महुआ मोइत्रा को एक बार फिर अपने ही लोकसभा क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा

पुलिस के सामने फेंके गए अंडे, सांसद ने बताया 'कोर्ट की अवमानना'

महुआ मोइत्रा को एक बार फिर अपने ही लोकसभा क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा

निज संवाददाता : तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को एक बार फिर अपने ही लोकसभा क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा। उन पर अंडे भी फेंके गए। यह घटना तब हुई जब कृष्णानगर की सांसद अपनी कार में यात्रा करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम कर रही थीं। वीडियो में वह पल कैद हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडा फेंका। उन्होंने कैमरा घुमाकर यह भी दिखाया कि अंडा सचमुच उन्हें लगा था। सांसद ने कड़ा विरोध जताया है और सवाल उठाया है कि पुलिस सुरक्षा के बावजूद और कलकत्ता हाईकोर्ट के साफ निर्देशों के बाद भी उन्हें कैसे रोका जा सकता है?  परेशान किया जा सकता है और उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं। उनका आरोप है कि हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है।
कृष्णानगर के एसपी अतुल वीके ने कहा कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पुलिस सुपरिटेंडेंट को 48 घंटे पहले सूचित करना जरूरी है। उन्होंने हमें सिर्फ ईमेल से बताया था कि वह 15 से 17 सितंबर तक अपने संसदीय क्षेत्र में रहेंगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कहां ठहरेंगी। कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि उनके दौरे के समय सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। इसी के अनुसार, हमने उनके साथ रहने के लिए दो कर्मियों की एक टीम तैनात की, जिसमें एक अधिकारी भी शामिल था। उन्होंने पुलिस को यह नहीं बताया था कि वह आज कोई बैठक या अनौपचारिक चर्चा करने वाले हैं। बाद में हमें पता चला कि उन्होंने तेहट्टा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। वहां कुछ लोगों ने नारेबाजी की और उन पर अंडा फेंका गया।
दरअसल बुधवार को नादिया के तेहट्टा में हौलिया मोड़ पर तृणमूल कार्यकर्ताओं की एक बैठक तय थी। महुआ को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचने पर विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और काले झंडे दिखाए और वापस जाओ के नारे लगाए। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस फोर्स तैनात किया गया। पार्टी का कार्यक्रम खत्म करके निकलते समय महुआ का फिर से विरोध हुआ। उस समय सांसद ने स्थिति को फेसबुक पर लाइव दिखाया।
महुआ को वीडियो में यह कहते हुए सुना गया कि हम तेहट्टा पार्टी कार्यालय में हैं। आप देख सकते हैं कि हम पुलिस सुरक्षा में हैं और अदालत ने कहा है कि कोई भी अंडे नहीं फेंकेगा। वे पुलिस के ठीक सामने अंडे लेकर आए। आप सभी इसे देखिए। पुलिस के सामने ही क्या हो रहा है?  पुलिस मौजूद है और पुलिस के सामने ही वे अंडे फेंकने की कोशिश कर रहे हैं। यह उच्च न्यायालय की अवमानना है। वीडियो में महुआ के चेहरे पर अंडे के टूटे हुए छिलके दिखाई दे रहे हैं।
तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि स्थानीय मंडल अध्यक्ष, पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत सात से 10 बीजेपी कार्यकर्ता उस स्थान पर आए, जहां उनका कार्यक्रम आयोजित हो रहा था और उन्होंने अंडे फेंकना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देश के अनुसार, मेरे साथ चार पुलिसकर्मी तैनात थे। हमले के दौरान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के बजाय उन्होंने मुझे जबरन कार में बैठा दिया। पश्चिम बंगाल में यही हो रहा है। उच्च न्यायालय कह रहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए।

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