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                <title>स्थानीय - Gambheer Samachar</title>
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                <title>अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन ने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><br /><em><strong>कोलकाताः</strong></em> अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य एवं प्रांतीय इकाई पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से बर्खास्त अध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल की सम्मलेन से प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। संविधान का उल्लंघन, मर्यादा एवं अनुशासन के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका को यह संवैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा। संविधानिक रूप से कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात भी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और दो कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत भी पद पर बने रहने का असंवैधानिक प्रयास किया। इसके साथ ही, कोर्ट में प्रांतीय चुनाव प्रक्रिया को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/all-india-marwari-conference/article-3072"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/img-20260605-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><br /><em><strong>कोलकाताः</strong></em> अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य एवं प्रांतीय इकाई पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से बर्खास्त अध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल की सम्मलेन से प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। संविधान का उल्लंघन, मर्यादा एवं अनुशासन के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका को यह संवैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा। संविधानिक रूप से कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात भी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और दो कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत भी पद पर बने रहने का असंवैधानिक प्रयास किया। इसके साथ ही, कोर्ट में प्रांतीय चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कराने में अपनी सहमति देकर संगठन एवं समाजहित को गहरी क्षति पहुँचाई।<br /><br />केंद्रीय संगठन यानी अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन से प्रांतीय इकाई पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से पृथक करने के एक सुनियोजित षड़यंत्र में शामिल रहे नंद किशोर अग्रवाल को संगठन की राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं शाखा स्तरीय प्रकोष्ठों से निष्कासित कर सदस्यता खारिज कर दी गई है।<br />राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोयनका के द्वारा जारी निष्कासन संबंधी पत्र में कहा गया है कि पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की प्रांतीय इकाई है। पिछले कुछ महीनों से श्री अग्रवाल सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित संगठन के संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए काम कर रहे थे।<br /><br />इनके कार्य और कृत्य न केवल संगठन और समाज के विरुद्ध रहे है, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन और मर्यादा का घोर उल्लंघन करते हैं। श्री अग्रवाल पूरी तरह से गैरकानूनी होने के साथ ही स्थापित नियम, नैतिक मूल्यों तथा सांगठनिक भावना के प्रति इनकी अपेक्षा और अवज्ञा के परिचायक रहे है। इनकी हरकतों से सम्मेलन के सदस्यों में भ्रांती तो फैली ही, समाज तथा संगठन को ठेस भी पहुंची है। <br />श्री गोयनका ने सम्मेलन के सदस्यों से समाज एवं संगठन हित में श्री अग्रवाल के अनैतिक कार्यों से दूरी बनाने का आह्वान किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 22:10:11 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल में टीएमसी नेताओं पर आफत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कूचबिहार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक टीएमसी नेता उग्र भीड़ से बचने के लिए अपने बिस्तर के नीचे छिपे हुए दिखाई दे रहे हैं। अमित मालवीय ने इस स्थिति को पश्चिम बंगाल के कट-मनी घोटाले से पैदा हुआ एक राजनीतिक तमाशा बताया है।<br />पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में कथित कट-मनी विवाद को लेकर एक टीएमसी नेता का वीडियो चर्चा में है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने दावा किया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/trouble-on-tmc-leaders-in-bengal/article-3070"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-4.37.05-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कूचबिहार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक टीएमसी नेता उग्र भीड़ से बचने के लिए अपने बिस्तर के नीचे छिपे हुए दिखाई दे रहे हैं। अमित मालवीय ने इस स्थिति को पश्चिम बंगाल के कट-मनी घोटाले से पैदा हुआ एक राजनीतिक तमाशा बताया है।<br />पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में कथित कट-मनी विवाद को लेकर एक टीएमसी नेता का वीडियो चर्चा में है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने दावा किया कि ग्रामीणों के विरोध के बाद नेता को बिस्तर के नीचे छिपना पड़ा। हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है।<br />यह घटना कूचबिहार जिले के माथाभांगा इलाके की बताई जा है। यहां स्थानीय ग्रामीणों ने टीएमसी नेता शाहिदुल मिया के घर को चारों तरफ से घेर लिया था। लोगों का आरोप है कि शाहिदुल मिया ने सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की अवैध वसूली की थी।<br />अमित मालवीय ने 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में लिखा कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है और गिरफ्तारियां हो रही हैं, गरीबों का शोषण करने वालों के लिए छिपना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब जनता का गुस्सा फूटा, तो टीएमसी नेता भीड़ के डर से बिस्तर के नीचे जाकर छिप गए। अंत में पुलिस को उन्हें उस जगह से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।<br />भाजपा नेता ने आगे कहा कि काकद्वीप से लेकर नामखाना और अब माथाभांगा तक, हर जगह एक ही कहानी देखने को मिल रही है। हर तरफ कट-मनी, भ्रष्टाचार और दहशत का माहौल है। पिछले हफ्ते माथाभांगा में कई लोगों को वह 'कट-मनी' वापस मिल गई, जो उन्होंने पिछली टीएमसी सरकार के समय सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए स्थानीय दबंगों को दी थी।<br />इस मामले पर जिले के टीएमसी नेतृत्व ने अपनी सफाई दी है। पार्टी का कहना है कि ग्रामीणों या व्यापारियों से अवैध रूप से पैसा वसूलने की गतिविधियों से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, टीएमसी से जुड़े कथित दबंगों से पैसा वापस मांगने की मांग तेज हो गई है। इसके दबाव में आकर कई लोग पैसे लौटा भी रहे हैं। ऐसी ही एक घटना दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना इलाके में भी हुई। वहां पातिबूनिया गांव में एक टीएमसी पंचायत सदस्य ने 45 ग्रामीणों को 5,000-5,000 रुपये वापस किए हैं।<br />वहीं इससे पहले, पुलिस ने हल्दिया में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया। वहीं, सुरेंद्रनाथ कॉलेज हथियार कांड में टीएमसी नेता पारितोष दत्ता को बर्दवान से पकड़ा गया। कोलकाता पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इसके अलावा, शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच भी तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सांसद अभिषेक बनर्जी को 15 जून को पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर और प्रसन्ना कुमार रॉय के दफ्तर पर भी छापेमारी की। प्रसन्ना कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।<br />कोलकाता नगर निगम के तीन पार्षदों पर भी गाज गिरी है। पुलिस ने वसूली के आरोप में पार्षद अरिजीत दास ठाकुर, सचिन सिंह और सुदीप पोल्ले को गिरफ्तार किया है। इन पर व्यापारियों और प्रमोटरों को धमकाकर पैसे वसूलने का आरोप है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में टीएमसी के कई बड़े चेहरों पर कानूनी कार्रवाई हुई है। इससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:39:16 +0530</pubDate>
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                <title>गृह मंत्रालय को लेकर भड़काऊ बयान के मामले में ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : गृह मंत्रालय को लेकर भड़काऊ बयान देने के मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी  के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गुरुवार को पुलिस ने बताया कि सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील की शिकायत के आधार पर यह केस दर्ज किया गया है।<br />यह शिकायत 2 जून को कोलकाता में रानी रासमणि रोड पर एक विरोध सभा के दौरान  ममता बनर्जी  की टिप्पणियों से संबंधित है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या का जिक्र किया था और इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री  अमित शाह  को फंसाने वाले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/fir-lodged-against-mamata-banerjee-in-case-of-inflammatory-statement/article-3068"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-3.55.05-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : गृह मंत्रालय को लेकर भड़काऊ बयान देने के मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी  के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गुरुवार को पुलिस ने बताया कि सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील की शिकायत के आधार पर यह केस दर्ज किया गया है।<br />यह शिकायत 2 जून को कोलकाता में रानी रासमणि रोड पर एक विरोध सभा के दौरान  ममता बनर्जी  की टिप्पणियों से संबंधित है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या का जिक्र किया था और इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री  अमित शाह  को फंसाने वाले बयान दिए थे।<br />वकील रिंकी सेन चटर्जी ने ममता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस्मान हादी की हत्या पिछले दिसंबर में बांग्लादेश में हुई थी। हादी के हत्यारे मेघालय की सीमा पार करके जनवरी में पश्चिम बंगाल आए थे और राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। ममता बनर्जी ने 2 जून को एक सभा को संबोधित करते हुए इस मुद्दे को उठाया और संकेत दिया कि भले ही हत्या किसी दूसरे देश में हुई हो, लेकिन उन्हें पता है कि इसमें कौन शामिल था। उन्होंने गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया।<br />रिंकी सेन ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थीं, तो वह इस मामले को सीधे गृह मंत्रालय के साथ उठा सकती थीं। सेन की ओर से कहा गया कि लेकिन अब वह दावा कर रही हैं कि बांग्लादेश में हुई एक हत्या, गृह मंत्रालय के आदेश पर की गई एक सुनियोजित हत्या थी। इस तरह के आरोप लगाकर, वह भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव भड़का रही हैं और वैश्विक स्तर पर देश की छवि खराब कर रही हैं। उनकी टिप्पणियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। सेन ने आगे कहा कि ममता बनर्जी ने सीएम पद पर रहते हुए देश की गोपनीयता बनाए रखने की शपथ ली थी, लेकिन पद छोड़ने के बाद उन्होंने कट्टरपंथी तत्वों को उकसाया।<br />ममता बनर्जी ने 2 जून को एक सभा के दौरान कहा कि एसटीएफ ने बांग्लादेश से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिससे वहां एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। मैं दूसरे देशों की बात नहीं कर रही हूं, लेकिन मुद्दा यह है कि ऐसे लोग मेघालय के रास्ते बंगाल में प्रवेश करते हैं। यहां पहुंचने के बाद एसटीएफ उन्हें गिरफ्तार कर लेती है। खुद गृह मंत्री ने यह बात कही है। मैंने लंबे समय तक यह बात नहीं कही थी, लेकिन आज मैं यह बात कह रही हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:21:25 +0530</pubDate>
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                <title>कृष्णा चक्रवर्ती ने विधाननगर नगर निगम के मेयर पद से दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कृष्णा चक्रवर्ती ने विधाननगर नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी की लंबे समय की साथी ने पर्सनल वजहों से पद छोड़ा है। गुरुवार को उन्होंने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर को अपना इस्तीफा भेजा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार विधाननगर नगर निगम भी तृणमूल के हाथ से जा रहा है? आज इस्तीफा देने के बाद कृष्णा चक्रवर्ती रो पड़ीं। पत्रकारों से बात करते हुए उनकी आवाज कांप रही थी। उन्होंने कहा-मैं लोगों के प्रति जिम्मेदार हूं। मैंने लोगों के लिए काम किया है। मुझे बहुत प्यार मिला है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/krishna-chakraborty-resigns-from-the-post-of-mayor-of-vidhannagar/article-3067"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-3.30.17-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कृष्णा चक्रवर्ती ने विधाननगर नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी की लंबे समय की साथी ने पर्सनल वजहों से पद छोड़ा है। गुरुवार को उन्होंने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर को अपना इस्तीफा भेजा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार विधाननगर नगर निगम भी तृणमूल के हाथ से जा रहा है? आज इस्तीफा देने के बाद कृष्णा चक्रवर्ती रो पड़ीं। पत्रकारों से बात करते हुए उनकी आवाज कांप रही थी। उन्होंने कहा-मैं लोगों के प्रति जिम्मेदार हूं। मैंने लोगों के लिए काम किया है। मुझे बहुत प्यार मिला है। अगर कोई गलती हुई है तो..." यह कहते हुए उनकी आवाज भर आई।<br />इस बीच, कृष्णा चक्रवर्ती ने इस्तीफा पत्र की एक कॉपी नगरपालिका और शहरी विकास मंत्री  अग्निमित्रा पाल को भेजी है। इससे पहले, विधाननगर नगर निगम के कई पार्षद अलग-अलग वजहों से गिरफ्तार किए जा चुके हैं। विधाननगर के वार्ड नंबर 6 के तृणमूल पार्षद सम्राट बरुआ को एक्सटॉर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह तृणमूल नेता देबराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाते हैं। इस बीच, पुलिस ने विधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 34 के पार्षद और बोरो चेयरमैन रंजन पोद्दार को एक्सटॉर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया। उन पर करुणामयी बस स्टैंड पर बस ड्राइवरों से जबरन पैसे वसूलने का आरोप था।<br />इस बीच, विधाननगर निगम के वार्ड नंबर 12 के पूर्व पार्षद अजीजुल हुसैन मंडल को जबरन जमीन पर कब्जा करने और जमीन मालिक को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। विधाननगर के वार्ड नंबर 38 के पूर्व तृणमूल पार्षद निर्मल दत्ता को वोटरों को धमकाने और भड़काऊ कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर, कोलकाता नगर निगम में कई नगर अध्यक्ष पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। देवलीना विश्वास ने सबसे पहले कोलकाता नगर निगम के नगर नंबर 9 की चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया था। वह फिरहाद की करीबी मानी जाती थीं।<br /> गौरतलब है कि अभिषेक की जिन प्रॉपर्टी पर नगर निगम ने नोटिस जारी किया था, उनमें से ज्यादातर बोरो नंबर 9 में हैं। इस बीच, वार्ड नंबर 108 के पार्षद सुशांत घोष ने पार्टी के खिलाफ बगावत का ऐलान करते हुए बोरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच, वार्ड नंबर 98 के पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने नगर अकाउंट्स कमेटी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस नेता और वार्ड 118 के पार्षद तारक सिंह ने कोलकाता नगर निगम के सीवरेज डिपार्टमेंट के मेयर पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। मेयर फिरहाद के इस्तीफे को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। कल कुणाल घोष ने शुरू में दावा किया था कि फिरहाद ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, बाद में फिरहाद ने अपने करीबी लोगों को बताया कि उन्होंने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:40:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुरेंद्रनाथ कॉलेज केस में एक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कोलकाता पुलिस ने सुरेंद्रनाथ कॉलेज केस में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने देवाशीष बनर्जी के करीबी परितोष दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा ने बर्दवान से गिरफ्तार किया था। हालांकि, आरोपियों में से एक देवाशीष अभी भी फरार है। पुलिस ने कई जगहों पर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जांचकर्ता गिरफ्तार परितोष से पूछताछ के बाद भी देवाशीष को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, खबरें हैं कि सुरेंद्रनाथ कॉलेज के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। <br />पिछले मंगलवार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/one-arrested-in-surendranath-college-case/article-3065"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-3.10.45-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कोलकाता पुलिस ने सुरेंद्रनाथ कॉलेज केस में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने देवाशीष बनर्जी के करीबी परितोष दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा ने बर्दवान से गिरफ्तार किया था। हालांकि, आरोपियों में से एक देवाशीष अभी भी फरार है। पुलिस ने कई जगहों पर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जांचकर्ता गिरफ्तार परितोष से पूछताछ के बाद भी देवाशीष को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, खबरें हैं कि सुरेंद्रनाथ कॉलेज के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। <br />पिछले मंगलवार को सुरेंद्रनाथ कॉलेज का यूनियन रूम सफाई के लिए खोला गया था। उस समय कमरे की अलमारी से दो बक्से बरामद हुए। बक्से को खोलने पर देखा गया कि अंदर 100 और 500 रुपये के बंडल थे। हालांकि, बरामद किए गए ज्यादातर पैसे कीड़े खा गए थे। तलाशी के दौरान यूनियन रूम के कमरे से एक बंदूक बरामद हुई। यही नहीं बल्कि, कॉलेज की पांचवीं मंजिल पर दो एसी कमरे भी सामने आए। वहां बिल्कुल दैवीय व्यवस्था की गई थी। कमरे से कई आपत्तिजनक चीजें भी बरामद की गईं। इस पूरे कांड में कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के सदस्य और तृणमूल नेता सुदीप बनर्जी के करीबी देवाशीष बनर्जी का नाम आया। आरोप है कि एसी कमरे में उनके लिए पूरी दैवीय व्यवस्था थी। हालांकि घटना के बाद से देवाशीष गायब हैं। इस बीच, उनका करीबी दोस्त परितोष अब पुलिस के शिकंजे में है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। <br />दूसरी ओर, इस घटना से हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया है। पूरी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। कॉलेज की छत पर एसी कमरा कैसे पहुंचा? इस पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इतना ही नहीं, छात्रों से वसूले गए पैसे कहां और कैसे खर्च किए गए, इस पर भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। बताया गया है कि पैसे वसूलने की घटना पर भी रिपोर्ट देनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/one-arrested-in-surendranath-college-case/article-3065</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गौतम अडानी के बेटे ने नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु से की मुलाकात </title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : गौतम अडानी के बेटे करण अडानी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर औद्योगिक और बुनियादी ढांचा निवेश की संभावना पर ज़ोर दिया। नवान्न में हुई इस मीटिंग ने राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में काफी दिलचस्पी पैदा की है। सूत्रों के मुताबिक,  दोनों पार्टियों के बीच राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पावर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीनफील्ड रोड कंस्ट्रक्शन समेत कई ज़रूरी परियोजनाओं पर चर्चा हुई।<br />इस मुलाकात को राज्य में सरकार बदलने के बाद उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने में नई सरकार की सक्रिय भूमिका में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/gautam-adanis-son-met-chief-minister-shubhendu-in-navan/article-3064"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-2.55.23-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : गौतम अडानी के बेटे करण अडानी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर औद्योगिक और बुनियादी ढांचा निवेश की संभावना पर ज़ोर दिया। नवान्न में हुई इस मीटिंग ने राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में काफी दिलचस्पी पैदा की है। सूत्रों के मुताबिक,  दोनों पार्टियों के बीच राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पावर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीनफील्ड रोड कंस्ट्रक्शन समेत कई ज़रूरी परियोजनाओं पर चर्चा हुई।<br />इस मुलाकात को राज्य में सरकार बदलने के बाद उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने में नई सरकार की सक्रिय भूमिका में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।<br />औद्योगिक समुदाय के एक हिस्से के मुताबिक, यह चर्चा लंबे समय के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट के मामले में नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल सकती है। यह ध्यान देने वाली बात है कि पहले, पश्चिम बंगाल में निवेश को लेकर अडानी ग्रुप के राज्य सरकार के साथ रिश्ते बहुत अच्छे नहीं थे। ममता बनर्जी की सरकार के दौरान, गौतम अडानी ग्रुप ने ताजपुर डीप सी पोर्ट के कंस्ट्रक्शन का टेंडर जीता था, लेकिन कई प्रशासनिक और नीति से जुड़ी दिक्कतों की वजह से यह प्रोजेक्ट लागू नहीं हो पाया। आखिरकार, टेंडर कैंसिल कर दिया गया और अडानी ग्रुप ने राज्य से अपनी निवेश योजना वापस ले ली।<br />मौजूदा हालात में, पश्चिम बंगाल में अडानी ग्रुप की दिलचस्पी फिर से उस चैप्टर को पार कर गई है, जिससे उद्योग और व्यापार समुदाय को एक पॉजिटिव मैसेज गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पोर्ट, रोड, पावर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े निवेश से रोज़गार, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बढ़ सकता है और राज्य की समग्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।<br />राजनीतिक जानकार इस मीटिंग को पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज़ से बहुत अहम मान रहे हैं। हालांकि मीटिंग के बाद किसी प्रोजेक्ट या निवेश राशि की ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई,  लेकिन माना जा रहा है कि भविष्य में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावना बनी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/gautam-adanis-son-met-chief-minister-shubhendu-in-navan/article-3064</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:03:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> शुभेंदु सरकार के मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के विस्तारित मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। पहले यह फैसला बुधवार को होने की संभावना थी, लेकिन अब इसके 5 जून को घोषित किए जाने की उम्मीद है।<br />मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बुधवार को आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में पूरी नहीं हो सकी। यह नई सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक थी। कुछ तकनीकी कारणों से विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया, जिसके बाद इसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/division-of-departments-in-subhendu-governments-cabinet-may-happen-on/article-3063"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-04-at-1.37.18-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के विस्तारित मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। पहले यह फैसला बुधवार को होने की संभावना थी, लेकिन अब इसके 5 जून को घोषित किए जाने की उम्मीद है।<br />मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बुधवार को आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में पूरी नहीं हो सकी। यह नई सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक थी। कुछ तकनीकी कारणों से विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया, जिसके बाद इसे दो दिन के लिए टाल दिया गया।<br />गौरतलब है कि 1 जून को कोलकाता स्थित लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल थे। इन 35 मंत्रियों के शपथ लेने के बाद पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो गई है। इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित छह मंत्रियों ने शपथ ली थी।<br />13 नए कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट रैंक के मंत्रियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है। ऐसे में अभी तीन और मंत्रियों को शामिल किए जाने की गुंजाइश बनी हुई है।<br />अब सबकी नजर इस बात पर है कि वित्त और उद्योग एवं वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाएंगे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में कर्ज के बोझ से दबे राज्य के खजाने को मजबूत करना और बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार करना शामिल होगा।<br />भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री फिलहाल वित्त विभाग अपने पास रख सकते हैं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि दिल्ली के एक प्रतिष्ठित बंगाली अर्थशास्त्री को नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव जिताकर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है और बाद में उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।<br />हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीत हासिल की थी। भवानीपुर सीट पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट को बरकरार रखने का फैसला किया, जिसके चलते नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली हो गई और वहां उपचुनाव होना तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/local/division-of-departments-in-subhendu-governments-cabinet-may-happen-on/article-3063</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने की पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : राज्य सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने और घुसपैठियों पर नकेल के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को लगभग 32 एकड़ जमीन और सौंप दी है। पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन देने की यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से रुकी हुई थी।<br />मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरकार ने कई सीमावर्ती जिलों में स्थायी सीमा चौकियां बनाने और बाड़ लगाने के काम के लिए जमीन देने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/initiative-to-stop-infiltration-from-bangladesh/article-3061"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-4.37.51-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : राज्य सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने और घुसपैठियों पर नकेल के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को लगभग 32 एकड़ जमीन और सौंप दी है। पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन देने की यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से रुकी हुई थी।<br />मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरकार ने कई सीमावर्ती जिलों में स्थायी सीमा चौकियां बनाने और बाड़ लगाने के काम के लिए जमीन देने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, सरकार ने बांग्लादेश सीमा के साथ नौ अलग-अलग स्थानों पर कुल 31.905 एकड़ जमीन बीएसएफ को दी है।<br />इसके साथ ही, भूमि और भूमि सुधार विभाग ने कैबिनेट के सामने कुछ और नए प्रस्ताव भी रखे हैं। इनमें मालदा, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जिलों में 1.53 एकड़ जमीन देने की बात कही गई है। इस जमीन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तीन अलग-अलग जगहों पर स्थायी सीमा चौकियां बनाने के लिए होगा। इसके अलावा, उत्तर दिनाजपुर जिले में 11 स्थानों पर 12.72 एकड़ जमीन देने का एक और प्रस्ताव है। इससे सीमा पर बाड़ लगाने के काम में काफी मदद मिलेगी।<br />सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देने का यह मामला राज्य में लंबे समय से विवादों में रहा था। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए जमीन देने में हो रही देरी पर पिछली सरकार की कड़ी आलोचना भी की थी।<br />कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विचार किया है। इसके तहत जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में 20 एकड़ सरकारी जमीन वन विभाग को दी जाएगी। इसके बाद वन विभाग इस जमीन को सेवक-रंगपो रेलवे लाइन प्रोजेक्ट के काम के लिए सौंप देगा। इस तरह सरकार ने सीमा सुरक्षा के साथ-साथ रेल परियोजना के लिए भी जमीन का रास्ता साफ कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:28:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तृणमूल के जयप्रकाश मजूमदार गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पुलिस ने तृणमूल नेता जयप्रकाश मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया। ऐसी खबरें थीं कि एक घर पर कब्जा करने के लिए उनका विरोध किया जा रहा था। पुलिस वहां गई और जयप्रकाश को हिरासत में लेकर विधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन ले गई। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर एक फ्लैट पर जबरदस्ती कब्जा करने, उसके बुजुर्ग मालिक को गाली देने और धमकाने का आरोप है।<br />जयप्रकाश पर आरोप है कि वह पिछले 14 सालों से एक फ्लैट पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर रहे हैं। बुधवार को वहां कुछ लोग जमा हो गए और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/trinamools-jaiprakash-majumdar-arrested/article-3060"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-4.26.15-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पुलिस ने तृणमूल नेता जयप्रकाश मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया। ऐसी खबरें थीं कि एक घर पर कब्जा करने के लिए उनका विरोध किया जा रहा था। पुलिस वहां गई और जयप्रकाश को हिरासत में लेकर विधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन ले गई। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर एक फ्लैट पर जबरदस्ती कब्जा करने, उसके बुजुर्ग मालिक को गाली देने और धमकाने का आरोप है।<br />जयप्रकाश पर आरोप है कि वह पिछले 14 सालों से एक फ्लैट पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर रहे हैं। बुधवार को वहां कुछ लोग जमा हो गए और विरोध करने लगे। आरोप है कि जयप्रकाश ने कुछ प्रदर्शनकारियों पर हाथ उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई। उन्हें वहां से गिरफ्तार कर लिया गया।<br />पता चला है कि जॉयप्रकाश ने 2012 में फ्लैट किराए पर लिया था। उस एग्रीमेंट का टाइम 2015 में खत्म हो गया था। कहा जा रहा है कि उसके बाद उन्होंने कोई नया एग्रीमेंट साइन नहीं किया। पुराना एग्रीमेंट भी रिन्यू नहीं किया गया। फ्लैट पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। विधाननगर इलाके में फ्लैट नंबर ए.ई. 337 की असली मालिक आरती रॉयचौधरी हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने जॉयप्रकाश को लीगल नोटिस भी दिए थे। उन्होंने उनसे अपने फ्लैट से बाहर निकलने को कहा था। लेकिन न तो जॉयप्रकाश और न ही उनके परिवार ने कोई ध्यान दिया। तृणमूल नेता पर आरती की बेइज्जती करने और उन्हें धमकाने का भी आरोप है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:27:28 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम शुभेंदु अधिकारी के हाथों हुआ अन्नपूर्णा योजना का आगाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के पहले चरण में 28.25 लाख लाभार्थियों को 3,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी। इसे बंगाल की भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण योजना माना जा रहा है। <br />योजना के पहले चरण में लाभार्थियों के बैंक खातों में आज से सीधे 3,000 रुपये की राशि भेजी जाएगी। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस योजना से लगभग दो करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, पहले चरण में 28.25 लाख महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा।<br />बंगाल की पहली भाजपा सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/annapurna-scheme-started-at-the-hands-of-cm-shubhendu-adhikari/article-3059"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-3.53.43-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के पहले चरण में 28.25 लाख लाभार्थियों को 3,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी। इसे बंगाल की भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण योजना माना जा रहा है। <br />योजना के पहले चरण में लाभार्थियों के बैंक खातों में आज से सीधे 3,000 रुपये की राशि भेजी जाएगी। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस योजना से लगभग दो करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, पहले चरण में 28.25 लाख महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा।<br />बंगाल की पहली भाजपा सरकार की इस अन्नपूर्णा योजना के उद्घाटन समारोह में सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद रहीं। योजना का उद्घाटन कार्यक्रम राज्य के सभी ब्लॉकों, नगरपालिकाओं और कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया।<br />उद्घाटन के तुरंत बाद प्रत्येक ब्लॉक और नगरपालिका में चयनित 100 अन्नपूर्णा योजना लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। इसी तरह कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में भी 100 लाभार्थियों को ये पत्र दिए गए। सूत्रों के अनुसार, संबंधित उपमंडल अधिकारियों (एसडीओ), बीडीओ और नगरपालिका प्रशासन की सिफारिशों के आधार पर लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है।<br />योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय मदद मुहैया कराना है। इस वित्तीय मदद से वे अपने घरेलू खर्चों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगी। भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में 'अन्नपूर्णा योजना' का एलान किया गया था। यह तृणमूल कांग्रेस सरकार की 'लक्ष्मी भंडार'  योजना की जगह लेगी। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपए मिलते थे।<br />योजना के तहत पंजीकरण के लिए लाभार्थियों को 90 दिनों का समय दिया गया है। 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:25:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>तृणमूल ने राज्य में पार्टी की सभी कमेटियां भंग कीं </title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : तृणमूल ने राज्य में पार्टी की सभी कमेटियों को भंग करने का फैसला किया है। इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या तृणमूल नेतृत्व ने पार्टी में फूट की संभावना को रोकने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया है। कुछ लोगों का मानना है कि तृणमूल नेता ममता बनर्जी चुनावों में पार्टी की बुरी हार और उसके बाद फूट की संभावना के मद्देनजर छात्र, युवा, श्रमिक और महिला संगठनों को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रही हैं।<br />बुधवार दोपहर को तृणमूल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि काफी सोच-विचार के बाद पश्चिम बंगाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/trinamool-dissolved-all-party-committees-in-the-state/article-3058"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-3.23.58-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : तृणमूल ने राज्य में पार्टी की सभी कमेटियों को भंग करने का फैसला किया है। इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या तृणमूल नेतृत्व ने पार्टी में फूट की संभावना को रोकने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया है। कुछ लोगों का मानना है कि तृणमूल नेता ममता बनर्जी चुनावों में पार्टी की बुरी हार और उसके बाद फूट की संभावना के मद्देनजर छात्र, युवा, श्रमिक और महिला संगठनों को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रही हैं।<br />बुधवार दोपहर को तृणमूल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि काफी सोच-विचार के बाद पश्चिम बंगाल में पार्टी की सभी कमेटियों को भंग करने का फैसला किया गया है। पोस्ट में लिखा है-पार्टी संगठन के हर स्तर पर पूरी तरह से समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन से गुजरेगी। उसके आधार पर, संगठनात्मक संरचना को फिर से संगठित किया जाएगा और अगले प्रोसेस की घोषणा की जाएगी।<br />बुधवार को पार्टी के बागियों ने विधानसभा स्पीकर रथींद्र बसु को चिट्ठी लिखकर तृणमूल से निकाले गए विधायक  रीताब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाने को कहा। चिट्ठी पर रीताब्रत के अलावा 58  विधायकों  के हस्ताक्षर हैं। इसमें न सिर्फ विपक्ष के नेता का ज़िक्र है, बल्कि यह भी बताया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल समूह का नेता कौन होगा। एक और निकाले गए विधायक  संदीपन साहा, जावेद खान और शिउली साहा को गुट लीडर के तौर पर प्रपोज़ किया गया है। चिट्ठी में अखरुज्जमां का नाम मुख्य साज़िश करने वाले के तौर पर लिखा गया है। चिट्ठी को विधानसभा स्पीकर रथींद्र बसु ने स्वीकार कर लिया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि तृणमूल के बागी विधायकों की तरफ से जमा की गई चिट्ठी में ममता बनर्जी को नेता बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:24:46 +0530</pubDate>
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                <title>तृणमूल में टूट के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी उठा-पटक के बीच पार्टी के 58 बागी विधायकों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रथीन बोस को पत्र सौंपकर ऋतुब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता मान्यता देने की मांग की। दिलचस्प यह है कि इस शक्ति प्रदर्शन के बावजूद बागी विधायकों ने पत्र में ममता बनर्जी को ही पार्टी की नेता और सभानेत्री बताया है, जिससे संकेत मिला है कि उनका विरोध सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को लेकर है।<br />सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बागी खेमे की ओर से दिए गए पत्र में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/local/possibility-of-split-in-trinamool/article-3056"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-03-at-2.38.35-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी उठा-पटक के बीच पार्टी के 58 बागी विधायकों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रथीन बोस को पत्र सौंपकर ऋतुब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता मान्यता देने की मांग की। दिलचस्प यह है कि इस शक्ति प्रदर्शन के बावजूद बागी विधायकों ने पत्र में ममता बनर्जी को ही पार्टी की नेता और सभानेत्री बताया है, जिससे संकेत मिला है कि उनका विरोध सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को लेकर है।<br />सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बागी खेमे की ओर से दिए गए पत्र में संदीपन साहा, जावेद खान और शिउली साहा को उपनेता तथा अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार स्पीकर ने पत्र स्वीकार कर लिया है, हालांकि अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी हस्ताक्षरों का सत्यापन कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर जल्द फैसला हो सकता है।<br />तृणमूल में मौजूदा संकट की शुरुआत विपक्ष के नेता पद के लिए वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन में भेजे गए एक पत्र से हुई थी। आरोप लगा कि उस पत्र में कई विधायकों के हस्ताक्षर जाली थे। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस और सीआईडी जांच कर रही है तथा कई विधायकों से पूछताछ की जा चुकी है।<br />इसी विवाद के बाद ऋतुब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद कई विधायक खुलकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सामने आए और बागी खेमे का आकार लगातार बढ़ता गया। इसके साथ ही तृणमूल में संभावित विभाजन और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। बागी विधायक अरुणाभ सेन ने कहा-मैं आज भी ममता बनर्जी को अपना नेता मानता हूं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को कभी नेता नहीं माना और न ही मानूंगा। हमने विधानसभा में विपक्ष का नेता चुनकर स्पीकर को पत्र सौंप दिया है। <br />अब निगाहें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं। यदि 58 विधायकों के समर्थन का दावा वैध पाया जाता है तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।<br />बुधवार को ऋतब्रत बंद्योपाध्याय 58 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ विधानसभा पहुंचे। इसके बाद से 'नई तृणमूल'  के गठन और विधानसभा में नए शक्ति संतुलन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में जिन नेताओं के नाम संभावित नए गुट के साथ जोड़े जा रहे हैं, उनमें पूर्व मंत्री और हावड़ा मध्य के विधायक अरूप राय, डोमजूर के तापस माइती, महेशतला के शुभाशीष दास, कुलपी की बर्णाली धारा, केशपुर की शिउली साहा, सामसेरगंज के मोहम्मद नूर आलम, हरिहरपाड़ा के नियामत शेख, लालगोला के अब्दुल अजीज, भगवानगोला के रियात हुसैन, सूती के इमानी विश्वास, रघुनाथगंज के आक्रुज्जामान, खड़गपुर के दिनेन राय और सुजापुर की सबीना यासमीन प्रमुख हैं। इसके अलावा समर मुखोपाध्याय, रथीन घोष, संदीपन साहा, चंद्रनाथ सिन्हा और समीर जना समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।<br />राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि दो-तिहाई से अधिक विधायकों के समर्थन के साथ एक अलग गुट बनाने की तैयारी चल रही है। दिलचस्प बात यह है कि नए गुट से जुड़े बताए जा रहे नेताओं के बारे में कहा जा रहा है कि वे अब भी ममता बनर्जी को अपना नेता मानते हैं, लेकिन पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे और निर्णय प्रक्रिया को लेकर असंतोष रखते हैं।<br />इस वजह से इसे सीधे नेतृत्व परिवर्तन की लड़ाई के बजाय संगठन के भीतर शक्ति संतुलन की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने अब तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं नए गुट की ओर से भी किसी औपचारिक घोषणा, नेतृत्व संरचना या राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में बंगाल की राजनीति में जारी घटनाक्रम पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर न केवल राज्य की सत्ता बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति की दिशा पर भी पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:21:55 +0530</pubDate>
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