श्री रामकृष्ण परमहंस की जयंती के भावपूर्ण उत्सव की तैयारी में जुटे बेलूर मठ
रामकृष्ण (1836-1886 ई.) 19वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध भारतीय सन्त थे। स्वामी रामकृष्ण का जन्म गुरुवार, फरवरी 18, 1836 को भारत के पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के कमरपुकुर नामक ग्राम में हुआ था। उनका जन्म एक अत्यन्त निर्धन, किन्तु अत्यन्त धार्मिक परिवार में हुआ था। कालान्तर में वह, देवी काली को समर्पित दक्षिणेश्वर काली मन्दिर के पुजारी बन गये थे। वह अपने भक्तों के मध्य रामकृष्ण परमहंस के नाम से लोकप्रिय हैं। उनका पूरा नाम गदाधर चट्टोपाध्याय था।
स्वामी रामकृष्ण का विवाह शारदा देवी से हुआ था, जो कुछ समय पश्चात् उनकी आध्यात्मिक संगिनी बन गयी थीं। स्वामी विवेकानन्द उनके प्रसिद्ध शिष्यों में से एक थे। स्वामी विवेकानन्द ने अपने गुरु के सम्मान में, रामकृष्ण मठ की स्थापना की, जो कि जन-कल्याण हेतु कार्यरत है तथा विश्व भर में रामकृष्ण मिशन के रूप में आध्यात्मिक आन्दोलन का प्रचार-प्रसार करता है। रामकृष्ण मठ एवं मिशन का मुख्यालय बेलुड़ मठ है।
19 फरवरी, कोलकाता और दुनिया भर के आध्यात्मिक केंद्रों में एक शांत उत्साह का माहौल छा रहा है। श्री रामकृष्ण परमहंस की जयंती मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। यह महज़ एक और त्योहार नहीं है—यह प्रेम, एकता और ईश्वर तक पहुँचने के सरल मार्ग की एक सशक्त याद दिलाता है, एक ऐसी दुनिया में जो अक्सर विभाजित महसूस होती है।
