हुमायूं कबीर को केंद्र सरकार ने दी वाई-प्लस सुरक्षा
निज संवाददाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित किए गए विधायक हुमायूं कबीर को अब केंद्र सरकार ने वाई-प्लस कैटेगरी की सिक्योरिटी दे दी है। उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी से मुकाबला करने के लिए अपनी पार्टी बना ली है।
बता दें कि हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह एक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखा था। इस मस्जिद का निर्माण का काम पिछले महीने से शुरु हो गया है। टीएमसी ने उन्हें यह कहते हुए पार्टी से निकाला था कि पार्टी ‘सेक्युलर थ्योरी’ में विश्वास करती है।
• वाई-प्लस कैटेगरी के सिक्योरिटी कवर में करीब एक दर्जन सिक्योरिटी वाले होते हैं। इसमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के 8-10 कमांडो शामिल होते हैं। यह सिक्योरिटी कवर इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा असेस किए गए थ्रेट परसेप्शन के आधार पर दिया जाता है और इसे समय-समय पर रिव्यू किया जा सकता है।
हुमायूं कबीर ने अलग-अलग जिलों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और जान के खतरे के चलते सुरक्षा की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर उन्हें 'वाई प्लस' कैटेगरी की सुरक्षा दी। बुधवार को 13 सदस्यों वाली एक केंद्रीय सुरक्षा टीम आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक अध्यक्ष हुमायूं कबीर के मुर्शिदाबाद स्थित घर पहुंची।
टीएमसी से सस्पेंड होने के बाद, भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने पिछले साल 22 दिसंबर को अपनी पॉलिटिकल पार्टी शुरू की, जिसका नाम तब 'जनता उन्नयन पार्टी' था। इसे शॉर्ट में 'जेयूपी' कहा गया। लेकिन इस नाम की एक पार्टी पहले से ही इलेक्शन कमीशन में रजिस्टर्ड थी, इसलिए उन्होंने पार्टी का नाम बदल दिया। चुनाव आयोग ने अब उनकी पार्टी के नए नाम, आम जनता उन्नयन पार्टी के तहत रजिस्टर करने की मंजूरी दे दी है।
