सेवाश्रय प्रोजेक्ट में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा

विधानसभा में सीएम शुभेंदु ने अभिषेक पर साधा निशाना

सेवाश्रय प्रोजेक्ट में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा


निज संवाददाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में सेवाश्रय हेल्थ कैंप को लेकर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर बयान दिया। अपने भाषण में उन्होंने सीधे तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला किया और कहा कि सेवाश्रय प्रोजेक्ट में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हेल्थ कैंप के पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार का एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है और इसकी पूरी जांच चल रही है।
शुक्रवार को फाल्टा से बीजेपी विधायक  देबांग्शु पांडा ने विधानसभा में सेवाश्रय प्रोजेक्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगाकर सरकार का ध्यान इस मामले की ओर दिलाया। अगले दिन मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विधानसभा में बयान दिया और आरोपों के अलग-अलग पहलुओं पर रोशनी डाली।
अपने भाषण में, शुभेंदु ने दावा किया कि सेवाश्रय कैंप के बारे में बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में पहले ही कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जांच में कई ऐसे आरोप सामने आए हैं जहां इलाज के बाद मरीजों को गंभीर शारीरिक नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ के हाथ-पैर काटने पड़े, जबकि कुछ हमेशा के लिए विकलांग हो गए हैं। विधानसभा में कुछ तस्वीरें दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ये घटनाएं सेवाश्रय कैंप में हुए इलाज का नतीजा हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी और एक्स-रे मशीनों का इस्तेमाल बिना इजाज़त के बाहर किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कैंप में सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज के छात्रों का भी इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, आरोपों की गंभीरता बहुत ज़्यादा है और इक्विपमेंट पहले ही ज़ब्त कर लिए गए हैं।
इसी के साथ  शुभेंदु ने दावा किया कि सेवाश्रय कैंप में मरीज़ों को एक्सपायर हो चुकी दवाएं दी गईं। उन्होंने डॉक्टर राजीव विस्वास के लिखे एक पत्र का ज़िक्र किया और कहा कि उस आरोप की भी जांच चल रही है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि एफआईआर  के आधार पर क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य पुलिस सीआईडी, एसटीएफ, दक्षिण 24 परगना जिला पुलिस और मेडिकल एक्सपर्ट्स की जॉइंट जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि इस कैंप में इलाज करवाते समय जिन लोगों पर असर पड़ा है, उनकी हर शिकायत पर एक अलग एफआईआर  दर्ज करके जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जब तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब अभिषेक बनर्जी की पहल पर उनके संसदीय क्षेत्र में सेवाश्रय हेल्थ कैंप शुरू किया गया था। वहां फ्री मेडिकल सर्विस लेने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी कई लोग आते थे। बाद में, नंदीग्राम में भी ऐसे कैंप लगाए गए। तृणमूल ने भविष्य में घर पर 'सरकारी'  स्टाइल की हेल्थ सर्विस देने का भी वादा किया था।
हालांकि, विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सेवाश्रय प्रोजेक्ट को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। अभिषेक के खिलाफ डायमंड हार्बर में एफआईआर  दर्ज की गई है। उन पर बिना सरकारी मंज़ूरी के हेल्थ कैंप चलाने, गैर-कानूनी तरीके से मेडिकल इक्विपमेंट और दवाइयों का इस्तेमाल करने और रेडियोएक्टिव चीज़ों का भी इस्तेमाल करने का आरोप है।
इसके अलावा, कुछ हेल्थ वर्कर और इंटर्न डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें कई तरह के वादे करके कैंप में ले जाया गया था। उनका दावा है कि उन्हें ट्रेनिंग या सर्टिफिकेट देने का वादा किया गया था, लेकिन उनमें से कोई भी पूरा नहीं किया गया। इन सभी आरोपों की भी जांच एजेंसियां कर रही हैं।

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