अमित शाह ने किया मायापुर का दौरा

हिंदू समाज के एकीकरण में मतुआ समुदाय के योगदान को किया उजागर

अमित शाह ने किया मायापुर का दौरा


निज संवाददाता  : गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के नदिया जिले के मायापुर गए, जो भक्ति आंदोलन का उद्गम स्थल है। इस यात्रा में एसआईआर से जुड़ी राजनीति को दरकिनार करते हुए आध्यात्मिक चिंतन को प्राथमिकता दी गई। चुनाव पूर्व मतुआ समुदाय के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उन्होंने इस समुदाय के हिंदू समाज के एकीकरण में योगदान को उजागर किया।
अमित शाह ने मतुआ महासंघ के संस्थापक हरिचंद ठाकुर और उनके पुत्र गुरुचंद ठाकुर तथा वैष्णव संत भक्ति सिद्धांत सरस्वती जैसे समाज सुधारकों की जमकर प्रशंसा की। इन्हें शाह ने भक्ति आंदोलन और आधुनिकता के बीच सेतु बताया। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हरिचंद और गुरुचंद ठाकुर तथा संपूर्ण मतुआ समाज ने सामाजिक कल्याण के विचार को आगे बढ़ाया। उन्होंने समुदाय के भीतर अस्पृश्यता के विरुद्ध उनके अभियान और शिक्षा एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
भक्ति सिद्धांत सरस्वती की 152वीं जयंती के अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित  अमित शाह  ने कहा कि वह मायापुर में गृह मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि भारत और विदेश में 64 गौड़ीय मठों की संस्थापक के भक्त के रूप में आए हैं।
समारोह में उपस्थित लोगों को प्रधानमंत्री मोदी का हरे कृष्णा संदेश देते हुए शाह ने कहा-जब भी कोई विदेशी अतिथि मोदी जी से मिलने आता है, तो वे उन्हें  भगवद गीता  की एक प्रति भेंट करते हैं। भक्ति आंदोलन का केंद्र नदिया था और आने वाले दिनों में इसका विस्तार होगा। मुझे विश्वास है कि हम विकसित भारत और सनातन धर्म का संदेश विश्व तक पहुंचाने में सक्षम होंगे।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह की यह यात्रा इस साल के अंत में होने वाले चुनावों से पहले, दक्षिणी पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से में प्रभावशाली समुदाय  मतुआ महासंघ  के साथ भाजपा के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण थी। लेकिन बंगाल में पार्टी पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि गृह मंत्री मतुआ महासंघ के साथ एकजुटता के अपने संदेश में राजनीति को शामिल नहीं करना चाहते थे।

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