बांग्लादेश में 12 साल की हिंदू लड़की का शव घर में लटका मिला
निज संवाददाता : चटगांव के लालखान बाजार इलाके में बीते 4 जनवरी को एक 12 साल की लड़की श्राबंती घोष का शव घर में लटका हुआ मिला था। अब रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है कि मौत हत्या थी या सुसाइड है।
7 जनवरी को आरएबी-7 के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद तौहीद ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत पर दो पड़ोसियों प्रदीप और अजय को हिरासत में लिया गया है। दोनों घटना के समय वे बिल्डिंग में मौजूद थे। एक संदिग्ध पीड़िता के घर के बगल वाले कमरे में रहता है और दूसरा संदिग्ध दूसरी मंजिल पर। आरएबी उनकी भूमिका की जांच कर रहा है।
श्राबंती अपने छोटे भाई और मां के साथ पनिर टंकी पहाड़ इलाके में एक किराए के एक कमरे के घर में रहती थी। श्राबंती घोष चौथी कक्षा की छात्रा थी और लालखान बाजार गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। श्राबंती के पिता तपन घोष कोरियाई एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन (केईपीजेड) में सिक्योरिटी गार्ड हैं और महीने में एक-दो बार घर आते हैं। मां रोसी घोष गारमेंट फैक्ट्री में काम करती हैं।
मां रोसी घोष ने बताया कि बच्चे आमतौर पर सुबह से रात तक दादा-दादी के घर पर रहते हैं क्योंकि माता-पिता काम पर होते हैं। उस रात श्राबंती दादा के घर से करीब 10 बजे अकेले घर लौटी जबकि मां काम पर थीं। आधे घंटे बाद दादा छोटे बेटे को लेकर आए तो दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो श्राबंती छत के बांस से लटकी हुई थी।
मां ने कहा-श्राबंती के पैर बिस्तर पर टिके हुए थे। अगर सुसाइड होता तो ऐसा नहीं होता। वो सिर्फ 12 साल की बच्ची थी, उसे सुसाइड का मतलब भी नहीं पता था।
रविवार सुबह खुलशी पुलिस स्टेशन के ओसी जाहेदुल इस्लाम ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चटगांव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया था। जांच में गर्दन के आसपास काला निशान मिला लेकिन शरीर पर कोई और चोट के निशान नहीं थे। मौत के कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
इस घटना की तस्वीर पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिससे मामला सुर्खियों में आया। कुछ रिपोर्ट्स में हत्या और रेप का दावा किया गया है, लेकिन आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। पुलिस जांच जारी है। यह मामला बेहद संवेदनशील है और जांच पूरी होने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी। परिवार और स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
