'इस्तीफा लेने से सरकार नहीं गिरती'
अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
निज संवाददाता : सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली समेत देशभर में हो रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंता व्यक्त की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। जब उनसे पत्र के बारे में सवाल किया गया तो अन्ना हजारे ने कहा कि पीएम इस देश के सर्वोच्च नेता हैं। जनता के जवाब उनतक जाने जरूरी हैं। इसलिए उन्होंने यह पत्र लिखा।
अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को दिए पत्र में लिखा था कि जनता की आवाज मत दबाएं और उनसे बातचीत करें। अगर जवाबदेही तय करते हुए किसी का इस्तीफा लेने से सरकारें नहीं गिरतीं। देश के युवा पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षाओं में देरी से परेशान हैं। इसलिए सरकार आंदोलनों को न दबाए। इसके बजाय प्रदर्शनकारियों से संवाद करे और समाधान निकाले।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का 'मौन आंदोलन' किया। सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोगी दत्ता आवारी ने कहा-अन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और दोपहर एक बजे इसे समाप्त किया।
अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वह इसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए। हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुधवार को पत्र लिखकर कहा था-हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।
उन्होंने पत्र में कहा था कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। हजारे ने लिखा था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात ‘धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिये समाधान तलाशने’ का अनुरोध किया।
