चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले से की मुलाकात
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
निज संवाददाता : चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले से दिल्ली में आरएसएस मुख्यालय में मुलाकात की। संघ मुख्यालय में करीब आधे घंटे तक मुलाकात चली। संघ सूत्रों का कहना है कि यह महज एक सौजन्य मुलाकात है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने मिलने की आकांक्षा व्यक्त की थी। इसके बाद मुलाकात हुई है।
इससे पहले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बीते सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुख्यालय का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सन हयान ने किया।
आरएसएस भारतीय राजनीति और समाज में एक वैचारिक स्तंभ के रूप में देखा जाता है। संघ का सीधा राजनीतिक दल न होते हुए भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उसका वैचारिक प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में सीसीपी प्रतिनिधियों का संघ मुख्यालय तक आना अपने आप में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। संघ सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात सीसीपी नेताओं की इच्छा पर हुई और इसका उद्देश्य केवल शिष्टाचार निभाना था, लेकिन कूटनीति में शिष्टाचार भी संदेश देता है। यह दर्शाता है कि चीन भारत को केवल सरकारी या कूटनीतिक चैनलों से नहीं, बल्कि वैचारिक और सामाजिक स्तर पर भी समझने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में भाजपा महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में एक दल ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य विषय था भाजपा और सीपीसी के बीच अंतर-दलीय संवाद को आगे बढ़ाने के तरीके। यह बातचीत इस बात का संकेत है कि दोनों देश अब केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के स्तर पर भी संवाद को संस्थागत रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
