बैंकों के अधिकारियों ने ठगों के साथ मिलकर खोले फर्जी खाते, CBI ने किया गिरफ्तार
पटना से जुड़े साइबर अपराध के मामले में सीबीआई ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बैंककर्मी वाराणसी और बेतिया से पकड़े गए।
पटना से जुड़े साइबर अपराध के मामले में सीबीआई ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बैंककर्मी वाराणसी और बेतिया से पकड़े गए। आरोप है कि इन दोनों ने साइबर अपराधियों के साथ साठ-गांठ कर फर्जी बैंक खाते खोले और उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी में धन हस्तांतरण के लिए किया।
सीबीआई ने बताया कि डिजिटल उपकरणों और अन्य प्रमाणों के आधार पर केनरा बैंक, पटना की तत्कालीन सहायक प्रबंधक शालिनी सिन्हा और एक्सिस बैंक, पटना के तत्कालीन बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट अभिषेक कुमार के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं। शालिनी सिन्हा लगभग पांच साल पहले चितईपुर ब्रांच में नियुक्त हुई थीं।
जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने फर्जी खाते खोलने, उन्हें संचालित करने और साइबर धोखेबाजों के लेनदेन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के बदले मोटी रिश्वत ली। इसके अलावा, उन्होंने जालसाजों को बैंक सिस्टम द्वारा उत्पन्न चेतावनी संकेतों से बचने के तरीके भी बताए।
इससे पहले सीबीआई ने देशभर में 61 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए। इस गिरफ्तारी के बाद जांच के दायरे को और बढ़ाया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बैंक अधिकारियों की भूमिका साइबर धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क में कितनी अहम थी।
पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले में सभी डिजिटल और वित्तीय प्रमाणों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
