बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा शुरू

9 मई को शपथ लेगी नई सरकार

बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा शुरू


निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ अब चर्चा शुरू हो गई है कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी। बीजेपी को चुनाव नतीजों में 206 सीटें मिली हैं। बीजेपी इस बार के चुनावों में 129 अधिक सीटें जीती हैं। पिछले चुनावों में उसे 77 सीटें मिली थीं। मुख्यमंत्री की दौड़ में पहला नाम शुभेंदु अधिकारी का है। वह पिछले पांच सालों से राज्य में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर में शिकस्त दी है। ऐसे में दौड़ में शुभेंदु अधिकारी आगे माने जा रहे हैं लेकिन अन्य राज्यों के रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी अभी तक चौंकाती आई है। पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। शपथ ग्रहण की तारीख की पुष्टि प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्‌टाचार्य ने की है।
अगर ऐसा होता है तो फिर कौन सीएम बन सकता है। इसमें फेहरिस्त पांच नाम सामने आए हैं। चर्चा है कि बीजेपी ममता बनर्जी के जवाब में किसी महिला को भी सीएम बनाने का फैसला ले सकती है। बीजेपी की तमाम राज्यों में सरकार है लेकिन केंद्र शासित दिल्ली में रेखा गुप्ता के अलावा किसी भी राज्य में महिला के हाथों में कमान नहीं है, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे में जब बीजेपी विपक्ष को नारी वंदन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूरे देश में घेर रही है तब यह अचंभा नहीं होगा कि कोई महिला को सीएम की कुर्सी मिले। महिला दावेदारों में सोनारपुर दक्षिण से जीतीं  रूपा गांगुली  और  अग्निमित्रा पॉल के नाम लिए जा रहे हैं। रूपा गांगुली काफी वक्त पर बीजेपी में हैं। वह बंगाल में महिला मोर्चा की कमान संभाल चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल के 293 सीटों के परिणाम में काफी सीटों पर महिलाएं जीती हैं
•    बीजेपी से रूपा गांगुली, अग्निमित्रा पॉल, सिखा चटर्जी, तापसी मंडल प्रमुख हैं।
•    अग्निमित्रा पॉल आसनसोल दक्षिण से जीती हैं जबकि रूपा गांगुली सोनारपुर दक्षिण से चुनी गई हैं।
शुभेंदु अधिकारी  टीएमसी से बीजेपी में आकर पार्टी के पोस्टर ब्वॉय और फिर 2026 के चुनावों में जायंट किलर बने। मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए उन्हें मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्‌टाचार्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार से चुनौती मिल सकती है। शुभेंदु अधिकारी को मंत्री और नेता विपक्ष रहने का अनुभव है। उनकी आयु अभी 55 साल है, जबकि समिक भट्‌टाचार्य की उम्र 62 साल है। दिलीप घोष की उम्र 61 साल है। सुकांत मजूमदार अभी सिर्फ 46 साल के हैं। रूपा गांगुली की उम्र अभी 59 साल है। अग्निमित्रा पॉल की उम्र 51 साल है। दिलीप घोष की ताकत यह है कि उन्हें बंगाल में बीजेपी की जड़े रोंपने का श्रेय दिया जाता है। उनके साथ आरएसएस का समर्थन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावों के दौरान साफ किया था सीएम बांग्ला बोलने वाला और बांग्ला मीडियम में पढ़ा लिखा ही होगा।

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