राहुल गांधी के विदेशी नागरिक होने का कोई सबूत नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज किया मामला

राहुल गांधी के विदेशी नागरिक होने का कोई सबूत नहीं


निज संवाददाता : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सिर्फ़ भारतीय नागरिक ही नहीं हैं;  उन पर ब्रिटिश नागरिक होने के आरोप भी लगे हैं। इस दावे के आधार पर बीजेपी समर्थकों ने देश भर में कई मुकदमे दायर किए हैं। जहां कुछ मामले पहले ही खारिज हो चुके हैं,  वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब एक और मामला खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इस दावे को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दे पाए कि राहुल के पास विदेशी नागरिकता है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि 2005 और 2006 में ब्रिटिश कंपनी 'बैकऑप्स लिमिटेड'  के ज़रिए राहुल द्वारा दाखिल सालाना रिटर्न से जुड़े दस्तावेज़ उनकी ब्रिटिश नागरिकता का सबूत हैं। इसके अलावा, यह आरोप भी लगाया गया था कि इंग्लैंड में उनके नाम पर रजिस्टर्ड एक कंपनी के लिए दिए गए घोषणा-पत्र में उन्होंने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। ब्रिटिश नागरिकता के इन आरोपों के आधार पर कई बार उनका नामांकन रद्द करने की मांग की गई है। कानून के तहत, भारतीय नागरिकों के लिए दोहरी नागरिकता रखना दंडनीय अपराध है।
मुद्दा यह है कि भले ही बीजेपी नेताओं ने बार-बार राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाए हैं,  लेकिन वे कोई सबूत पेश करने में नाकाम रहे हैं। अशोक पांडे नाम के एक व्यक्ति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में राहुल के खिलाफ़ मामला दायर किया था। जस्टिस बी. शराफ़ और अवधेश कुमार चौधरी ने पाया कि याचिकाकर्ता अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर सका। आखिरकार, उन्हें मामला वापस लेने का निर्देश दिया गया।
गौरतलब है कि राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। इससे पहले, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली हाई कोर्ट में इसी तरह का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। दिलचस्प बात यह है कि भले ही बीजेपी नेताओं ने पहले कई बार यह साबित करने की कोशिश की है कि राहुल गांधी विदेशी नागरिक हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे कोई बड़ा मुद्दा नहीं बनाया है। मोदी सरकार ने हमेशा किसी न किसी तरह राहुल की नागरिकता के सवाल को टाल दिया है। अब यह देखना बाकी है कि इस बार केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है।

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