आईएसएफ की मांग से वाममोर्चा में दरार
फॉरवर्ड ब्लॉक ने दी बाहर निकलने की चेतावनी
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निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद लेफ्ट पार्टियों को पुराने गठबंधन पार्टनर की याद आई है। चुनावी तालमेल के लिए सीपीएम फुरफुरा शरीफ के मौलवी पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट ( आईएसएफ) से बातचीत कर रही है। मगर सीटों के बंटवारे को लेकर लेफ्ट फ्रंट में ही खींचतान शुरू हो गई है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने 45 सीटों की डिमांड कर दी है। इनमें से कई फॉरवर्ड ब्लॉक की पारंपरिक विधानसभा सीट रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फॉरवर्ड ब्लॉक ने इस बंटवारे पर ऐतराज जताते हुए गठबंधन से बाहर निकलने की धमकी दी है।
कोलकाता से करीब 40 किमी दूर हुगली में बनाया फुरफुरा शरीफ लाखों बंगाली मुसलमानों का आस्था का केंद्र है। इसकी अहमियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की ओर से इंडियन सेक्युलर फ्रंट बनाने के बाद भी पिछले साल सीएम ममता बनर्जी ने फुरफुरा शरीफ का दौरा किया। बीजेपी के अलावा अन्य सभी दलों के नेता यहां हाजिरी लगाते रहे। फुरफुरा शरीफ का बंगाल के 2500 से ज्यादा मस्जिदों पर कंट्रोल है और 80 विधानसभा क्षेत्रों में इसका सीधा प्रभाव है। हालांकि वाम दलों से गठबंधन करने के बावजूद पिछले चुनाव में इंडियन सेक्युलर फ्रंट को सिर्फ एक सीट मिली थी और वोट फीसद भी 1.35 पर सिमट गया था। मुस्लिम इलाकों के वोट टीएमसी के खाते में गए थे। 2023 के पंचायत चुनाव में आईएसएफ ने वापसी की और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की ग्राम पंचायतों में 325 सीटें, पंचायत समितियों में 10 सीटें और जिला परिषद की 1 सीट जीत ली।
2026 के विधानसभा चुनाव में भी इंडियन सेक्युलर फ्रंट वाम दलों से गठबंधन करने की तैयारी कर रहा है, मगर बातचीत शीट बंटवारे में फंस गई है। बीते शुक्रवार को आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम समेत अन्य वाम नेताओं से बातचीत की। रिपोर्टस के अनुसार, सीपीएम ने 294 सीटों में से 180-200 सीटों पर दावा ठोंका है। लेफ्ट फ्रंट में फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और सीपीआई ने भी 15-20 सीटों की मांग रखी है। इस आंकड़े के हिसाब से इंडियन सेक्युलर फ्रंट के हिस्से में 30-35 सीटें ही आएंगी, जबकि पार्टी ने 45 सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा जताया है। इससे फॉरवर्ड ब्लॉक नाराज है, क्योंकि आईएसएफ ने उत्तर 24 परगना में की कई सीटों पर दावेदारी कर दी है। पिछले चुनाव में अब्बास सिद्दीकी के भाई नौशाद सिद्दीकी साउथ 24 परगना के भांगड़ सीट से चुने गए थे। हावड़ा और नॉर्थ 24 परगना में फॉरवर्ड ब्लॉक लेफ्ट फ्रंट की ओर से चुनाव लड़ता रहा है।
फॉरवर्ड ब्लॉक ने साफ किया है कि अगर सीपीएम अब्बास सिद्दीकी की पार्टी आईएसएफ को 30 से ज्यादा सीटें देना चाहती है तो अपने हिस्से से दे सकती है। मगर फॉरवर्ड ब्लॉक की सीटों पर समझौता करने की कोशिश की गई तो पार्टी लेफ्ट फ्रंट से बाहर जा सकती है। सीपीएम नेताओं का कहना है कि मुसलमानों और दलितों के कॉम्बिनेशन के लिए जरूरी है कि आईएसएफ गठबंधन में शामिल रहे। पार्टी फुरफुरा शरीफ के पीरजादा को 30 सीटों पर सहमत करने की कोशिश कर रही है। सभी घटकों के बीच बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि एक हफ़्ते में सब कुछ सुलझ जाएगा।
