धर्मांतरण के आरोप में निदा खान अरेस्ट, प्रेग्नेंसी का हवाला नहीं आया काम

धर्मांतरण के आरोप में निदा खान अरेस्ट, प्रेग्नेंसी का हवाला नहीं आया काम

 निदा खान अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थीं. लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था. निदा पर यौन उत्पीड़न के आरोपियों की मदद करने और धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप हैं. इससे पहले इस केस में 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

 

नासिक मामले में यौन उत्पीड़न और कथित धर्म परिवर्तन की कोशिश की आरोपी निदा खान को अरेस्ट कर लिया गया है.  पिछले 25 दिनों से फरार चल रही थीं. निदा पर यौन उत्पीड़न के आरोपियों की मदद करने और धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप हैं. इसके अलावा, उन पर शिकायत के बावजूद एक्शन नहीं लेने का भी आरोप है. FIR में दूसरे धर्म के कर्मचारियों की धार्मिक भावनाएं आहत करने की बात भी कही गई है. इससे पहले इस केस में 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 
निदा अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थीं. उन्होंने प्रेग्नेंसी का हवाला देकर दया याचिका लगाई थी. लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था. पुलिस ने निदा के पति से पूछताछ की थी और तलाश में कई जगहों पर रेड भी मारी थी. पुलिस के मुताबिक, कुछ जगहों पर ताला लगा था. निदा और उसके कुछ रिश्तेदारों के फोन भी लगातार बंद थे. फिर पुलिस ने गुरुवार (7 मई) को छत्रपति संभाजी नगर से निदा को गिरफ्तार कर लिया. 
इससे पहले जो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं उनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रज़ा मेमन, तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और आश्विन शामिल हैं. बताया गया कि इनमें से कुछ कंपनी के POSH कमिटी के सदस्य थे. ये कमिटी कंपनी के भीतर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में कार्रवाई करती है. 

कैसे पकड़ी गईं निदा?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, निदा कुछ दिनों से छत्रपति संभाजीनगर के कैसर कॉलोनी में रह रही थीं. पुलिस को इसकी टिप मिली. लेकिन पुलिस पूरी तरह आश्वस्त होना चाहती थी. इसलिए तीन चार दिन इंतज़ार किया. टेकनिकल एनालिसिस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से निदा पर नज़र रखी गई. फिर जानकारी की पुष्टि होने पर एक्शन लिया. पुलिस सिविल ड्रेस में लोकेशन पर पहुंची ताकि आरोपी को शक न हो. 20 से ज़्यादा पुलिसकर्मी के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. अरेस्ट के वक़्त निदा के आसपास उसके घर के 5 सदस्य मौजूद थे.

TCS मामला क्या है? 

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक यूनिट में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि कर्मचारियों के एक खास ग्रुप ने अपने साथ काम करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया. अब तक नौ FIR दर्ज की जा चुकी है, जिसमें एक FIR पुरुष कर्मचारी ने दर्ज कराई है. FIR में धार्मिक उत्पीड़न और धर्म बदलने की कोशिश का आरोप लगाए गए. शिकायतों में यौन उत्पीड़न, हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और खास धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करने से लेकर, नॉनवेज खिलाने के लिए मजबूर करने तक के आरोप शामिल हैं.

पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी सीनियर पदों पर थे और उन्होंने अपने साथ काम करने वालों को परेशान करने के लिए अपने पदों का गलत इस्तेमाल किया. एक अधिकारी ने यह भी दावा किया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज कराने से रोका था. निदा पर आरोप है कि उन्होंने शिकायत मिलने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया था. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को ‘बहुत चिंताजनक और परेशान करने वाला’ बताया था. उन्होंने कहा था कि सच का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक पूरी इंटरनल जांच चल रही है.

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