बंगाल में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायतें दर्ज
एसआईआर के दौरान ‘उत्पीड़न’ का आरोप
निज संवाददाता : दक्षिण 24 परगना जिले के एक पुलिस थाने में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लोगों के कथित उत्पीड़न को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कैनिंग पूर्व के विधायक शौकत मोल्ला के साथ सात लोगों ने जीबनतला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कह कि ‘हमें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित उत्पीड़न को लेकर सीईसी के खिलाफ सात शिकायतें मिली हैं और हम उनकी जांच करेंगे। शौकत मोल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के सात लोगों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित उत्पीड़न के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। तृणमूल विधायक ने कहा कि पिछले तीन दिनों में मेरे निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 33,000 नामों को मतदाता सूची से हटाने की सिफारिश की गई है। इस कदम का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना है। इनमें से कई लोगों के पास दस्तावेज हैं और वे पहले ही एसआईआर सुनवाई में भाग ले चुके हैं।
मोल्ला ने दावा किया कि इन नामों में से लगभग 90 फीसदी मुस्लिम समुदाय के हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के लिए दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सीईसी अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या कम करने के लिए साजिश रच रहे हैं। हालांकि, एक स्थानीय बीजेपी नेता ने सवाल किया कि तृणमूल विधायक को नाम हटाए जाने की जानकारी कैसे मिली, जबकि ऐसी कोई सूची आधिकारिक तौर पर प्रकाशित ही नहीं हुई है। बीजेपी पदाधिकारी ने कहा कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि निर्वाचन आयोग के प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती।
