शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए टीएमसी के दो सांसद
निज संवाददाता : लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के दो बागी सांसद देव और जून माल्या शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए। इस मौके पर तृणमूल की बागी विधायक शिउली साहा भी बैठक में मौजूद थीं।
तृणमूल कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी पहले ही विधानसभा में बंट चुकी है। पार्टी लीडरशिप के फैसले के खिलाफ जाकर 58 विधायकों ने रीताब्रत बनर्जी को पार्लियामेंट्री पार्टी का लीडर चुना है। तृणमूल कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी में फूट सोमवार को लोकसभा में भी साफ हो गई। बागी सांसदों ने सोमवार को कई चरणों में बैठक की। दोपहर में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर और फिर शाम को बागी सांसद शताब्दी रॉय के घर पर। मुख्यमंत्री शुभेंदु भी दोनों जगहों पर गए। देव भी कल दिल्ली में थे।
पार्लियामेंट्री पार्टी में फूट के 24 घंटे के अंदर इस बार दो बागी सांसद देव और जून, पूर्व मेदिनीपुर के कोलाघाट में मुख्यमंत्री की बुलाई प्रशासनिक बैठक में में दिखे। बैठक में आने से पहले बागी विधायक शिउली ने कहा-देखते रहिए क्या होता है। विधायक का यह कमेंट राज्य की पॉलिटिक्स के हालिया हालात को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि वह प्रशासनिक बैठक में विपक्षी पार्टी के प्रतिनिधियों को भी बुलाएंगी। उनका मानना है कि चुने हुए प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तालमेल होना चाहिए। मंगलवार को कोलाघाट में यह प्रशासनिक बैठक में मुख्य रूप से तीन जिलों- दोनों मेदिनीपुर और झाड़ग्राम को लेकर थी। देव घाटल के सांसद हैं, जून मेदिनीपुर की सांसद हैं और शिउली केशपुर की विधायक हैं। मुख्यमंत्री ने जिलों में डेवलपमेंट के काम में तेजी लाने के लिए पार्टी से अलग हटकर संबंधित जिलों के विधायकों के साथ मिलकर आगे बढ़ने का मैसेज दिया है। हालांकि, तृणमूल की चुनावी हार और उसके बाद पार्टी में फूट और बगावत के मद्देनजर देव-जून-शिउली की मौजूदगी का महत्व और बढ़ गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कल्याणी में तीन जिलों को लेकर प्रशासनिक बैठक की थी। बारासात से बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार उस मीटिंग में मौजूद थीं। कई विधायक भी बैठक में शामिल हुए।
