विश्व कप से पहले रोहित-हार्दिक की खराब फिटनेस से बीसीसीआई चिंतित
मुम्बई : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की फिटनेस को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की चिन्ताएं बढ़ गयी हैं। इससे इन दोनो के ही आगामी एकदिवसीय विश्वकप में खेलने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बीसीसीआई चयनसमिति क्टूबर-नवंबर में खेले जाने वाले विश्वकप के लिए रणनीति तैयार करने में लगी है। ऐसे में वह इन दोनो ही प्रमुख खिलाड़ियों की फिटने को लेकर संशय में है। इन दोनो को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है पर कहा गया है कि इनके खेलने का फैसला फिटनेस रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। अगयर ये 100 फीसदी फिट हुए तो ही खेल पायेंगे। बोर्ड 35 साल के हो रहे रोहित की शारीरिक क्षमता और 50 ओवर के क्रिकेट की चुनौतियों का सामना करने की उनकी तैयारी को लेकर संशय में है। चयनकर्ताओं ने रोहित की विस्तृत फिटनेस रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण वह हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में तीन सप्ताह तक कोई मैच नहीं खेल पाये थे। रोहित उन तीन सप्ताह के दौरान बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में भी नहीं पहुंचे हालांकि उन्होंने अपना वजन घटाया है पर सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या उनका शरीर हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट का पूरा भार उठा पाएगा या नहीं। करियर के इस मोड़ पर शरीर को पूरी तरह ठीक होने में अधिक समय लगता है क्योंकि 50 ओवरों तक फील्डिंग करनी होती है। वहीं, ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की फिटनेस पर भी चयनकर्ताओं को संदेह बना हुआ है। उनकी 10 ओवर पूरी ताकत के साथ गेंदबाजी करने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। चयन बैठक से ठीक 48 घंटे पहले तक हार्दिक की फिटनेस को लेकर कोई स्पष्ट जवाब उपलब्ध नहीं था। उन्होंने 2 मई के बाद से ही मुंबई इंडियंस के लिए कोई मैच नहीं खेला था, चेन्नई में एक मुकाबले के बाद उन्होंने पीठ में ऐंठन की शिकायत की थी। बताया जा रहा है कि हार्दिक निजी तौर पर रिलायंस की सुविधा और वानखेड़े स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं पर अभी ये साफ नहीं है कि उन्हें अपनी फिटनेस पूरी तरह से साबित करने के लिए क्या मापदंड पूरे करने होंगे। चयनकर्ताओं की मुख्य चिंता उनके पूरे 10 ओवर गेंदबाजी न कर पाने की आशंका है।
