बेलडांगा में भीड़ के हमले में कई पत्रकार घायल
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निंदा की
निज संवाददाता : मुर्शिदाबाद का बेलडांगा शुक्रवार को एक प्रवासी श्रमिक की मौत पर लगभग जंग के मैदान में बदल गया। खबर इकट्ठा कर रहे मीडिया कर्मियों पर हमला किया गया। एक टीवी चैनल की पत्रकार सोमा माइती और एक फोटो जर्नलिस्ट पर पागल भीड़ ने हमला किया। आरोप है कि सोमा को सड़क पर फेंक दिया गया और अंधाधुंध तरीके से पीटा गया, थप्पड़ मारे गए, लात और घूंसे मारे गए। आरोप है कि भीड़ में उनके साथ छेड़छाड़ भी की गई। हालांकि वह अपनी जान बचाने के लिए भागीं, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पीछा करके उनको बुरी तरह पीटने के भी आरोप लगे हैं।
सिर्फ सोमा या उनके साथ मौजूद फोटो जर्नलिस्ट ही नहीं, बल्कि अलग-अलग मीडिया हाउस के कम से कम 12 पत्रकार इस घटना में घायल हुए। सोमा, जिनका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है, का ब्रेन स्कैन और हाथ का एक्स-रे हुआ है। हालांकि वह कुछ हद तक स्थिर हैं, लेकिन उनके कई फिजिकल टेस्ट की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। अस्पताल में बैठी सोमा ने कहा-हम बस काम पर गए थे, लेकिन जिस तरह से हमें मारा गया, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अपनी इतने सालों की पत्रकारिता में, मैंने कभी इतना भयानक अनुभव नहीं किया। दो लोगों ने मेरे पैर पकड़ लिए। एक मेरे बाल खींच रहा था, दूसरा मेरे पैर खींच रहा था, तीसरा मेरी शर्ट खींच रहा था।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना की निंदा की है। राज्यपाल ने इस घटना को 'प्रेस की आज़ादी पर हमला' बताया है। ममता ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने दोषियों को कड़ी सज़ा देने का भरोसा भी दिया है।
घटना के बारे में पता चलने पर, तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सीधे फोन करके पत्रकार और फोटो जर्नलिस्ट का हाल पूछा। उन्होंने स्थानीय तृणमूल नोताओं को अस्पताल जाकर सोमा और फोटो जर्नलिस्ट की हालत जानने का निर्देश दिया। साथ ही, तृणमूल सांसद ने पुलिस को इस घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ सही कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पार्टी नेता के निर्देश पर, बहरामपुर म्युनिसिपल चेयरमैन नारू गोपाल मुखर्जी घायल पत्रकार से मिले। उन्होंने उनकी फिजिकल कंडीशन के बारे में पूछा। तृणमूल लीडर ने अभिषेक का मैसेज पहुंचाया।
राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ कोलकाता प्रेस क्लब ने भी पत्रकार पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है। क्लब ने एक बयान जारी कर कहा कि पत्रकारों पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक अधिकार में दखल है और एक अपराध है। मुर्शिदाबाद पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से इस मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग की गई है।
