गौतम अडानी के बेटे ने नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु से की मुलाकात
बंगाल में नए निवेश के संकेत दिए
निज संवाददाता : गौतम अडानी के बेटे करण अडानी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर औद्योगिक और बुनियादी ढांचा निवेश की संभावना पर ज़ोर दिया। नवान्न में हुई इस मीटिंग ने राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में काफी दिलचस्पी पैदा की है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियों के बीच राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पावर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीनफील्ड रोड कंस्ट्रक्शन समेत कई ज़रूरी परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
इस मुलाकात को राज्य में सरकार बदलने के बाद उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने में नई सरकार की सक्रिय भूमिका में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
औद्योगिक समुदाय के एक हिस्से के मुताबिक, यह चर्चा लंबे समय के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट के मामले में नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल सकती है। यह ध्यान देने वाली बात है कि पहले, पश्चिम बंगाल में निवेश को लेकर अडानी ग्रुप के राज्य सरकार के साथ रिश्ते बहुत अच्छे नहीं थे। ममता बनर्जी की सरकार के दौरान, गौतम अडानी ग्रुप ने ताजपुर डीप सी पोर्ट के कंस्ट्रक्शन का टेंडर जीता था, लेकिन कई प्रशासनिक और नीति से जुड़ी दिक्कतों की वजह से यह प्रोजेक्ट लागू नहीं हो पाया। आखिरकार, टेंडर कैंसिल कर दिया गया और अडानी ग्रुप ने राज्य से अपनी निवेश योजना वापस ले ली।
मौजूदा हालात में, पश्चिम बंगाल में अडानी ग्रुप की दिलचस्पी फिर से उस चैप्टर को पार कर गई है, जिससे उद्योग और व्यापार समुदाय को एक पॉजिटिव मैसेज गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पोर्ट, रोड, पावर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े निवेश से रोज़गार, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बढ़ सकता है और राज्य की समग्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
राजनीतिक जानकार इस मीटिंग को पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज़ से बहुत अहम मान रहे हैं। हालांकि मीटिंग के बाद किसी प्रोजेक्ट या निवेश राशि की ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि भविष्य में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावना बनी है।
