बांग्ला बोलने के कारण एमपी में मालदा के मजदूर पर हमला

बांग्ला बोलने के कारण एमपी में मालदा के मजदूर पर हमला


निज संवाददाता : मध्य प्रदेश में पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले एक व्यक्ति को चाकू मारकर घायल कर दिया गया। यह घटना पिछले हफ्ते गुरुवार को हुई थी। ऐसा माना जा रहा है कि पीड़ित पर यह हमला इसलिए हुआ क्योंकि उसने बंगाली भाषा बोली थी।
जानकारी के अनुसार, सैयद एसके पिछले नौ सालों से मध्य प्रदेश के सागर में कपड़ा बेचने का काम कर रहे हैं। पिछले हफ्ते 19 फरवरी को कथित तौर पर उन्हें कई बार लूटा गया और चाकुओं से उन पर हमला किया गया। पीड़ित सैयद एसके का अभी बुंदेलखंड के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी सर्जरी की गई है। पीड़ित की पत्नी नूरेफा बीवी ने दावा किया कि बांग्ला में बात करने पर लोगों से ताने सुनने के बाद उन्होंने हाल ही में डर जताया था।
टीएमसी  एमपी और वेस्ट बंगाल माइग्रेंट वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन समीरुल इस्लाम ने इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमें शनिवार को पीड़ित सैयद एसके पर हुए हमले के बारे में खबर मिली और हमने तुरंत उनके इलाज का इंतजाम किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। इस मामले को लेकर वेलफेयर बोर्ड के सदस्य सहिदुर रहमान ने पीड़ित के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना को लेकर कहा कि पिछले कुछ महीनों से बंगाल के वर्कर्स को बीजेपी शासित राज्य में बंगाली बोलने की वजह से मारा जा रहा है और रेगुलर तौर पर टॉर्चर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने परिवार को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया है।
बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के  पुणे  में भी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर की हत्या हुई थी। इस घटना को सीएम ममता बनर्जी ने ‘हेट क्राइम’  करार दिया था। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि इस घटना से मैं हिल गई हूं। उन्होंने कहा था कि पीड़ित अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था और उसे उसकी पहचान,  उसकी भाषा और उसकी जड़ों की वजह से मारा गया।

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