एसआईआर के बीच बंगाल में खूब हुए शादी के रजिस्ट्रेशन
कुल 1,83,733 शादियां पंजीकृत हुईं
निज संवाददाता : साल 2025 में पश्चिम बंगाल में शादी के रजिस्ट्रेशन में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली। राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जरूरी कागजों की मांग बढ़ने से लोगों ने बड़ी संख्या में अपने विवाह पंजीकृत कराए। राज्य के विवाह महानिबंधक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में कुल 1,83,733 शादियां पंजीकृत हुईं। यह संख्या 2024 से 12,335 ज्यादा है। इससे पहले सबसे अधिक 1,81,923 शादियां साल 2022 में दर्ज की गई थीं, जब कोविड के बाद लंबित मामलों का रजिस्ट्रेशन हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के लिए दस्तावेजों की जरूरत के कारण कई दंपतियों ने अपने विवाह प्रमाणपत्र बनवाए। हालांकि विवाह प्रमाणपत्र 14 मान्य दस्तावेजों की सूची में शामिल नहीं है, लेकिन सुनवाई के दौरान महिलाओं के उपनाम बदलने या पते में बदलाव की पुष्टि के लिए इसे स्वीकार किया गया।
साल 2025 में इस्लामी कानून के तहत हुई शादियों के पंजीकरण में भी बढ़ोतरी हुई। विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (एसएमए) की धारा 16 के तहत 10,969 विवाह पंजीकृत हुए। इनमें से 7,154 मुस्लिम दंपतियों के विवाह थे, जो पहले धार्मिक रीति से शादी कर चुके थे और बाद में रजिस्ट्रेशन कराया। इससे पहले 2022 में मुस्लिम दंपतियों द्वारा पंजीकरण का सबसे बड़ा आंकड़ा 6,989 था।
एक अधिकारी ने बताया कि 2022 में कोविड नियमों के कारण कई जोड़े समय पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे, इसलिए बाद में एक साथ बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हुए। 2025 में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली, लेकिन इस बार मुख्य कारण SIR रहा। इसके अलावा, एसएमए की धारा 13 के तहत शादी के दिन ही किए जाने वाले पंजीकरण ने भी पहली बार एक लाख का आंकड़ा पार किया। 2025 में इस श्रेणी में 1,04,242 शादियां दर्ज की गईं। अधिकारियों के मुताबिक, इसका कारण नियमों में ढील और ऑनलाइन विवाह पोर्टल को आसान और यूजर के लिए आसान बनाना है। कुल मिलाकर, 2025 में पश्चिम बंगाल में मैरिज रजिस्ट्रेशन में आई यह वृद्धि प्रशासनिक जरूरतों और आसान प्रक्रिया का परिणाम मानी जा रही है।
