पहले चरण में लगभग 2,400 सीएपीएफ  कंपनियों को तैनात किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
 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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:56:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, असम के मुख्यमंत्री ने पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर पर बाबरी मस्जिद बनाने के उनके फ़ैसले को लेकर निशाना साधा, और कहा कि बीजेपी-शासित राज्यों में ऐसी बातें नहीं होतीं। कोई आएगा और कहेगा, बाबर की मस्जिद बनाओ। कोई दूसरा कहेगा कि मैं शाहजहां की मस्जिद बनाऊंगा। भारत के बाकी हिस्सों में ऐसा नहीं होता। क्या उत्तर प्रदेश में कोई कह सकता है कि वे बाबरी मस्जिद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/himanta-biswa-sarma-accused-mamata-banerjee-of-inciting-communal-tension/article-2871"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-2.15.21-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, असम के मुख्यमंत्री ने पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर पर बाबरी मस्जिद बनाने के उनके फ़ैसले को लेकर निशाना साधा, और कहा कि बीजेपी-शासित राज्यों में ऐसी बातें नहीं होतीं। कोई आएगा और कहेगा, बाबर की मस्जिद बनाओ। कोई दूसरा कहेगा कि मैं शाहजहां की मस्जिद बनाऊंगा। भारत के बाकी हिस्सों में ऐसा नहीं होता। क्या उत्तर प्रदेश में कोई कह सकता है कि वे बाबरी मस्जिद बनाएंगे?  क्या असम में कोई कह सकता है कि वे बाबरी मस्जिद बनाएंगे?  वे यह बात कहां कह सकते हैं?  वे यह बात पश्चिम बंगाल में कह सकते हैं। क्या ये सभी लोग ममता बनर्जी की गोद में खेल रहे हैं?  इसीलिए कोई भी जो चाहे कह सकता है।<br />उन्होंने आगे बीजेपी के लिए समर्थन की अपील की, और भरोसा दिलाया कि पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में घुसपैठियों को आने से रोकने के लिए सीमाओं पर बिजली के करंट वाली बाड़ लगाई जाएगी। असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर बाड़ लगाई जाएगी... जो भी आएगा, उसे बिजली का झटका लगेगा। लेकिन अभी, हम यह असम और त्रिपुरा में कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं होता। वहां यह काम अधूरा रह जाता है। इसलिए हमें एक मौका दीजिए। त्रिपुरा में बीजेपी सरकार, असम में बीजपी सरकार, और पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार। बाड़ में बिजली का करंट होगा। कोई भी अंदर नहीं आ पाएगा। दिन की शुरुआत में, सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में कथित गौ-तस्करी को लेकर निशाना साधा और ज़ोर देकर कहा कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी इसे रोक देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी-शासित राज्यों में मांस पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।<br />उन्होंने कहा कि हर दिन, मां कामाख्या में पशु बलि की रस्म होती है, लेकिन असम में मांस पर प्रतिबंध नहीं है। ममता जी को डर है कि जब बीजेपी सत्ता में आएगी, तो मांस पर प्रतिबंध लग जाएगा। असम और बिहार में बीजेपी की सरकारें हैं, लेकिन मांस पर प्रतिबंध नहीं है। ममता जी को डर है कि बीजेपी के सत्ता में आने से उनके राज्य में गौ-तस्करी रुक जाएगी। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी पर बंगाल की पहचान और संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने 'पोइला बोइशाख' पश्चिम बंगाल के लोगों के बीच बिताया और राज्य की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया।<br />एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी-शासित राज्यों में बंगाल के लोगों को "तकलीफ़ और अपमान" का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की संस्कृति और विविधता को मिटाकर एकरूपता थोपने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/himanta-biswa-sarma-accused-mamata-banerjee-of-inciting-communal-tension/article-2871</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:44:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय बलों के एक अधिकारी ने टीएमसी नेता को मारा थप्पड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> :  केंद्रीय बलों के एक अधिकारी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे टीएमसी के एक स्थानीय नेता को जोरदार थप्पड़ जड़ते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो पश्चिम मेदिनीपुर के सबंग का बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद टीएमसी अब सवाल उठा रही है कि क्या केंद्रीय बलों के किसी भी अधिकारी को इस तरह से किसी को भी थप्पड़ मारने का अधिकार है।<br />यह घटना  सबंग विधानसभा क्षेत्र के साराटा क्षेत्र संख्या  6  के छिन इलाके में हुई। बीजेपी का आरोप है कि इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय टीएमसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/a-central-forces-officer-slapped-a-tmc-leader/article-2870"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-17-at-1.31.11-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> :  केंद्रीय बलों के एक अधिकारी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे टीएमसी के एक स्थानीय नेता को जोरदार थप्पड़ जड़ते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो पश्चिम मेदिनीपुर के सबंग का बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद टीएमसी अब सवाल उठा रही है कि क्या केंद्रीय बलों के किसी भी अधिकारी को इस तरह से किसी को भी थप्पड़ मारने का अधिकार है।<br />यह घटना  सबंग विधानसभा क्षेत्र के साराटा क्षेत्र संख्या  6  के छिन इलाके में हुई। बीजेपी का आरोप है कि इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय टीएमसी नेताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के काम में बाधा डाली। इसके अलावा यह भी आरोप है कि एक बीजेपी कार्यकर्ता पर हमला किया गया। इस घटना के बाद केंद्रीय बल मौके पर पहुंची।<br />वायरल वीडियो में दिख रहा है कि केंद्रीय बलों का एक अधिकारी उन लोगों की पहचान कर रहा है, जिन्होंने  बीजेपी के चुनावी अभियान में बाधा डाली। अधिकारी ने टीएमसी के एक स्थानीय नेता को बुलाकार उससे यह पुष्टि करने को कहा कि क्या वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वही है। टीएमसी नेता ने जैसे ही सिर हिलाकर इसकी पुष्टि की, केंर्दीय बलों के अधिकारी ने उसके चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया।<br />स्थानीय टीएमसी नेता को थप्पड़ मारने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी नेताओं ने उनके पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने उचित कार्रवाई की। बीजेपी के घाटाल संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष अमूल्य माइती ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया है। क्या उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे इन लोगों को लाड़-प्यार देंगे?<br />वहीं, टीएमसी के सबंग ब्लॉक के अध्यक्ष अबू कलाम बॉक्स ने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय बल के किसी अधिकारी के पास इस तरह से कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के संबंध में केंद्रीय बलों के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में पहले ही एक लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके अलावा उन्होंने पुष्टि की कि इस मामले की औपचारिक सूचना सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/a-central-forces-officer-slapped-a-tmc-leader/article-2870</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:42:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में अधिकारियों के तबादलों पर लगाई मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। यह तबादले भारतीय चुनाव आयोग द्वारा किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने कहा कि इस मामले में उठाए गए कानूनी प्रश्न को फिलहाल खुला रखा जाएगा।<br />सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट के 31 मार्च के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। हाई कोर्ट ने पहले ही जनहित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/national/supreme-court-approves-transfers-of-officers-in-bengal/article-2867"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-16-at-5.07.14-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। यह तबादले भारतीय चुनाव आयोग द्वारा किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने कहा कि इस मामले में उठाए गए कानूनी प्रश्न को फिलहाल खुला रखा जाएगा।<br />सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट के 31 मार्च के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। हाई कोर्ट ने पहले ही जनहित याचिका (पीआईएल)  को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा किए गए तबादलों को चुनौती दी गई थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/national/supreme-court-approves-transfers-of-officers-in-bengal/article-2867</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:49:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट मंदिर में पूजा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता </strong></em>: तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नए साल की शाम को कालीघाट मंदिर में पूजा की। तृणमूल के सांसद  ने मां, धरती और लोगों के लिए प्रार्थना की। बुधवार को अभिषेक का अपने लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में अलग-अलग जगहों पर कैंपेन प्रोग्राम था। सबसे पहले उन्होंने पैलान में एक जनसभा की। उन्होंने चारियल मोड़ से पुजाली पेट्रोल पंप तक रोड शो भी किया। आखिर में, वे पुजाली पेट्रोल पंप के पास खड़े हुए और आम लोगों को संबोधित किया। अभिषेक ने वोटरों और नेताओं-वर्करों को यह मैसेज दिया कि 'बांटने वाली पॉलिटिक्स' करने वाली बीजेपी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/abhishek-banerjee-worshiped-at-kalighat-temple/article-2865"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-16-at-4.58.50-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता </strong></em>: तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नए साल की शाम को कालीघाट मंदिर में पूजा की। तृणमूल के सांसद  ने मां, धरती और लोगों के लिए प्रार्थना की। बुधवार को अभिषेक का अपने लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में अलग-अलग जगहों पर कैंपेन प्रोग्राम था। सबसे पहले उन्होंने पैलान में एक जनसभा की। उन्होंने चारियल मोड़ से पुजाली पेट्रोल पंप तक रोड शो भी किया। आखिर में, वे पुजाली पेट्रोल पंप के पास खड़े हुए और आम लोगों को संबोधित किया। अभिषेक ने वोटरों और नेताओं-वर्करों को यह मैसेज दिया कि 'बांटने वाली पॉलिटिक्स' करने वाली बीजेपी  को उसकी ज़मीन नहीं छोड़ी जा सकती। उनकी आवाज़ में जीत को लेकर सौ परसेंट कॉन्फिडेंस की टोन सुनी जा सकती है। जनसभाओं और रोड शो में आम लोगों की भारी मौजूदगी ही 'आश्वस्त' अभिषेक की ताकत का सोर्स है।<br />चुनाव प्रचार के बाद कोलकाता लौटने के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक पल भी बर्बाद नहीं किया। वे सीधे कालीघाट मंदिर पहुंचे। उन्होंने पूजा की। अभिषेक ने खुद आरती की। उन्होंने हाथ जोड़कर देवी से आशीर्वाद मांगा। उन्होंने मां, मिट्टी और लोगों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/abhishek-banerjee-worshiped-at-kalighat-temple/article-2865</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:43:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : चुनाव आयोग ने ज़िला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को जो निर्देश दिए हैं, उनके तहत पीठासीन अधिकारियों और पोलिंग कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनजान लोगों के साथ अपना फ़ोन नंबर शेयर न करें या किसी से कोई मदद या तोहफ़ा न लें।<br />हाल ही में एक नोटिफ़िकेशन में, चुनाव आयोग  ने पीठासीन अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों और पोलिंग टीमों के लिए कुछ गाइडलाइंस और काम बताए हैं, जिसमें कहा गया है कि “इन निर्देशों या आयोग  के दूसरे निर्देशों का पालन न करने पर सख़्त डिसिप्लिनरी कार्रवाई हो सकती है।<br />डीईओ  को कहा गया है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/election-commission-gave-strict-instructions-to-officials/article-2864"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-16-at-4.33.11-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : चुनाव आयोग ने ज़िला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को जो निर्देश दिए हैं, उनके तहत पीठासीन अधिकारियों और पोलिंग कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनजान लोगों के साथ अपना फ़ोन नंबर शेयर न करें या किसी से कोई मदद या तोहफ़ा न लें।<br />हाल ही में एक नोटिफ़िकेशन में, चुनाव आयोग  ने पीठासीन अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों और पोलिंग टीमों के लिए कुछ गाइडलाइंस और काम बताए हैं, जिसमें कहा गया है कि “इन निर्देशों या आयोग  के दूसरे निर्देशों का पालन न करने पर सख़्त डिसिप्लिनरी कार्रवाई हो सकती है।<br />डीईओ  को कहा गया है कि वे मतदान से कम से कम पांच दिन पहले सेक्टर अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और पीठासीन अधिकारियों को बंगाली और अंग्रेज़ी में निर्देशों की प्रिंटेड कॉपी बाँटें और एक कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करें।<br />चुनाव आयोग  के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा-कुछ निर्देश पोलिंग कर्मचारियों से मिले फ़ीडबैक और बंगाल में पिछले चुनावों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर बनाए गए थे।<br />चुनाव से पहले लोकल लोगों को पोलिंग स्टेशन में घुसने देना, या पोलिंग एजेंटों को बार-बार बूथ से बाहर जाने और फिर से अंदर आने देना जैसी गलतियों को 'सज़ा वाले अपराध' की कैटेगरी में रखा गया है।<br />सेंट्रल फोर्स को निर्देश दिया गया है कि पोलिंग से एक दिन पहले सिर्फ़ वैध प्रवेश कार्ड वाले लोगों को ही जगह में आने दिया जाएगा, और प्रेसाइडिंग ऑफिसर को यह पक्का करने का काम दिया गया है कि कोई भी बिना इजाज़त वाला आदमी अंदर न आ पाए।<br />पोलिंग टीमों को सेंट्रल फोर्स के साथ "पोलिंग जगह का वॉकथ्रू करने" का निर्देश दिया गया है। इसमें 100 मीटर का दायरा, वोटर असिस्टेंस बूथ की जगहें, वोटर लाइन की प्लानिंग और जवानों के लिए जगहें तय करना शामिल है। नोटिफिकेशन में कहा गया है-उन्हें उस कमरे की जांच करनी होगी जहां वोटिंग होगी, वहां कोई भी बिना इजाज़त वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तो नहीं है...।<br />दूसरी ज़िम्मेदारियां :<br />प्रेसाइडिंग ऑफिसर को यह पक्का करना होगा कि पोलिंग स्टेशन के अंदर वेबकैम लगाने के लिए काफ़ी पावर पॉइंट मौजूद हों और कैमरे जगह के अंदर और बाहर दोनों जगह ठीक से लगे हों।<br />किसी भी नियम तोड़ने पर, प्रेसाइडिंग ऑफिसर को ज़रूरत पड़ने पर तुरंत बूथ के अंदर सेंट्रल फोर्स को बुलाना चाहिए। अगर स्थिति ठीक नहीं होती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर को बताना होगा।<br />पोलिंग कर्मचारियों और सेंट्रल फोर्स को सिर्फ़ ज़िला प्रशासन या रिटर्निंग ऑफिसर ही खाना देगा और उन्हें आस-पास की दुकानों या लोगों से खाना या ड्रिंक लेने की इजाज़त नहीं है। वोटिंग के दिन सुबह 4.45 बजे तक पोलिंग टीमों को तैयार रहना होगा। पोलिंग एजेंट को पहचान पत्र वेरिफ़िकेशन के बाद ही एंट्री की इजाज़त है।<br />नोटिफिकेशन के मुताबिक पोलिंग बूथ के अंदर मोबाइल फ़ोन ले जाना पूरी तरह मना है। किसी भी पोलिंग एजेंट या वोटर को अंदर फ़ोन ले जाने की इजाज़त नहीं है, और नियम तोड़ने वालों को सेंट्रल फ़ोर्स के लोगों की मदद से हटाया जा सकता है। पोलिंग एजेंट को बूथ के अंदर पानी के अलावा कुछ भी पीने की इजाज़त नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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