बंगाल से घुसपैठियों को सीधे डिपोर्ट करेगी राज्य सरकार

बंगाल से घुसपैठियों को सीधे डिपोर्ट करेगी राज्य सरकार


निज संवाददाता :  मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की घोषणा की है। बुधवार को राज्य सचिवालय ‘नवान्न’  में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अब राज्य पुलिस द्वारा पकड़े गए घुसपैठियों को सीधे निर्वासन की प्रक्रिया के लिए बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आने वाले समुदायों को इस व्यवस्था से बाहर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से पिछले साल लाए गए उस प्रावधान को लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले साल 14 मई को राज्य सरकार को घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपने के संबंध में पत्र भेजा था। लेकिन पिछली सरकार इस महत्वपूर्ण प्रावधान को लागू करने में विफल रही। हमने अब इसे लागू कर दिया है। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने सीएए का विरोध किया और केंद्र द्वारा बनाई गई व्यवस्था को लागू नहीं किया। सीएए के प्रावधानों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के अंतर्गत आने वाले सात समुदाय, जो निर्धारित समयसीमा से पहले भारत में प्रवेश कर चुके हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत सात समुदायों का नाम लिया गया है और जो लोग 31 दिसंबर 2024 तक आए हैं, उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई है तथा पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकती।  शुभेंदु ने  कहा  कि अधिनियम के दायरे में न आने वालों को घुसपैठिया माना जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस उन्हें हिरासत में लेगी और बीएसएफ को सौंप देगी। शुभेंदु ने कहा कि इसके बाद बीएसएफ बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ समन्वय करके निर्वासन प्रक्रिया शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ बीजीबी से बात करेगी और  घुसपैठियों को निर्वासित  करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। आज से यह कानून लागू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव को सूचित कर दिया है कि पश्चिम बंगाल तथा भारत की सुरक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों के सभी थानों में इस कानून को लागू किया जाएगा।

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