ईरानी ने चेतावनी दी है - यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे

जिससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

ईरानी ने चेतावनी दी है - यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे

निज संवाददाता : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब लगभग पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान कुछ भी क्यूट (चालाकी भरा) करने की कोशिश न करे, वरना उस देश का अंत हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो यह ईरान का अंत होगा और दुनिया में फिर कभी उसका नाम नहीं सुना जाएगा। वहीं ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे, जिससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया सहित पूरी दुनिया में इस तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराया हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाहाकार मचा है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान करेगा। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा, युद्ध अब लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उनके पास अब न कोई प्रभावी नौसेना बची है, न संचार व्यवस्था और न ही वायु सेना। उनकी मिसाइलें खत्म होने की कगार पर हैं और उनके ड्रोन हर जगह नाकाम किए जा रहे हैं। तेहरान के पास अब सैन्य स्तर पर कुछ भी शेष नहीं है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि सैन्य कार्रवाई चार से पांच हफ्ते चलेगी, लेकिन अब वे यह कहते हुए पीछे हट रहे हैं कि अमेरिका ने अपने उद्देश्य प्राप्त कर लिए हैं। ट्रंप के इस बयान पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आईआरजीसी ने कहा कि युद्ध के अंत की घोषणा ईरान करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी और इजरायली हमले जारी रहे, तो ईरान इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह समर्पण करने के बजाय लंबे युद्ध के लिए तैयार है। मैदान पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर खुर्रमशहर, फतह और खैबर जैसी हाइपरसॉनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों से नए हमले किए हैं। इस बीच, खाड़ी देशों में भी डर का माहौल है। अबू धाबी में हुए हवाई हमलों के मलबे से दो लोग घायल हुए हैं, जबकि तुर्की ने अपनी सीमा पर ईरानी मिसाइल को रोकने का दावा किया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।

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