राज्यसभा उपचुनाव
बीजेपी ने सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक को बनाया उम्मीदवार
निज संवाददाता : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव के लिए पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक को उम्मीदवार बनाया है। दरअसल तीनों नेताओं को बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन मिला है। तृणमूल के ये तीनों पूर्व सांसद गुरुवार को बीजेपी के साल्टलेक ऑफिस में पार्टी में शामिल हुए। कुछ ही घंटों के भीतर बीजेपी ने एक नोटिफिकेशन जारी करके उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया। वे बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। उधर, बीजेपी ने गुजरात में विधानसभा उपचुनाव के लिए मंजलपुर से सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
दरअसल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में बढ़ते आंतरिक विद्रोह के बीच इन तीनों नेताओं ने पिछले महीने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था और टीएमसी छोड़ दी थी। अब वे उन राज्यसभा सीटों के लिए उपचुनाव लड़ेंगे जो उनके इस्तीफे के बाद खाली हो गई थीं। बीजेपी ने कहा कि ये तीनों पूर्व सांसद अपने राजनीतिक अनुभव से पश्चिम बंगाल में पार्टी की मौजूदगी को मजबूत करेंगे। इनका पार्टी में शामिल होना और तुरंत उम्मीदवार बनना ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी सबसे बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है।
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा से इस्तीफा दिया। उसके बाद देव ने 10 जून को और बराइक ने 11 जून को इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने के बाद बराइक ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा की थी, जबकि देव ने दिल्ली में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी। रॉय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से काफी पहले से तृणमूल नेतृत्व के आलोचक रहे थे। अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। पार्टी में उन्हें दरकिनार कर दिया गया और अंततः उन्होंने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या समीकरण के अनुसार, बीजेपी के उम्मीदवारों के तीनों सीटों पर जीत हासिल करने की संभावना है। विधानसभा में बीजेपी के पास फिलहाल 208 विधायक हैं। भाजपा के उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्षी उम्मीदवार को कम से कम 70 वोटों की आवश्यकता होगी। हालांकि आधिकारिक तौर पर तृणमूल के पास 80 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 60 निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'बागी लेकिन बहुमत' गुट के हैं, जबकि शेष 20 ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का समर्थन करते हैं।
