ममता की रैली में जाते समय कुणाल घोष की कार पर हमला
पूर्व सीएम ने कहा- बीजेपी को इसकी कीमत चुकानी होगी
निज संवाददाता : हुगली जिले के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की सभा में जा रहे ममता तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ। उसमें तोड़फोड़ की गई। पत्थर, रॉड से लेकर अंडे फेंके गए। कुणाल घोष ने कहा कि यह सब इसलिए किया गया ताकि ममता सभा में न जा सकें।
विधायक कुणाल घोष ने चेतावनी दी कि यह सब करके उन्हें रोका नहीं जा सकता। वे कार घुमाकर भवानी भवन जा रहे हैं। वे वहां जाकर पुलिस को दिखाएंगे कि ‘गुंडा राज’ कैसे चल रहा है’।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुणाल घोष पर हमले के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की और कहा कि उन्हें इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वे लोगों को बाहर नहीं आने दे रहे हैं। वे हमें असल में अपने घरों से निकलने से रोक रहे हैं। मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। अफ्रीकी देशों में भी, मैंने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी।
उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और गुंडों ने सड़कें ब्लॉक कर दी हैं। पुलिस का कहीं कोई नामोनिशान नहीं है। यह सब पुलिस प्रशासन के सपोर्ट से हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि ‘बीजेपी के गुंडों’ ने यह सब किया। यह ‘लोकतंत्र में मंजूर नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता के घर में भी तोड़-फोड़ की गई है। कुणाल घोष की गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया है, उन पर हमला किया गया है। जीटी रोड से लेकर उत्तरपाड़ा तक लोगों को आने-जाने से रोका जा रहा है।
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उन्होंने सवाल किया कि पुलिस कहां है? एडमिनिस्ट्रेशन कहां है? कुछ नहीं हो रहा है। अगर एडमिनिस्ट्रेशन खुद एक्शन नहीं लेता है और सब कुछ ऊपर से ऑर्डर मिलने के बाद ही करना है, तो पुलिस का क्या रोल है? बंगाल में शांतिपूर्ण बदलाव के लिए प्लीज सहयोग करें।
ममता ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद, हमने आज श्रीरामपुर में होने वाली अपनी मीटिंग को एडजस्ट किया, लेकिन हमारे लोगों को पीटा जा रहा है, सड़क पर घसीटा जा रहा है और सभा स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता और गुंडे हमारे लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई लोगों पर हमला हुआ है।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैं अब खुद वहां जा रही हूं। यह बिल्कुल शर्मनाक है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि ऐसा लगता है कि कोई आजादी नहीं है — काम करने का अधिकार नहीं, वोट देने का अधिकार नहीं, बोलने का डेमोक्रेटिक अधिकार नहीं, और आने-जाने की आजादी नहीं है। कोर्ट के फैसला सुनाने के बाद भी, ऑर्डर का सम्मान नहीं किया जा रहा है। पुलिस को कानून का पालन करना चाहिए और कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे जीटी रोड और उत्तरपाड़ा के आस-पास के इलाके से जो जानकारी मुझे मिली है, उसके बारे में आपको बताना मेरा फर्ज है। जो हो रहा है, वह गलत है। हर बार जब हम कोई प्रोग्राम करते हैं, तो हम प्रोसीजर फॉलो करते हैं और परमिशन लेते हैं, फिर भी हमारी पार्टी के वर्कर्स पर हमले होते रहते हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
ममता ने कहा कि सिर्फ एक राजनीतिक सभा करने के लिए हमें हर बार कोर्ट क्यों जाना पड़े? कोर्ट के पास पहले से ही बहुत सारे केस और ज़िम्मेदारियां हैं। हम उन पर बेवजह बोझ नहीं डालना चाहते, लेकिन हालात हमें बार-बार कोर्ट की मदद लेने पर मजबूर कर रहे हैं। अगर हम कोई सभा करना चाहते हैं या कोई प्रोग्राम करना चाहते हैं, तो हमें 15 दिन पहले परमिशन के लिए अप्लाई करने को कहा जाता है। हमें रैली करने की इजाजत नहीं है, और हमें जगह भी नहीं दी जा रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि तो फिर हम प्रोटेस्ट कैसे करें? हम लोगों तक कैसे पहुंचें? हम उनसे कैसे मिलें? मुझे बताइए देश में और कहां ऐसी हालत है। बंगाल में जो हो रहा है, वह बहुत अजीब है।
