नौसेना के कर्मचारी ने की गर्लफ्रेंड की हत्या,

शव काटकर फ्रिज में छिपाया, सिर को जलाया

नौसेना के कर्मचारी ने की गर्लफ्रेंड की हत्या,

आरोप है कि Indian Navy में टेक्नीशियन चिंतादा रविंद्र ने अपनी गर्लफ्रेंड मोनिका के शव के 3 टुकड़े किए. एक हिस्सा फ्रिज में छिपा दिया, दूसरा हिस्सा एक बोरी में भरकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया, जबकि तीसरा हिस्सा, यानी सिर को ले जाकर एक सुनसान जगह पर जला दिया.

इंडियन नेवी में टेक्नीशियन चिंतादा रविंद्र की पत्नी ने कुछ हफ्ते पहले एक बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद पत्नी अपने मायके चली गई. नेवी कर्मचारी को मौका मिला, तो उसने अपनी गर्लफ्रेंड मोनिका को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में अपने घर बुला लिया. बहसबाजी हुई और नौसेना कर्मी ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी. मामला यहीं नहीं थमा. आरोप है कि रविंद्र ने मोनिका के शरीर के तीन टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया.

पुलिस ने इंडियन नेवी में काम करने वाले आरोपी चिंतादा रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या कुछ दिन पहले हुई थी. इंडिया टुडे से जुड़ीं अपूर्वा जयचंद्रन की रिपोर्ट के मुताबिक, रविंद्र ने अपना गुनाह कबूल करते हुए खुद को सरेंडर किया है, जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की.

चिंतादा रविंद्र बीते दो साल से विशाखापत्तनम के गजुवाका इलाके में परिवार के साथ किराए के घर में रह रहा था. 29 मार्च को आरोपी ने गर्लफ्रेंड को अपने घर पर बुलाया था. पुलिस ने जानकारी दी कि घर पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसका नतीजा ये निकला कि मोनिका की हत्या कर दी गई.

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि यह मर्डर बिना सोचे-समझे नहीं किया गया था. उन्होंने बताया कि हत्या से पहले चिंतादा रवींद्र चाकू ढूंढने श्रीनगर के एक स्टोर पर गया था. जब उसे चाकू नहीं मिले, तो उसने उन्हें ऑनलाइन मंगवाया.

आरोप है कि चिंतादा रविंद्र ने मोनिका के शव के 3 टुकड़े किए. एक हिस्सा फ्रिज में छिपा दिया, दूसरा हिस्सा एक बोरी में भरकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया, जबकि तीसरा हिस्सा, यानी सिर को ले जाकर एक सुनसान जगह पर जला दिया. पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कोई शोर-शराबा नहीं सुना. पुलिस जांच कर रही है कि इस हत्या के पीछे सही कारण क्या था.

मृतक मोनिका विशाखापत्तनम की ही रहने वाली थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, अपना अपराध छिपाने के बाद चिंतादा रविंद्र ने अपने दोस्त को फोन किया. भागने के लिए नहीं, सलाह लेने के लिए. दोस्त ने उससे पुलिस के सामने सरेंडर करने को कहा, तब जाकर उसने सरेंडर किया. पुलिस के सामने उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

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