यूपी के 2 शहरों में बनेंगी नई यूनिवर्सिटी,

योगी के इस फैसले से किसानों और छात्रों को होगा बड़ा फायदा

यूपी के 2 शहरों में बनेंगी नई यूनिवर्सिटी,

 गोरखपुर : गोरखपुर में उत्तर प्रदेश का पहला वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) बनने जा रहा है. यूपी कैबिनेट ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है. बता दें यह विश्वविद्यालय 125 एकड़ भूमि पर लगभग ₹491 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही कुशीनगर में एक कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की भी स्थापना भी की जाएगी. इन 2 नए यूनिवर्सिटीज के जरिए राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि शिक्षा, शोध और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देना है, जिससे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से यूथ को बेहतर मौका मिल सकें.

कैबिनेट के फैसले से होगा विस्तार
कैबिनेट की मंजूरी के बाद गोरखपुर में बनने वाला यह राज्य का पहला वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय होगा. वहीं कुशीनगर में प्रस्तावित कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आधुनिक कृषि तकनीकों, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा. इन दोनों संस्थानों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मुख्यमंत्री के सलाहकार ने किया पोस्ट
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी  ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए लिखा 'उत्तर प्रदेश एक हरित और स्मार्ट भविष्य की नींव रख रहा है. यूपी कैबिनेट ने गोरखपुर में राज्य के पहले वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय (Forestry & Horticulture University) को मंज़ूरी दे दी है. इसे ₹491 करोड़ के निवेश से 125 एकड़ ज़मीन पर विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही, कुशीनगर में एक कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी बनाया जा रहा है. यह माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी और यूपी सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका मकसद कृषि शिक्षा को मज़बूत करना, पर्यावरण की स्थिरता को बढ़ावा देना और विश्व-स्तरीय शिक्षा व शोध के जरिए अगली पीढ़ी को सशक्त बनाना है.'

जानकारी के अनुसार इस विश्वविद्यालय के शुरू होने से वानिकी, बागवानी और कृषि से जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा. छात्रों को आधुनिक तकनीकों पर आधारित पढ़ाई और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे, जबकि किसानों तक नई कृषि तकनीक, बेहतर पौध प्रबंधन और उन्नत बागवानी से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी. साथ ही पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर आधारित शोध को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

राज्य सरकार इस पहल को कृषि, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में बड़े और भविष्य के निवेश के रूप में देख रही है. गोरखपुर और कुशीनगर में बनने वाले ये दोनों विश्वविद्यालय पूर्वांचल के साथ-साथ यूपी के छात्रों के लिए नए शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराएंगे. साथ ही कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और उत्तर प्रदेश को हरित एवं तकनीक आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में भी इन संस्थानों की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है.

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