असम में भीषण ट्रेन हादसा
ट्रैक पर काम कर रहे दो मजदूरों की मौत
निज संवाददाता : असम के जोगीघोपा स्थित नरनारायण सेतु पर सोमवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। इस हादसे में रेलवे के निर्माण एवं रखरखाव कार्य में लगे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, स्थानीय प्रशासन और राहत एवं बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, चारों मजदूर रेलवे ट्रैक पर निर्माण और रखरखाव कार्य से जुड़े काम के सिलसिले में पैदल जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशाओं से ट्रेनों की आवाजाही हुई। बताया जा रहा है कि इसी बीच एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से चारों मजदूर हादसे का शिकार हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा अचानक हुआ, मजदूरों को संभलने या खुद को बचाने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को ट्रैक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को ट्रेनों की आवाजाही की पूर्व सूचना दी गई थी या नहीं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।
इस दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मृतक मजदूरों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस हादसे ने रेलवे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
