पवित्रम सेवा धाम के निर्माण एवं विकास का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।
संस्था के विभिन्न प्रकल्पों और आगामी योजनाओं की वर्तमान स्थिति का विवरण निम्नलिखित है:
पवित्रम सेवा धाम. कोयला नगर ,धनबाद - 826005. www.pavitramsevapariwar.com प्रगति एवं अद्यतन विवरण रिपोर्ट
1. अवसंरचना एवं निर्माण कार्य (Infrastructure & Construction)
बीसीसीएल (BCCL) द्वारा प्राप्त भूमि एवं प्राथमिक सहयोग: पवित्रम सेवा धाम हेतु यह भूमि कोल इंडिया (Coal India) की अनुषंगी इकाई बीसीसीएल (BCCL - Bharat Coking Coal Limited) द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। परिसर की बाउंड्री वॉल, कमरे तथा यज्ञशाला इत्यादि के प्राथमिक निर्माण कार्य भी बीसीसीएल (BCCL) द्वारा ही संपन्न कराए गए हैं। इस अभूतपूर्व एवं पुनीत सहयोग के लिए हम बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन के अत्यंत आभारी हैं।
सीमा दीवार (Boundary Wall): बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण हो चुका है। अंतिम चरण के अंतर्गत इस पर पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
गौ-सेवा एवं चिकित्सा शेड: बीमार एवं घायल गौमाताओं की देखरेख तथा त्वरित इलाज हेतु प्रथम शेड का प्राथमिक निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए दूसरे शेड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।
यज्ञशाला: दैनिक अग्निहोत्र एवं धार्मिक अनुष्ठानों हेतु यज्ञशाला का निर्माण पूर्ण हो चुका है; कुछ सूक्ष्म एवं सौंदर्यकरण के कार्य शेष हैं।
स्टाफ एवं कार्यकर्ता आवास: सेवा धाम परिसर में नियमित रूप से कार्यरत कर्मचारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रवास हेतु निवास कक्ष, शौचालय एवं स्नानघर (Toilet/Bathroom) का निर्माण कार्य योजनाबद्ध है।
2. पर्यावरण रक्षा संकल्प एवं पूज्य वनस्पतियों के साथ प्रकृति मंदिर (Eco-Friendly Nature Temples)
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के संकल्प को साकार करते हुए, परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर उनके पूज्य एवं प्रिय वृक्षों/वनस्पतियों के साथ अद्भुत प्रकृति मंदिर के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है:
श्री गणेश जी का मंदिर: सफेद आक (मदार) के पेड़ के साथ
माँ बगलामुखी माता का मंदिर: नीम एवं हल्दी वाटिका के साथ
भगवान श्री कृष्ण जी का मंदिर (गौमाता के साथ): कदंब के पेड़ के साथ
पवित्र शिवलिंग (शिव मंदिर): कल्पतरु, बिल्व (बेल) एवं रुद्राक्ष के वृक्षों के साथ
श्री हनुमान जी का मंदिर: खेजड़ी के पेड़ के साथ
ये सभी मंदिर वृक्षों और हरी-भरी प्राकृतिक छटा के बीच स्थापित किए जाएँगे, जिससे आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण एवं औषधीय वनस्पतियों का संरक्षण भी हो सके।
3. जन-कल्याणकारी प्रकल्प एवं आंतरिक सज्जा (Facilities & Interiors)
विभिन्न सामाजिक एवं चिकित्सीय गतिविधियों के लिए समर्पित कमरों (Rooms) का ढांचा तैयार कर लिया गया है। इनमें आवश्यक फर्नीचर एवं इंटीरियर का कार्य प्रक्रियाधीन है:
शिक्षा प्रकल्प: बच्चों के लिए नि:शुल्क 'बुक बैंक'।
स्वाध्याय प्रकल्प: वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'धार्मिक एवं आध्यात्मिक पुस्तकालय'।
स्वास्थ्य सेवा: 'आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथी चिकित्सा परामर्श केंद्र'।
स्वावलंबन केंद्र: 'गौ-उत्पाद प्रशिक्षण केंद्र'।
4. मूलभूत सुविधाएँ (Basic Utilities)
विद्युत एवं जल आपूर्ति: वर्तमान में परिसर में दैनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिजली एवं पानी की अस्थायी (Temporary) व्यवस्था कर दी गई है। स्थायी कनेक्शन एवं बुनियादी ढाँचे के लिए आवश्यक कार्यवाही जारी है।
आगामी प्राथमिकताएँ:
1) शेष रहे गौ-शेड, विशिष्ट वृक्ष-आधारित प्रकृति मंदिरों एवं स्टाफ क्वाटर्स का निर्माण कार्य पूर्ण करना।
2) सभी प्रशासनिक व जन-सुविधा कक्षों में फर्नीचर की स्थापना।
3)स्थायी बिजली एवं जल आपूर्ति प्रणाली की स्थापना।
4) बाउंड्री वॉल एवं परिसर की पेंटिंग, वृक्षारोपण तथा सौंदर्यीकरण।
दानदाताओं एवं समाज से विशेष सहयोग की अपील 🙏
बीसीसीएल द्वारा आधारभूत ढाँचा उपलब्ध कराए जाने के पश्चात, अब आगे के सभी सेवाकार्यों, गौ-सेवा प्रकल्पों, प्रकृति मंदिरों की स्थापना तथा परिसर की पूर्ण व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का दायित्व हम सभी का है। इन सभी शेष कार्यों को हम सभी को मिलकर पूरा करना है।
आप सभी धर्मप्रेमी एवं समाजसेवियों से करबद्ध प्रार्थना है कि पवित्रम सेवा धाम के इन पुनीत प्रकल्पों को शीघ्र-अति-शीघ्र पूर्ण करने हेतु अपनी सामर्थ्यानुसार तन, मन और धन से सहयोग प्रदान करें। आपका एक छोटा सा योगदान भी असहाय गौमाताओं की रक्षा, पर्यावरण संवर्धन तथा समाज के जन-कल्याण में बहुत बड़ा संबल बनेगा।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
भूमि एवं प्राथमिक निर्माण सहयोग: BCCL (कोल इंडिया) द्वारा भूमि और प्राथमिक ढाँचा (बाउंड्री वॉल, यज्ञशाला, प्राथमिक कमरे) उपलब्ध कराया गया। पूर्ण हो चुके कार्य:
बाउंड्री वॉल का निर्माण।
यज्ञशाला का ढाँचा।
बीमार एवं घायल गौमाताओं के इलाज के लिए पहला शेड।
जन-सुविधा एवं प्रशासनिक कमरों का प्राथमिक ढाँचा।
अस्थायी बिजली एवं पानी की व्यवस्था।
प्रस्तावित एवं प्रक्रियाधीन कार्य:
1) बाउंड्री वॉल की फिनिशिंग व पेंटिंग।
दूसरा गौ-चिकित्सा शेड और स्टाफ/कार्यकर्ता आवास का निर्माण।
2) कमरों के लिए फर्नीचर और इंटीरियर डेकोरेशन।
3) स्थायी बिजली एवं जल आपूर्ति व्यवस्था।
4) प्रकृति आधारित मंदिर (Eco-Friendly Nature Temples):
(1) गणेश जी: सफेद आक (मदार)
(2) माँ बगलामुखी: नीम व हल्दी वाटिका
(3) श्री कृष्ण जी: कदंब वृक्ष
(4) शिवलिंग: कल्पतरु, बेल व रुद्राक्ष
(5) हनुमान जी: खेजड़ी वृक्ष
5) जन-कल्याणकारी सेवा प्रकल्प: नि:शुल्क बुक बैंक (शिक्षा), आध्यात्मिक पुस्तकालय (स्वाध्याय), आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक केंद्र (स्वास्थ्य), और गौ-उत्पाद प्रशिक्षण केंद्र (स्वावलंबन)।
सहयोग की अपील: आगामी निर्माण, रखरखाव, और स्थायी सुविधाओं की पूर्ति हेतु समाज, दानदाताओं और धर्मप्रेमियों से तन, मन, धन से सहयोग का आह्वान।
