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                <title>व्यापार - Gambheer Samachar</title>
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                <title>कीमतों में उछाल लाकर खाद्य तेल कंपनियां दे रहीं 'धोखा'  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कीमत बढ़ी नहीं है। बल्कि, कुछ मामलों में कम हुई है। क्वांटिटी यानी मात्रा भी कम हुई है। अलग-अलग कंपनियों की खाने के तेल (खाद्य तेल) की 'धोखाधड़ी'  पर मध्यम वर्ग ज़्यादा खर्च कर रहा है। सरसों का तेल, सोयाबीन का तेल, सूरजमुखी का तेल-इन सभी के दाम पिछले साल के बीच से रिटेल मार्केट में बढ़ गए थे। घरवालों को भी इसकी आदत हो गई थी।<br />लेकिन अचानक, एक लीटर का पैकेट (पहले 950 एमएल) 910 एमएल  का हो गया है। कुछ पैकेट की कीमत थोड़ी कम की गई है और तेल की क्वांटिटी 750 एमएल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/edible-oil-companies-are-cheating-by-increasing-prices/article-2623"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-25-at-2.15.21-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><br /><em><strong>निज संवाददाता</strong></em> : कीमत बढ़ी नहीं है। बल्कि, कुछ मामलों में कम हुई है। क्वांटिटी यानी मात्रा भी कम हुई है। अलग-अलग कंपनियों की खाने के तेल (खाद्य तेल) की 'धोखाधड़ी'  पर मध्यम वर्ग ज़्यादा खर्च कर रहा है। सरसों का तेल, सोयाबीन का तेल, सूरजमुखी का तेल-इन सभी के दाम पिछले साल के बीच से रिटेल मार्केट में बढ़ गए थे। घरवालों को भी इसकी आदत हो गई थी।<br />लेकिन अचानक, एक लीटर का पैकेट (पहले 950 एमएल) 910 एमएल  का हो गया है। कुछ पैकेट की कीमत थोड़ी कम की गई है और तेल की क्वांटिटी 750 एमएल  कर दी गई है। कम कीमत देखकर आम लोग उन पैकेट को खरीद रहे हैं और धोखा खा रहे हैं। नतीजा यह है कि जो तेल का पैकेट महीने भर खाना बनाने के काम आ सकता था, वह पांच-सात दिन पहले खत्म हो रहा है। इस वजह से मध्यम वर्ग के खर्चे बढ़ रहे हैं। खरीदारों का कहना है-पहले, तेल का एक पैकेट एक परिवार के लिए महीने में 10 दिन चलता था। अब, यह एक महीने में ही खत्म हो रहा है। मुझे पहले दो-तीन महीने समझ नहीं आया, मुझे लगा कि मैं बहुत ज़्यादा तेल खर्च कर रहा हूं। लेकिन पिछले महीने, जब मैंने पैकेट का दाम चेक किया, तो मैंने देखा कि क्वांटिटी बहुत कम हो गई थी। इस तरह लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।<br />हालिशहर की एक गृहिणी और स्कूल शिक्षिका तापसी भट्टाचार्य के मुताबिक, ये तेल कंपनियां पर्दे के पीछे जिस तरह से मैनिपुलेट कर रही हैं, वह आम आदमी की समझ से बाहर है। ऑनलाइन ऑर्डर करते समय, मैंने देखा कि तेल का दाम जो 180 रुपए प्रति लीटर था, वह घटकर 160 रुपए हो गया था। मैंने खुशी-खुशी ऑर्डर कर दिया। लेकिन जब मैंने पैकेट खोला, तो मैंने देखा कि तेल की क्वांटिटी 750 एमएल  थी। मैं हैरान रह गई।<br />पिछले साल रिटेल मार्केट में सरसों के तेल की कीमत 20 से 30 रुपए प्रति किलो बढ़ी थी। सरसों के तेल की कीमत बढ़ने से दूसरे खाने के तेलों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। पोस्ता मार्केट में पता करने पर पता चला कि इस बार बंगाल में सरसों का प्रोडक्शन कम हुआ है। और इसीलिए कीमत बढ़ी है।<br />हालांकि, देश में पाम ऑयल इंडोनेशिया, मलेशिया या थाईलैंड से इंपोर्ट होता है। सूरजमुखी और सोयाबीन का तेल ब्राजील, यूक्रेन, रूस और अर्जेंटीना से आता है। इसलिए, अगर इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमत बढ़ती है, तो इसका असर यहां भी पड़ता है। अगर सरसों के तेल की कीमत बढ़ती है, तो सोयाबीन, पाम और दूसरे खाने के तेलों की कीमतें अपने तरीके से बढ़ती हैं।<br />कोलकाता के पोस्ता थोक बाजार में सरसों के तेल का 15 केजी का टिन 2700 रुपए में बिक रहा है, जो 180 रुपए प्रति किलो होता है। फिर तेल को ट्रांसपोर्ट करने का खर्च और दूसरे खर्चे भी हैं। इसलिए, खुदरा बाजार में तेल 195 से 200 रुपए में बिक रहा है। रुपए प्रति केजी  प्रीमियम क्वालिटी के तेल की कीमत और भी ज़्यादा है।<br />खुदरा व्यापारियों का दावा है कि पिछले दो सालों में सरसों के तेल की कीमत 30-40 रुपये प्रति केजी  बढ़ी है। सितंबर 2024 में, केंद्र ने खाने के तेल पर 20 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी लगाई थी। हालांकि पिछले साल मई में ड्यूटी घटाकर 10 फीसदी  कर दी गई थी, लेकिन इसे और कम किया जा सकता है। हालांकि, पोस्ता थोक बाजार में कम क्वालिटी का तेल 130-140 रुपये प्रति केजी  बिक रहा है। वेस्ट बंगाल वेंडर एसोसिएशन के सदस्य चंदन चक्रवर्ती ने कहा-एक बार कीमत बढ़ने के बाद, यह कम नहीं होती है। अब, ज़्यादातर कंपनियों ने कीमत वही रखते हुए तेल की क्वांटिटी कम कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्थानीय</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 13:30:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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                <title>EMI नहीं भर पा रहे तो घबराएं नहीं तुरंत करें ये काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  कई बार अचानक आय में कमी, नौकरी छूटना या मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में किस्त भरना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन रिस्ट्रक्चरिंग या मोराटोरियम का विकल्प लिया जा सकता है।</p>
<p>  आज के समय में नौकरी में अस्थिरता, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक इनकम कम हो जाने की वजह से कई लोग समय पर लोन EMI नहीं भर पाते।लोन की ईएमआई (EMI) न भर पाने पर जब रिकवरी एजेंट्स के फोन आने लगते हैं तो मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय जानना जरूरी हो जाता है कि लोन</p>
<p><em><strong>Moratorium</strong></em></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/if-you-are-not-able-to-pay-emi-then-do/article-2553"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/image-(8).png" alt=""></a><br /><p> कई बार अचानक आय में कमी, नौकरी छूटना या मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में किस्त भरना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन रिस्ट्रक्चरिंग या मोराटोरियम का विकल्प लिया जा सकता है।</p>
<p> आज के समय में नौकरी में अस्थिरता, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक इनकम कम हो जाने की वजह से कई लोग समय पर लोन EMI नहीं भर पाते।लोन की ईएमआई (EMI) न भर पाने पर जब रिकवरी एजेंट्स के फोन आने लगते हैं तो मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय जानना जरूरी हो जाता है कि लोन लेने वाले व्यक्ति के पास भी कानूनी और बैंकिंग विकल्प मौजूद होते हैं। ठीक ऐसी स्थिति के लिए Restructuring और Moratorium आपके लिए 'कानूनी ढाल' का काम कर सकते हैं। Restructuring और Moratorium क्या है और ये दोनों उपाय कठिन समय में राहत कैसे दे सकते हैं आइए समझते हैं-</p>
<p><em><strong>Moratorium क्या है</strong></em><br /> Moratorium का मतलब कुछ समय के लिए EMI भरने से अस्थायी छूट से होता है। ऐसे में बैंक आपको सीमित अवधि के लिए EMI टालने की अनुमति दे सकता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह EMI माफ नहीं होती, बल्कि उस अवधि का ब्याज बाद में जुड़ जाता है। कोरोना काल में Reserve Bank of India ने बैंकों को मोरेटोरियम देने की अनुमति दी थी, जिससे लाखों लोगों को राहत मिली थी।</p>
<p><em><strong>Loan Restructuring क्या है</strong></em><br /> यह अपेक्षाकृत लंबी अवधि का समाधान है। इसमें बैंक आपके लोन की शर्तों में बदलाव करता है। उदाहरण के लिए EMI कम करने के लिए लोन की अवधि बढ़ाई जा सकती है या भुगतान की नई समय-सारणी बनाई जा सकती है। इससे आपकी मासिक किस्त का बोझ कम हो जाता है, लेकिन कुल ब्याज राशि बढ़ सकती है। यह विकल्प तब उपयोगी होता है जब आय में स्थायी या लंबी अवधि की कमी आ गई हो।</p>
<p><em><strong>बैंक से बात करना सही विकल्प</strong></em><br />ध्यान रखने वाली बात यह है कि बिना बैंक से बात किए EMI रोक देना एक सही कदम नहीं माना जाता। लगातार डिफॉल्ट होने से आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है और भविष्य में लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए जैसे ही परेशानी महसूस हो, तुरंत बैंक या NBFC से संपर्क करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी जाती है।</p>
<p>Restructuring और Moratorium दोनों राहत के साधन हैं, लेकिन समझदारी से निर्णय लेना जरूरी है। सही जानकारी और समय पर पहल आपको आर्थिक तनाव से बचा सकती है और भविष्य की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 15:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बैटरी चले सालों साल, एलिक्सर का कमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मार्केट में फिर से लॉन्च हुआ अद्भुत फीचर वाला Elixir बैटरी रिवर्टर जो किसी भी तरह कि लेड ऐसिड बैटरी (जैसे कि गाड़ियों कि बैटरी, इनवर्टर या यू.पी.एस बैटरी, ई - रिक्शा या टोटो कि बैटरी) कि आयु तीन गुना तक बढ़ाने में सक्षम है। सिर्फ यही नही, ये प्रॉडक्ट पुरानी बैटरी जिसका कार्यकाल खत्म होने को है उसे भी फिर से उज्जीवित कर उसकी कार्य क्षमता में वृद्धि कर उसे नई जैसी बना सकता है। गौरतलब है कि विगत समय में इस प्रॉडक्ट ने  औद्योगिक जगत में खूब धूम मचाया था और Elixir बैटरी रिवर्टर का परफॉर्मेंस औद्योगिक जगत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/now-the-battery-lasts-for-years-the-wonder-of-elixir/article-2530"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-11-at-11.08.00-am.jpeg" alt=""></a><br /><p>मार्केट में फिर से लॉन्च हुआ अद्भुत फीचर वाला Elixir बैटरी रिवर्टर जो किसी भी तरह कि लेड ऐसिड बैटरी (जैसे कि गाड़ियों कि बैटरी, इनवर्टर या यू.पी.एस बैटरी, ई - रिक्शा या टोटो कि बैटरी) कि आयु तीन गुना तक बढ़ाने में सक्षम है। सिर्फ यही नही, ये प्रॉडक्ट पुरानी बैटरी जिसका कार्यकाल खत्म होने को है उसे भी फिर से उज्जीवित कर उसकी कार्य क्षमता में वृद्धि कर उसे नई जैसी बना सकता है। गौरतलब है कि विगत समय में इस प्रॉडक्ट ने  औद्योगिक जगत में खूब धूम मचाया था और Elixir बैटरी रिवर्टर का परफॉर्मेंस औद्योगिक जगत कि कई जानीमानी कंपनियों द्वारा परीक्षण किया गया था और इसके शानदार परफॉर्मेंस पाए जाने पर इन कंपनियों ने इस प्रॉडक्ट को प्रमाणित भी किया है। बी. एस. एन. एल, मेट्रो रेलवे कोलकाता, गुजरात इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड आदि ने इस प्रॉडक्ट को अपने औद्योगिक संस्थानों कि बैटरियों में बारंबार उपयोग किया है तथा कलकत्ता स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन, औरा इलेक्ट्रोकेम बैटरीज प्रा. लि, गुजरात अलकलीज एंड केमिकल्स प्रा. लि, अपूर्वा टूर्स एंड ट्रेवल्स प्रा. लि. जैसे संस्थानों ने Elixir बैटरी रिवर्टर को उनकी कसौटी पर खरे उतरने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया है।</p>
<p>अब यह प्रॉडक्ट और भी विकसित और आधुनिक फीचर्स सहित फिर से लॉन्च किया गया है। कंपनी के सीईओ दिनेश सराफ ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि यह Elixir बैटरी रिवर्टर सिर्फ बैटरी कि आयु वृद्धि या बैटरी को पुनर्जीवित हि नही करता बल्कि यह बैटरी द्वारा होने वाले पर्यावरण के प्रदुषण को भी नियंत्रित करता है। उन्होंने कहा कि वैसे तो ई - व्हीकल, ई - रिक्शा (टोटो) आदि के मार्केट में आने से ऑटोमोबाइल से होने वाले प्रदूषण में भारी गिरावट आई है परन्तु ज़्यादातर लोगों को यह नही पता कि बैटरी के लगातार उपयोग से बैटरी के अंदर कई हानिकारक गैस का उत्पादन होता है जो धीरे धीरे बैटरी से पर्यावरण में आने कि वजह से पर्यावरण ऐसी हानिकारक गैसों से प्रदूषित होता है। नया Elixir बैटरी रिवर्टर के उपयोग से बैटरी के अंदर इन हानिकारक गैसों का उत्पादन भी नियंत्रित होगा तथा इससे होने वाला पर्यावरण प्रदूषण भी। इस वजह से इसे एंटी पॉल्यूशन एंड एंटी सल्फेशन डिवाइस बताया गया है।</p>
<p> </p>
<p>कंपनी ने विभिन्न उपयोग क्षेत्रों को देखते हुए 12 वोल्ट, 24 वोल्ट तथा 48 वोल्ट कि बैटरियों के उपयुक मॉडल लॉन्च किए हैं। यह प्रॉडक्ट कंपनी कि अपनी वेबसाइट www.ramlalelectronics.com पर ऑनलाइन उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हल्की तेजी के साथ बंद हुआ।</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>  </p>
<p><em><strong>मुम्बई</strong></em> : भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हल्की तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार में ये बढ़त वै‎श्विक बाजारों से ‎मिलेजुले संकेतों के बीच ही खरीददारी हावी रहने से आई है। आज कारोबार के दौरान कंज्यूमर, ऑयल एंव गैस और एनर्जी शेयरों में जमकर खरीदारी हुई । दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 78.56 अंक बढ़कर 83,817.69 और 50 शेयरों वाल एनएसई निफ्टी 48.45 अंक ऊपर आकर 25,776.00 पर बंद हुआ। मुख्य सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयलएंडगैस , निफ्टी एनर्जी , निफ्टी कमोडिटीज , निफ्टी पीएसई , निफ्टी इन्फ्रा और तेजी के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/the-indian-stock-market-closed-with-a-slight-rise-on/article-2502"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2026-02/images-(41).jpeg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p> </p>
<p><em><strong>मुम्बई</strong></em> : भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हल्की तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार में ये बढ़त वै‎श्विक बाजारों से ‎मिलेजुले संकेतों के बीच ही खरीददारी हावी रहने से आई है। आज कारोबार के दौरान कंज्यूमर, ऑयल एंव गैस और एनर्जी शेयरों में जमकर खरीदारी हुई । दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 78.56 अंक बढ़कर 83,817.69 और 50 शेयरों वाल एनएसई निफ्टी 48.45 अंक ऊपर आकर 25,776.00 पर बंद हुआ। मुख्य सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयलएंडगैस , निफ्टी एनर्जी , निफ्टी कमोडिटीज , निफ्टी पीएसई , निफ्टी इन्फ्रा और तेजी के साथ बंद हुए। वहीं दूसरी ओर निफ्टी आईटी , निफ्टी इंडिया डिफेंस , निफ्टी सर्विसेज 0.42 और निफ्टी फार्मा 0.34 की कमजोरी के साथ बंद हुआ।</p>
<p>लार्जकैप की जगह पर मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक उछाल रहा । निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 376.50 अंक की तेजी के साथ 59,683.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 216.15 अंक बढ़कर 17,205.10 पर था।सेंसेक्स पैक में एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर लाभ में रहे जबकि इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक के शेयर गिर।</p>
<p>इससे पहले आज सुबह बाजारों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखी गई, हालांकि आईटी शेयरों में गिरावट के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। सुबह शुरुआत के बाद सेंसेक्स 44 अंक की बढ़त के साथ 83,783 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 51 अंक चढ़कर 25,778 पर पहुंच गया। वहीं एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स फ्लैट रहा और शेनझेन में 0.88 फीसदी की गिरावट आई, जापान का निक्केई 0.6 फीसदी गिरा, और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.73 फीसदी नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.72 फीसदी बढ़ा। पिछले ट्रेडिंग सेशन में अमेरिकी बाजार ज्यादातर हरे निशान में बंद हुए, जबकि नैस्डैक में 1.43 फीसदी की गिरावट आई। एसएंडपी 500 में 0.84 फीसदी की गिरावट आई, और डॉव जोन्स 0.34 फीसदी नीचे आया। गत दिवस विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5,236 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,014 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर खरीदे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 20:11:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सोना और चांदी की चमक बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  <em><strong>नई ‎दिल्ली </strong></em>: इस सप्ताह के पहले दिन सोमवार ‎को सोने और चांदी के वायदा भाव में मजबूती देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का फरवरी कॉन्ट्रेक्ट 582 रुपये की तेजी के साथ 1,34,204 रुपये पर खुला। पिछले बंद भाव 1,33,622 रुपये था। सोने का वायदा भाव 1,34,730 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन का उच्चतम स्तर 1,34,794 रुपये और निचला स्तर 1,34,204 रुपये रहा। सोने ने आज 1,35,263 रुपये के भाव को भी छुआ। चांदी के वायदा भाव में भी मजबूती देखी गई। एमसीएक्स पर मार्च कॉन्ट्रेक्ट 1,896 रुपये की तेजी के साथ 1,94,747 रुपये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/gold-and-silver-retain-their-shine/article-2211"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-12/2025_11image_19_18_053401108gold.jpg" alt=""></a><br /><p> <em><strong>नई ‎दिल्ली </strong></em>: इस सप्ताह के पहले दिन सोमवार ‎को सोने और चांदी के वायदा भाव में मजबूती देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का फरवरी कॉन्ट्रेक्ट 582 रुपये की तेजी के साथ 1,34,204 रुपये पर खुला। पिछले बंद भाव 1,33,622 रुपये था। सोने का वायदा भाव 1,34,730 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन का उच्चतम स्तर 1,34,794 रुपये और निचला स्तर 1,34,204 रुपये रहा। सोने ने आज 1,35,263 रुपये के भाव को भी छुआ। चांदी के वायदा भाव में भी मजबूती देखी गई। एमसीएक्स पर मार्च कॉन्ट्रेक्ट 1,896 रुपये की तेजी के साथ 1,94,747 रुपये पर खुला। पिछले बंद भाव 1,92,851 रुपये था। खबर लिखे जाने तक चांदी का वायदा 1,95,718 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन का उच्चतम स्तर 1,95,825 रुपये और निचला स्तर 1,94,681 रुपये रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग आने वाले समय में इन धातुओं की कीमतों को नई दिशा दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतें इस समय अहम प्रतिरोध स्तरों के पास स्थिर बनी हुई हैं, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है। घरेलू बाजार में सोने को 1,31,000 से 1,32,000 रुपये के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। यदि कीमतें 1,35,000 रुपये के ऊपर टिकती हैं, तो कमजोर रुपये और सेफ-हेवन डिमांड के चलते गोल्ड 1,37,000 से 1,40,000 रुपये तक पहुंच सकता है। फिलहाल ट्रेंड बुलिश बना हुआ है और बड़ी गिरावट की आशंका कम जताई जा रही है। वहीं चांदी ने हाल ही में 2 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड उच्च स्तर छूने के बाद तेज मुनाफावसूली देखी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट अल्पकालिक है और इसे केवल प्रॉफिट बुकिंग के तौर पर देखा जाना चाहिए। चांदी के लिए 1,80,000 से 1,81,000 रुपये प्रति किलो का स्तर मजबूत टेक्निकल सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो कीमतें इससे नीचे भी जा सकती हैं। निकट भविष्य में चांदी के लिए 1,95,000 से 2,00,000 रुपये प्रति किलो का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। यदि यह इन स्तरों के ऊपर निकलती है तो नए रिकॉर्ड बन सकते हैं, जबकि 1,90,000 रुपये से नीचे फिसलने पर कमजोरी और बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/business/gold-and-silver-retain-their-shine/article-2211</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 17:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अब क्रेडिट कार्ड से जुड़े अहम नियमों में किया बड़ा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>नई दिल्ली :</strong></em> डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच देश में क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन कई बार ग्राहक अनजाने में अपनी निर्धारित कार्ड लिमिट से अधिक खर्च कर लेते हैं, जिसके कारण बैंकों द्वारा भारी ओवरलिमिट शुल्क लगाया जाता है। ऐसे बढ़ते मामलों को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अब क्रेडिट कार्ड से जुड़े अहम नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम करोड़ों कार्ड उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। आरबीआई ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब कोई भी बैंक या कार्ड जारीकर्ता ग्राहक की स्पष्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/national/reserve-bank-of-india/article-2116"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-12/11ceed79-799f-45b0-a770-919b0b25b2cb.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>नई दिल्ली :</strong></em> डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच देश में क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन कई बार ग्राहक अनजाने में अपनी निर्धारित कार्ड लिमिट से अधिक खर्च कर लेते हैं, जिसके कारण बैंकों द्वारा भारी ओवरलिमिट शुल्क लगाया जाता है। ऐसे बढ़ते मामलों को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अब क्रेडिट कार्ड से जुड़े अहम नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम करोड़ों कार्ड उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। आरबीआई ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब कोई भी बैंक या कार्ड जारीकर्ता ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना ओवरलिमिट फीचर सक्रिय नहीं कर सकेगा। पहले कई बैंक इस सुविधा को स्वतः सक्रिय कर देते थे, जिससे ग्राहक अनजाने में अपनी लिमिट से अधिक खर्च कर बैठते थे और बाद में उन्हें भारी ओवरलिमिट चार्ज चुकाना पड़ता था। आरबीआई ने इस प्रथा पर पूरी तरह रोक लगा दी है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी कार्ड जारीकर्ताओं को अपने मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म पर एक ट्रांजैक्शन कंट्रोल फीचर उपलब्ध कराना होगा। इस फीचर के माध्यम से ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार ओवरलिमिट सुविधा को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। यह विकल्प 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि ग्राहक ने ओवरलिमिट की अनुमति नहीं दी है, तो कार्ड किसी भी स्थिति में निर्धारित लिमिट से अधिक खर्च की अनुमति नहीं देगा। यहां तक कि किसी तकनीकी त्रुटि के कारण यदि लिमिट पार भी हो जाए, तब भी बैंक ग्राहक से कोई ओवरलिमिट शुल्क नहीं ले सकेगा। आरबीआई का कहना है कि यह कदम ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने और अनियंत्रित खर्च तथा संभावित धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। नया नियम ग्राहकों को जिम्मेदारी से खर्च करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा और अनावश्यक शुल्कों से बचाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 16:26:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेशी बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता से</title>
                                    <description><![CDATA[मुनाफावसूली और ‎विदेशी ‎निवेशकों की ‎बिकवाली ने शेयर बाजार पर बनाया दबाव ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/foreign-selling-and-global-uncertainty/article-1882"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-11/lgwlwpji7lzj4eb_100108_news.jpg" alt=""></a><br /><p><em><strong>मुंबई </strong></em>: भारत का शेयर बाजार 7 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में लगातार उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन दिखाने के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ। ‎पिछले सप्ताह गुरुनानक जंयती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहने की वजह से बाजार में एक ‎‎दिन कम कारोबार हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, मिश्रित कॉर्पोरेट परिणाम, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और अमेरिका के साथ टैरिफ वार्ता में अनिश्चितता ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई और बाजार को कमजोर किया। सप्ताह की शुरुआत मुनाफावसूली और विदेशी फंडों की निकासी के कारण नकारात्मक रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 261.39 अंक गिरकर 83,677.32 पर खुला, लेकिन दिन के अंत में 83,978.49 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 62.9 अंक गिरकर 25,659.20 पर खुला और 25,763.35 पर बंद हुआ। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजे और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर सतर्क रहे। सेंसेक्स 55 अंक गिरकर 83,923.48 पर खुला और 519.24 अंक गिरकर 83,459.15 पर बंद हुआ। निफ्टी 40.95 अंक गिरकर 25,722.40 पर खुला और 25,597.65 पर बंद हुआ। वहीं बुधवार को गुरुनानक जयंती के कारण बाजार बंद रहा। गुरुवार को वैश्विक बाजारों में तेजी और ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी के बावजूद सेंसेक्स 376.89 अंक बढ़कर 83,836.04 पर खुला, लेकिन दिन के अंत में 83,311.01 पर बंद हुआ। निफ्टी 81.5 अंक बढ़कर 25,679.15 पर खुला और 25,509.70 पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और वैश्विक कमजोर रुख के कारण शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में सेंसेक्स 631.93 अंक गिरकर 82,679.08 पर खुला और 83,216.28 पर बंद हुआ। निफ्टी 184.55 अंक गिरकर 25,325.15 पर खुला और 25,492.30 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी ब्याज दर नीति और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता बाजार की दिशा तय करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

                <link>https://www.gambheersamachar.in/business/foreign-selling-and-global-uncertainty/article-1882</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 13:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gambheer Samachar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुशखबरी! गांव से लेकर शहर तक मिलेगा सुपरफास्ट इंटरनेट, जानिए भारत में कब से शुरू होने वाली है 6G सर्विस</title>
                                    <description><![CDATA[भारत को 6G टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर अव्वल बनाने की दिशा में IIT हैदराबाद ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/good-news-from-village-to-city-will-get-superfast-internet/article-1464"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-09/image-(40).png" alt=""></a><br /><div class="prose text-pretty dark:prose-invert inline leading-relaxed break-words min-w-0 [word-break:break-word] prose-strong:font-medium">
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">भारत को 6G टेक्नोलॉजी में विश्व स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में IIT हैदराबाद ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2030 तक 6G नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है, और इसके लिए शुरुआती प्रोटोटाइप 7 GHz बैंड पर तैयार भी किया जा चुका है। इस 6G प्रोटोटाइप में एडवांस्ड मैसिव MIMO एंटीना एरे और LEO (Low Earth Orbit) तथा GEO (Geostationary Orbit) सैटेलाइट-समर्थित सिस्टम शामिल हैं, जो 5G की तुलना में कहीं अधिक तेज और भरोसेमंद कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">टेलीकम्युनिकेशन विशेषज्ञ प्रोफेसर किरण कुची बताते हैं कि 6G केवल 5G की तुलना में तेज इंटरनेट सेवा नहीं होगा, बल्कि यह शहरी और ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ समुद्र और आकाश तक हर जगह सुपर-फास्ट कनेक्टिविटी का नया अनुभव देगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अहम भूमिका होगी, जिससे यह स्मार्ट डिवाइस, AR/VR तकनीक, स्वचालित वाहन और व्यापक स्तर पर IoT नेटवर्क के लिए उपयुक्त नेटवर्क बनेगा।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">भारत के लिए 6G टेक्नोलॉजी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश की उत्पादकता और सुरक्षा दोनों क्षेत्र बेहतर होंगे। इस तकनीक का उपयोग खेती से लेकर फैक्ट्रियों, स्कूलों से अस्पतालों और डिफेंस से लेकर डिजास्टर मैनेजमेंट तक हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">मोबाइल नेटवर्क की हर नई पीढ़ी लगभग एक दशक में विकसित होती है। जहां 2010 से 2020 तक 5G का मानकीकरण हुआ और भारत में 2022 में 5G सेवा शुरू हुई, वहीं 6G पर काम 2021 में शुरू हो चुका है और इसके वैश्विक मानक 2029 तक तय होने की उम्मीद है। यदि योजनानुसार सब कुछ हुआ, तो 2030 तक भारत में 6G नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। सरल शब्दों में कहें, तो 6G केवल उच्च गति का इंटरनेट नहीं होगा, बल्कि यह तकनीकी क्षेत्र में भारत को एक नई ताकत और प्रगति का रास्ता दिखाएगा।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 11:14:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Aditya]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Apple iPhone Air Vs Samsung Galaxy S25 Edge: सबसे पतले फोन की रेस में किसने मारी बाजी, कंपैरिजन से समझें कौन ज्यादा दमदार</title>
                                    <description><![CDATA[Apple iPhone Air Vs Samsung Galaxy S25 Edge: 2025 का साल स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए बेहद खास है. Apple ने अपने हालिया “Awe Dropping” इवेंट में iPhone Air पेश किया जो सीधे टक्कर ले रहा है पहले से मौजूद सैमसंग गैलेक्सी S25 एज से.

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/apple-iphone-air-vs-samsung-galaxy-s25-edge-who-in/article-1446"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-09/afy9nkbrxzsjenwwy5r3jh-1200-80.jpg" alt=""></a><br /><p>2025 का साल स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए बेहद खास है. Apple ने अपने हालिया “Awe Dropping” इवेंट में iPhone Air पेश किया जो सीधे टक्कर ले रहा है पहले से मौजूद Samsung Galaxy S25 Edge से. दोनों ही फोन बेहद पतले, प्रीमियम और आकर्षक डिज़ाइन के साथ आए हैं लेकिन सवाल ये है कि इनमें से कौन बेहतर है? आइए जानते हैं दोनों के बीच तुलना.</p>
<h6><em><strong>डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी</strong></em></h6>
<p>iPhone Air अब तक का सबसे पतला iPhone है जिसकी मोटाई 5.5mm से 5.6mm के बीच है. यह Galaxy S25 Edge से भी पतला है जिसकी मोटाई 5.8mm है. दोनों में टाइटेनियम फ्रेम और ग्लास बैक दिया गया है लेकिन Apple ने इसमें Ceramic Shield 2 का इस्तेमाल किया है जबकि Samsung ने Gorilla Glass Ceramic 2 लगाया है. वजन की बात करें तो iPhone Air सिर्फ 145 ग्राम का है जबकि S25 Edge का वजन 163 ग्राम है. यानी पोर्टेबिलिटी में iPhone Air आगे निकलता है.</p>
<h6><em><strong>डिस्प्ले</strong></em></h6>
<p>दोनों ही फोन शानदार OLED डिस्प्ले के साथ आते हैं. iPhone Air में 6.6-इंच OLED स्क्रीन है जिसका रेज़ॉल्यूशन 2740 x 1260 पिक्सल है. दूसरी ओर Galaxy S25 Edge में 6.7-इंच AMOLED 2X डिस्प्ले है जो QHD+ (1440 x 3120 पिक्सल) रेज़ॉल्यूशन सपोर्ट करता है.</p>
<p>iPhone Air की सबसे बड़ी खासियत इसकी 3000 nits पीक ब्राइटनेस है जो अब तक किसी भी iPhone में नहीं मिली. दोनों फोन 120Hz रिफ्रेश रेट देते हैं लेकिन iPhone Air का नया Metalens टेक्नोलॉजी वाला छोटा कैमरा कटआउट इसे और प्रीमियम लुक देता है.</p>
<h6><em><strong>कैमरा सेटअप</strong></em></h6>
<p>कैमरा सेगमेंट में दोनों के रास्ते अलग हैं. iPhone Air में सिर्फ एक 48MP का सिंगल रियर कैमरा है जिसे plateau bump डिज़ाइन में रखा गया है. वहीं, Galaxy S25 Edge में 200MP का प्राइमरी सेंसर और 12MP अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया गया है. सेल्फी कैमरे की बात करें तो iPhone Air में 18MP का फ्रंट कैमरा है जिसमें Apple का AI Center Stage फीचर मिलता है. Samsung ने S25 Edge में 12MP का फ्रंट कैमरा दिया है. यानी कैमरा वर्सेटिलिटी के मामले में Samsung आगे है लेकिन Apple सादगी और AI फीचर्स पर फोकस करता है.</p>
<h6><em><strong>परफॉर्मेंस</strong></em></h6>
<p>iPhone Air में Apple का नया A19 या A19 Pro चिपसेट दिया गया है जो दमदार परफॉर्मेंस और बेहतर एफिशिएंसी देता है. इसके साथ 12GB RAM और नया C1 मोडेम भी मिलता है. Galaxy S25 Edge में Snapdragon 8 Elite चिपसेट और 12GB RAM है. दोनों ही प्रोसेसर फ्लैगशिप लेवल के हैं लेकिन कच्ची परफॉर्मेंस की बात करें तो Apple का A19 चिप थोड़ा आगे माना जा रहा है.</p>
<h6><em><strong>बैटरी और कीमत</strong></em></h6>
<p>अल्ट्रा-थिन डिज़ाइन का सबसे बड़ा नुकसान बैटरी क्षमता पर पड़ता है. iPhone Air में सिर्फ 2800mAh बैटरी है जबकि Samsung ने S25 Edge में 3900mAh बैटरी फिट कर दी है. बैटरी बैकअप के मामले में Samsung साफ तौर पर बेहतर है. कीमत की बात करें तो iPhone Air की शुरुआती कीमत $999 (1,19,900 रुपये) है जबकि Galaxy S25 Edge की कीमत 1,09,999 रुपये से शुरू होती है. यानी iPhone थोड़ा महंगा है लेकिन Apple ब्रांड वैल्यू और नए फीचर्स इसे प्रीमियम बना देते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 06:44:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Aditya]]></dc:creator>
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                <title>अब ये टेक्नोलॉजी मचाएगी धमाल, इसके आगे AI भी लगता है बच्चा, जानिए पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पिछले कुछ सालों से तकनीकी दुनिया की सबसे बड़ी बहस और खोज का विषय बना हुआ है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/now-this-technology-will-create-a-blast-ai-also-seems/article-1442"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-09/image-(27)2.png" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पिछले कुछ वर्षों से तकनीकी दुनिया में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। टेक कंपनियों और शोध संस्थानों में इसके फायदे और खतरों पर लगातार चर्चा हो रही है। लेकिन अब तकनीक की दुनिया में इससे भी बड़ा कदम आने वाला है, जिसे सिंथेटिक इंटेलिजेंस (SI) कहा जा रहा है। SI को AI का अगला और कहीं अधिक एडवांस वर्जन माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आने वाले समय में इंसानों के जीवन को उस मोड़ पर ले जाएगा, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">सिंथेटिक इंटेलिजेंस सिर्फ डेटा प्रोसेसिंग या प्रोग्रामिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें इंसानों जैसी समझ, तर्क शक्ति और रचनात्मकता होती है। इसका मतलब है कि SI केवल पहले से दिए गए आंकड़ों पर काम नहीं करेगा बल्कि नए हालात को समझकर खुद से निर्णय लेने में सक्षम होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर AI और SI को शतरंज खेलने को कहा जाए, तो AI केवल नियमों और पुराने डेटा के आधार पर चल सकता है, जबकि SI सामने वाले खिलाड़ी की रणनीति और अप्रत्याशित चालों को समझकर तुरंत अपनी गेम योजना बदल सकेगा।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">SI मशीनों को सिर्फ आदेश मानने वाला सिस्टम नहीं बनाता, बल्कि इंसानों की तरह सोचने, सीखने और परिस्थिति के अनुसार खुद नई दिशा तय करने की क्षमता देता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई कहे "मैं गरीब हूं", तो AI इसे सीधे एक तथ्य मानकर काम करेगा, लेकिन SI संदर्भ और भाव को समझकर पहचान सकता है कि यह मजाक, व्यंग्य या सच है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">जहां AI केवल पुराने पैटर्न पर आधारित सामग्री बना सकता है, वहीं SI पूरी तरह से नई और अनोखी चीजें जैसे नए डिज़ाइन, कहानियां, और नवाचार रच सकता है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि SI को सही तरह विकसित किया गया, तो यह इंसानों की सोच और कार्यक्षमता से भी तेज और बेहतर हो सकता है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">आज जहां दुनिया AI की ताकत और खतरों पर बहस कर रही है, वहीं सिंथेटिक इंटेलिजेंस चुपचाप तकनीक की दुनिया में अपनी मजबूत एंट्री की तैयारी कर रहा है। इसे माना जा रहा है कि यह तकनीक भविष्य में मशीनों और इंसानों के बीच संबंधों को पूरी तरह बदल देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 23:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Aditya]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गजब! IPO खुलते ही टूट पड़े निवेशक, पहले ही दिन 14 गुना सब्सक्राइब; विजय केडिया का भी है निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[TechD Cybersecurity का IPO का आज पहला था. SME सेगमेंट का यह आईपीओ आज खुलते ही कुछ ही घंटों के भीतर ओवरसब्सक्राइब हो गया. विजय केडिया ने कंपनी में निवेश कर रखा है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/investors-are-also-invested-on-the-first-day-the-investor/article-1438"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-09/image-(23)2.png" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>TechD Cybersecurity का IPO </strong>आज खुलेगा और निवेशक इसमें 17 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू के पहले ही दिन इसे जोरदार रिस्पॉन्स मिला और कुछ ही घंटों में यह ओवरसब्सक्राइब हो गया। SME सेगमेंट का यह IPO इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मार्केट के दिग्गज निवेशक विजय केडिया की कंपनी में 7.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा, मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी इसकी मांग का बड़ा कारण माना जा रहा है।</p>
<h6 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><em><strong>सब्सक्रिप्शन स्टेटस</strong></em></h6>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">दोपहर 1:30 बजे तक TechD Cybersecurity IPO को 6.44 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। इसमें रिटेल निवेशकों का हिस्सा 9.96 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 6.78 गुना और योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 0.02 गुना भर चुका था।</p>
<h6 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><em><strong>ग्रे मार्केट प्रीमियम</strong></em></h6>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इस IPO का GMP पिछले कई दिनों से 160 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। प्राइस बैंड और GMP को मिलाकर इसकी संभावित लिस्टिंग लगभग 353 रुपये पर हो सकती है। यानी, इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 83 प्रतिशत ऊपरी प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद है।</p>
<h6 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><em><strong>प्राइस बैंड और इश्यू डिटेल</strong></em></h6>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">कंपनी लगभग 38.99 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 0.20 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू लाई है। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। इस IPO का प्राइस बैंड 183-193 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 2 लॉट में आवेदन करना होगा। ऊपरी प्राइस बैंड पर देखा जाए तो यह निवेश लगभग 2,31,600 रुपये का होगा।</p>
<h6 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><em><strong>फंड का इस्तेमाल और लिस्टिंग</strong></em></h6>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">IPO से जुटाई गई रकम का उपयोग कंपनी मानव संसाधन पर खर्च करने, गुजरात में ग्लोबल सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (GSOC) बनाने और सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए करेगी। इस इश्यू के शेयरों की लिस्टिंग 22 सितंबर को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 23:02:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Aditya]]></dc:creator>
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                <title>ITR Filing Last Date: अब बस आज तक का ही है वक्त... धड़ाधड़ फाइल हो रहे रिटर्न, सर्वर ओवरलोड</title>
                                    <description><![CDATA[इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) Last Date: इनकम टैक्स पोर्टल पर कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं. कई चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्सपेयर्स अपना एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.gambheersamachar.in/business/itr-filing-last-date-is-now-only-time-till-date/article-1420"><img src="https://www.gambheersamachar.in/media/400/2025-09/image-(15)3.png" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) </strong>फाइल करने की अंतिम तारीख आज, 15 सितंबर 2025 है। अब तक छह करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। अंतिम समय पर जल्दबाजी से बचने के लिए आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए चौबीस घंटे सपोर्ट सेवा भी उपलब्ध कराई है। इस दौरान यह भी चर्चा हो रही है कि रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन आगे बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इसी बीच, इनकम टैक्स पोर्टल पर कुछ तकनीकी समस्याएं देखने को मिली हैं। कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्सपेयर्स अपना एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) डाउनलोड करने में असमर्थ रहे हैं। हालांकि यह समस्या सभी यूजर्स को नहीं हो रही और यह पूरे सिस्टम में भी नहीं है। ऐसा संभव है कि एक साथ अधिक लोग लॉगिन करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर दबाव बढ़ गया है। रिटर्न फाइलिंग की इस आखिरी अवस्था में कई लोग तेजी से अपना ITR जमा कर रहे हैं, जिससे पोर्टल पर ट्रैफिक बढ़ गया है। इसे आप एक चौड़ी सड़क की तरह समझ सकते हैं, जहां ट्रैफिक जाम की वजह से कुछ वाहन धीमे चल रहे हैं जबकि कुछ तेजी से निकल रहे हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">आयकर विभाग ने 13 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि अब AIS थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर के जरिए डाउनलोड नहीं किया जा सकता। AIS डाउनलोड करने का एकमात्र तरीका अब ई-फाइलिंग ITR पोर्टल पर लॉगिन करके AIS कंप्लायंस पोर्टल (<a class="hover:text-super hover:decoration-super break-words underline decoration-from-font underline-offset-1 transition-all duration-300" href="https://ais.insight.gov.in/complianceportal/ais">https://ais.insight.gov.in/complianceportal/ais</a>) पर जाना है। इसके बावजूद कुछ यूजर्स का कहना है कि पोर्टल आसानी से खुल रहा है और AIS डाउनलोड कुछ सेकंड में हो जा रहा है, वहीं कुछ के लिए इसमें 10 मिनट तक लग जाते हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इस स्थिति में यूजर्स को क्या करना चाहिए? वे माइक्रोसॉफ्ट एज (वर्जन 88 या उससे ऊपर), गूगल क्रोम (88+), मोजिला फायरफॉक्स (86+) या ओपेरा (66+) जैसे अपडेटेड ब्राउजर का इस्तेमाल करें। साथ ही, विंडोज 7 या उसके बाद के वर्जन, लिनक्स या मैक ओएस के लेटेस्ट वर्जन का उपयोग करें। ब्राउजर की कुकीज और साइट डेटा साफ रखें और यदि संभव हो तो हाई स्पीड ईथरनेट वायर्ड कनेक्शन का उपयोग करें ताकि बेहतर अनुभव मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 10:43:21 +0530</pubDate>
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