ममता ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कहा-बीजेपी के आईटी सेल से मिलकर बनाया ऐप
निज संवाददाता : बंगाल में चल रहे एसआईआर मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। इतना ही नहीं, तृणमूल प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के आईटी सेल से मिलकर एक ऐप बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला पूरी तरह से 'गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और गैर-लोकतांत्रिक' है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ये बातें गंगासागर में बहुप्रतीक्षित 'गंगासागर ब्रिज' का उद्घाटन करने के मौके पर कही। मंच से उन्होंने बंगाल में चल रहे एसआईआर को लेकर लोगों को हो रही परेशानी पर रोशनी डाली। यहां तक कि बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी कड़ाके की ठंड में सुनवाई के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। जिसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला। उन्होंने नाम छूटने की भी आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने कहा-सुनवाई के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। 54 लाख रुपये के नाम छूट गए हैं। उन्हें फॉर्म नंबर 7, 8 भरने का अधिकार था। लेकिन ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके नाम हटाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने चुनाव आयोग पर ह्वाट्सऐप चलाने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि वह इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वह बहस में हिस्सा लेंगी।
ममता बनर्जी मंगलवार को गंगासागर से कोलकाता लौटते समय पत्रकारों से मिलीं। उन्होंने एसआईआर में लोगों को परेशान किए जाने के बारे में बात की। मुख्यमंत्री ने कहा-आयोग गलती कर रहा है। वह ज़िंदा लोगों को मरा हुआ दिखा रहा है। वह बुज़ुर्गों की नाक में ट्यूब डालकर उन्हें ले जा रहा है। इतना ही नहीं, ममता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के आईटी सेल की मदद से एक ऐप बनाया है। उन्होंने कहा-बीजेपी के आईटी सेल ने जो ऐप बनाया है, वह गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और गैर-लोकतांत्रिक है। यह ऐसे नहीं चल सकता।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने आज गंगासागर की तैयारियों के बारे में भी संदेश दिया। उन्होंने कहा-गंगासागर मेले के लिए बेड, हॉस्पिटल, डॉक्टर, एम्बुलेंस के काफ़ी इंतज़ाम हैं। ममता ने यह भी कहा कि ट्रांसपोर्ट के काफ़ी इंतज़ाम हैं। उन्होंने कहा-मेले के लिए काफ़ी बसें हैं। आप एक ही टिकट पर सफ़र कर सकते हैं।
