श्रेणी:
साहित्य
<% catList.forEach(function(cat){ %>
<%= cat.label %>
<% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %>
<%= node_description %>
<% } %>
<% catList.forEach(function(cat){ %>
<%= cat.label %>
<% }); %>
Read More...
भारतीय ज्ञान प्रणाली में अनुसंधान और नवाचार के विविध आयाम
Published On
By Gambheer Samachar
सहायक प्राध्यापक, श्री रामकृष्ण बी. टी. कॉलेज (Govt. Aided.), दार्जिलिंग
संपर्क - 27 गांधी रोड, बागमारी हाउस, दार्जिलिंग - 734101,
पोस्ट ऑफिस- दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
ई-मेल - anandpcdas@gmail.com, 9382918401...
Read More...
'सृष्टि करो'
Published On
By Gambheer Samachar
‘सृष्टि करो’
एक आधुनिक समाज का।
जहां जाति की दुत्कार कम,
और सामाजिकता अधिक हो।
‘सृष्टि करो’
एक नई शिक्षा व्यवस्था का।
जहां अज्ञानता-असमानता कम,
और आचरण-नैतिकता अधिक हो।
‘...
Read More...
‘मेरी पहचान’
Published On
By Gambheer Samachar
‘मेरी पहचान’ वह अंधेरी!तेज़ तूफ़ानी रात!रात के बारह बजे थे।बिजली की गड़गड़ाहट,हवा की आहट,सन्नाटे की सजावट में,'एक बच्चा'पैदा लेता है!!
संकरी पगडंडी में,सड़क किनारे,फर्श पर सटा,लेटे रहता है-'वह बच्चा'!...
Read More...
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम
Published On
By Gambheer Samachar
कविता
चैत्र शुक्ल की सुनहरी बेला में,अयोध्या के आँगन में उषा उतरी,जग ने देखा धर्म का सूर्योदय जब करुणा की किरण बन राम अवतरे।।
वन-वन में जिसकी गूँज पवित्र,न्याय की ज्योति जिसने जगाई,वाणी में मधुर सत्य...
Read More...
'समानता' (दलित कविता)
Published On
By Gambheer Samachar
समानता
मैं बिस्तर पर लेटे था।
किसी ने यह पूछा दिया-
क्या भाई तुम्हारे यहां
असमानता है क्या?
तड़के ही उत्तर दिया,
नहीं भाई, नहीं तो !
हमारे पास संविधान है।
तो कैसे होंगे असमान?
घोड़ा और घास
साथ-साथ, पास-पास...
Read More...
शुक्रग़ुज़ार करो!
Published On
By Gambheer Samachar
शुक्रग़ुज़ार करो!
उन वंचित-शोषित-दलितों को,
जिन्हें वसीयत में मिली,
अपमान, तिरस्कार और दुत्कार को,
ठुकरा रहे हैं।
शुक्रग़ुज़ार करो!
उन वंचित-शोषित-दलितों को,
अपमान की परिभाषा,
चूहड़ा-चमरा-भंगी कहने की,
मानसिकता बदल रहे हैं।
शुक्रग़ुज़ार करो!
उन वंचित-शोषित-दलितों को,
जिन्हें परंपरा में...
Read More...
एक दलित!
Published On
By Gambheer Samachar
एक दलित! जब पढ़ लिखकर क़ाबिल बना, हमारे गाँव ने ख़ुशियाँ मनाईं. एक दलित! जब अफ़सर और सिपाही बना, पूरे मुहल्ले ने जश्न मनाया. एक दलित! जब ज़िला कलेक्टर व मुख्य सचिव बना, पूरे इलाक़े में भव्य कार्यक्रम हुआ. एक...
Read More...
