बहुरूपिया बनकर लोगों की जेब काटने वाले गैंग का भंडाफोड़

चार आरोपी गिरफ्तार

बहुरूपिया बनकर लोगों की जेब काटने वाले गैंग का भंडाफोड़


निज संवाददाता : कोलकाता पुलिस ने बहुरूपिया बनकर लोगों की जेब काटने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। ये कोलकाता की सड़कों पर कभी नीले चेहरे वाले भगवान शिव तो कभी माता दुर्गा का रूप धारण कर लेते थे। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बता दें कि बहुरूपी एक खत्म होती लोक कला है जो कुछ दशक पहले ‘जात्रा’  की तरह गांव के मुख्य मनोरंजन में से एक थी। इसमें कलाकार अलग-अलग देवताओं के कपड़े पहनते हैं और अलग-अलग धार्मिक त्योहारों से पहले पौराणिक सीन करते हैं। पुलिस ने बताया कि जिन चार बहुरूपियों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी गुजरात के रहने वाले हैं और आदतन अपराधी हैं। पुलिस ने जोड़ासांको में एक केस दर्ज होने के बाद इस पूरे मामले की जांच की।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें पता चला कि इन चारों की पहचान एलिन रामजू सलात, धीरू कालोभाई सलात, समीरभाई सलात और राजू कुमार के तौर पर हुई है। सभी गुजरात के आनंद जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये लोग काली और शिव जैसे देवी-देवताओं का वेश बनाकर लोगों की जेब काटते थे। उन्होंने बताया कि वे ज्यादातर अपने दर्शकों से सेलफोन छीन लेते थे। बहुरूपी कला बीरभूम, बर्दवान और मुर्शिदाबाद जिलों में शुरू हुई थी और यह कुछ सदियों से चली आ रही है। बहुरूपियों का काली या शिव बनकर लोगों से पैसे मांगना आम लोगों के लिए कोई नई बात नहीं है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस गैंग को शहर में बहुरूपियों के लिए लोगों के सॉफ्ट कॉर्नर के बारे में पता होगा और उन्होंने इसका इस्तेमाल क्राइम करने के लिए किया। पुलिस ने बताया कि हाल ही में पार्क स्ट्रीट इलाके से मोहम्मद शहानवाज नाम के एक आदमी को पकड़ा गया और पूछताछ के दौरान उसने रैकेट के बारे में अहम सुराग दिए। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें पता चला है कि यह रैकेट कोलकाता से बाहर भी फैला हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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