अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक

पत्नी गीतांजलि संग पहुंचे राजघाट

अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक


निज संवाददाता : समाजिक कार्यकर्ता व शिक्षाविद् सोनम वांगचुक, अपनी पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि विरोध प्रदर्शन हमारा शांतिपूर्ण अधिकार है। उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और बिल पर अच्छी तरह से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बापू का बताया रास्ता आज भी प्रसांगिक है।
उन्होंने कहा कि इस 26 दिन के उपवास और आंदोलन के खत्म होने के बाद, मैं सबसे पहले राजघाट आकर महात्मा गांधी को याद करना चाहता था, उनका शुक्रिया अदा करना चाहता था और देश को बताना चाहता था कि उन्होंने जो रास्ता दिखाया, वह आज भी उतना ही रेलिवेंट और सही है जितना सौ साल पहले था…पिछले पांच-छह सालों से, हम लद्दाख में इस गांधीवादी तरीके को अपना रहे हैं और इसे बहुत सही और रेलिवेंट पा रहे हैं। फिर भी, मुझे पक्का नहीं था कि यह नेशनल लेवल पर काम करेगा या नहीं।
उन्होंने कहा कि इस बार, मुझे यह देखकर तसल्ली हुई कि यह सौ साल बाद भी नेशनल लेवल पर रेलिवेंट है और शायद आने वाले सौ या हजार साल तक भी ऐसा ही रहेगा। इसीलिए मैं भारत और दुनिया के लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे बापू के दिखाए शांति के रास्ते से अपनी शिकायतें और अपीलें बताएं। हल जरूर मिलेगा। इसमें समय लग सकता है, लेकिन इसका अंत अंधेरे में नहीं होता; हमने खुद यह देखा है। हो सकता है कि पहली कोशिश में कामयाबी न मिले, लेकिन आमतौर पर मिल ही जाती है।
मालूम हो कि नीट पेपर लीक मामले में 26 दिन अनशन तक सोनम वांगचुक अनशन पर रहे थे। हाल ही में उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल से मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया था, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर निगरानी रख रही थी। वहीं अब वो पूरी तरह से ठीक हैं और हॉस्पिटल से वापस अपने घर जा रहे हैं। 
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो हॉस्पिटल के कमरे में चेयर पर बैठे नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें हॉस्पिटल से आज छुट्टी मिल रही है और वो महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाएंगे।
वांगचुक ने वीडियो में कहा ‘और आखिरकार वो दिन आ गया. मुझे हॉस्पिटल से छुट्टी मिल रही है। मैं वापस अपने घर लद्दाख जाने से पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाऊंगा और फिर पहाड़ों की ओर लौट जाऊंगा’। उन्होंने कहा कि अब वो पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने सभी का शुक्रिया अदा भी किया। उन्होंने कहा-आप सभी का धन्यवाद और मेदांता अस्पताल, गुड़गांव के डॉक्टरों और स्टाफ की शानदार टीम का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।  उन्होंने आंदोलन में एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए भी सभी का आभार जताया।
कॉकरोच पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वांगचुक भूख हड़ताल पर चले गए थे। वो 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए थे और 26 दिनों तक अनशन पर रहे। 18 जुलाई को सोनम को पुलिस ने जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इसके बाद गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में उन्हें शिफ्ट किया गया। 24 जुलाई को सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया था।

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