मोदी कैबिनेट ने असम में दूसरे बड़े फोर लेन प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने असम में दूसरे बड़े फोर लेन प्रोजेक्ट को दी मंजूरी


निज संवाददाता : कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को ब्रीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दो अहम फैसलों के बारे में जानकारी दी। इसमें एक बायगैस से जुड़ा है। वहीं दूसरी स्कीम असम में दूसरा चार लेन हाईवे बनाने का फैसला किया गया है। इन प्रोजेक्टस की लागत करीबन 32 हजार करोड़ रुपए बताई गई है। केंद्रीय मंत्री ने इस फैसले के पीछे मकसद भारत के अपने बायो एग्रो रिसोर्स का इस्तेमाल करना है। 
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया-बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक के हिस्से के लिए। यह प्रोजेक्ट ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर बने एनएच-15 के हिस्से को कवर करता है। यह अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड की ओर जाने वाले इलाकों के लिए एक जरूरी कनेक्टिविटी लिंक का काम करता है। 135 किलोमीटर लंबे इस चार-लेन हाईवे में लगभग 8,970 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह प्रोजेक्ट काफी जटिल है। इसमें 15 बड़े पुल, लगभग 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और पांच जगहों पर बाईपास सड़कें शामिल हैं। आगे चलकर यह ब्रह्मपुत्र टनल से भी जुड़ेगा। इससे यह पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी के लिए एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट बन जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में असम में फॉर लेन हाईवे बनाने का फैसला किया गया है। असम में एनएच-15 के 135.871 किमी लंबे 4 लेन एक्सेस कंट्रोल गुवाहाची तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट को एनएच (ओ) के चगच 8970.20 करोड़ की कुल पूंजीलागत पर बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) टोल मोड पर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट में तेजपुर वाइपास में एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) (4.9 किलोमीटर) का निर्माण करने की परिकल्पना की गई है। इसे भारतीय वायुसेना के समन्वय में अंतिम रूप दिया गया है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिण की ओर मौजूदा एनएच-27 (पूर्व पश्चिम कॉरिडोर) पर भीड़भाड़ कम करेगा।
इसके अलावा बताया गया कि प्रोजेक्ट में 58.7 किलोमीटर लंबे पांच प्रमुख वाईपास का निर्माण शामिल है। इससे बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, देकियाजुली, तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले हिस्सों पर भीड़भाड़ कम हो जाएगी। 
प्रोजेक्ट में पुल, 19 फ्लाइओवर, 1 एलीफेंट अंडर पास (तेजपुर बाईपास में) शामिल है। इस प्रोजेक्ट के एक हिस्से के तौर पर 45 अंडरपास और 19 फ्लाईओवर के साथ 210 किमी की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। ट्रैफिक का आना जाना बना रहेगा। प्रोजेक्ट को एक्सेस कंट्रोल्ड के तौर पर डेवलप करने का प्रस्ताव भी है। 
इस प्रोजेक्ट से औसत ट्रैवल स्पीड 100 फीसदी बढ़ जाएगी। ट्रैवल टाइम भी आधा हो जाएगा। पूरी रोड सेफ्टी बेहतर होगी। फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ेगी। गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा। इससे इलाके में मोबिलिटी बढ़ेगी। इस तरह सोशियो इकोनॉमिक डेवलपमेंट होगा। यह प्रोजेक्ट असम-अरुणाचल प्रदेश में मुख्य इकोनॉमिक, सोशल और लॉजिस्टिक्स नोड्स को आसान कनेक्टिविटी देगा।

Tags:

About The Author

Advertisement

Latest News