अजय देवगन ने संभाली ‘क्राइम पेट्रोल’ शो की कमान

अजय देवगन ने संभाली ‘क्राइम पेट्रोल’ शो की कमान


निज संवाददाता : भारतीय टेलीविजन इतिहास में ‘क्राइम पेट्रोल’ केवल एक शो नहीं, बल्कि समाज के भीतर छिपे काले सच को सामने लाने वाला एक सशक्त आईना रहा है। 2026  के नए सीजन में जब बॉलीवुड के ‘सिंघम’  यानी अजय देवगन ने इस शो की कमान संभाली, तो उम्मीदों का आसमान छूना स्वाभाविक था। टीवी का ये नया सीजन न सिर्फ अपने होस्ट के बड़े स्टारडम को लेकर चर्चा में है, बल्कि उन विषयों को लेकर भी जिनमें अपराध की पुरानी, घिसी-पिटी और प्रेडिक्टेबल कहानियों को छोड़कर आज के दौर की कड़वी हकीकत को सामने रखा गया है। क्या अजय देवगन की मौजूदगी ने इस शो को नई ऊंचाई दी है या अनूप सोनी की छोड़ी हुई विरासत के सामने ये सीजन कहीं बिखरता दिखता है? 
इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत इसके विषय का चयन (टॉपिक सिलेक्शन) है। शो के मेकर्स ने इस बार ये समझदारी दिखाई है कि वो 90 के दशक या पुरानी रंजिशों के ट्रेडिशनल अपराधों में नहीं उलझे। पहले एपिसोड ‘बगावत’ से ही ये साफ हो जाता है कि फोकस आज की डिजिटल दुनिया पर है।
रील्स का नशा, एक स्वाइप पर बदलते इमोशंस और सोशल मीडिया से पैदा होने वाली असुरक्षा, ये ऐसे मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर आज के हर घर और स्मार्टफोन स्क्रीन से जुड़े हैं। पहले एपिसोड की कहानी इतनी रिलेटेबल है कि दर्शक स्क्रीन देखते हुए यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि ये हादसा उसके अपने पड़ोस या परिवार में भी हो सकता था। विषय चयन के मामले में ये सीजन पूरे नंबर ले जाता है।
मेकर्स का  अजय देवगन  को बतौर होस्ट चुनना एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित होता है। स्क्रीन पर आते ही उनका वही ट्रेडमार्क ठहराव, आंखों की गंभीरता और भारी-भरकम आवाज समां बांध देती है। वो किसी उपदेशक की तरह भाषण नहीं देते, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सवाल खड़े करते हैं। जब वो कहते हैं कि क्या हमारे इमोशंस भी अब स्क्रोल होने लगे हैं?  तो उनकी आवाज की गहराई सीधे दिल पर वार करती है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस में वो वजन है, जो एक क्राइम-अवेयरनेस शो के होस्ट में होनी चाहिए।

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