क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके छोटे भाई मोहम्मद कैफ को चुनाव आयोग ने बुलाया
निज संवाददाता : चुनाव आयोग ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके छोटे भाई मोहम्मद कैफ को समन भेजा है। चुनाव आयोग (ईसाई) ने दोनों भाइयों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक शमी ओर उनके भाई कैफ के एसआईआर फॉर्म में गड़बड़ियां मिली हैं, इसलिए दोनों को बुलाया गया है। हालांकि शमी या चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।
सोमवार को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके स्थित कार्तजू नगर स्कूल से नोटिस जारी किए गए, जिनमें दोनों को सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया। हालांकि नोटिस के अनुसार मोहम्मद शमी तय तारीख पर उपस्थित नहीं हो सके। फिलहाल वो विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राजकोट में हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद शमी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) वार्ड नंबर 93 में वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जो रासबिहारी असेंबली सीट के अंदर आता है। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में शमी ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अपने पैतृक गांव में वोटिंग की थी। शमी का जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन वो कई सालों से कोलकाता के स्थायी निवासी हैं।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 16 दिसंबर को बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश हुई थी, जिसमें 58.21 लाख लोगों के नाम काटे गए थे। इसके बाद दावा, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शमी आज की सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। इन दिनों वो विजय हजारे ट्रॉफी में राजकोट में बंगाल को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। शमी की अगली सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है।
मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेलते हैं, लेकिन वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, लेकिन लंबे समय से कोलकाता में रह रहे हैं। शमी और उनके भाई को 5 जनवरी को सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी के शेड्यूल के कारण वो 5 जनवरी को एसआईआर संबंधित सुनवाई में हाजिर नहीं हो पाए।
शमी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था, जिसके बाद उनकी सुनवाई की तारीख 9-11 जनवरी के बीच कर दी गई है। फिलहाल, मोहम्मद शमी क्रिकेट में व्यस्त हैं और नई तारीखों पर चुनाव आयोग के सामने पेश होकर जरूरी दस्तावेजों और जानकारी के जरिए अपनी नागरिकता और मतदाता रिकॉर्ड को लेकर स्थिति साफ करेंगे।
