तृणमूल के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने का किया दावा
स्पीकर को दिया पत्र, एनडीए में शामिल होने की जताई इच्छा
निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी विधायक दल में टूट के बाद अब संसदीय पार्टी में टूट लगभग तय हो गयी है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और पार्टी पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित थे। भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र दिया। इस पत्र में 20 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर हैं। काकोली घोष दस्दीतार ने लोकसभा में अलग गुट बनाने का दावा किया।
एक ओर, ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक में शिरकत कर रही थीं। दूसरी ओर, बागी सांसदों ने अलग गुट बनाने के लिए स्पीकर को पत्र दिए। उन्होंने तृणमूल पार्लियामेंट्री पार्टी से सभी रिश्ते खत्म कर दिए हैं। पत्र सोमवार को ठीक दोपहर 12:53 बजे जमा किया गया।
लोकसभा में तृणमूल के कुल 28 सांसद हैं। काकोली ने बताया कि उनमें से 20 ने साइन किए हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि किसने किस पर साइन किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सूची में काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, पार्थ भौमिक, शर्मिला सरकार, असित माल, जगदीश बसुनिया, कालीपद सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, देव शामिल हैं। इससे पहले टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था।
काकोली घोष के दिए पत्र में लिखा गया है कि वे बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं। हालांकि, वे एनडीए में शामिल होंगे। यानी, वे तृणमूल के एक अलग ग्रुप के तौर पर एनडीए अलायंस का हिस्सा बनना चाहते हैं। यानी, अगर यह पत्र मान लिया जाता है, तो तृणमूल संसदीय पार्टी टूट जाएगी।
काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक के तौर पर पत्र जमा किया। ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले उन्हें उस पोस्ट से हटा दिया था। कल्याण बनर्जी को उस पोस्ट पर अपॉइंट किया गया था, लेकिन काकोली का तर्क है कि उन्हें उस पोस्ट से हटाने का मामला अभी लोकसभा के रिकॉर्ड में नहीं है, क्योंकि इस बीच लोकसभा का सेशन नहीं हुआ है। उस तर्क पर काकोली ने मुख्य सचेतक होने का दावा किया और पत्र जमा किया।
