माकपा व बीजेपी के दो नेता तृणमूल में शामिल

विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल का खेल शुरू

माकपा व बीजेपी के दो नेता तृणमूल में शामिल


निज संवाददाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल का खेल शुरू हो गया है। बीते शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 2024 लोकसभा में चुनाव लड़ने वाले माकपा उम्मीदवार प्रतीक उर रहमान टीएमसी में शामिल हो गए। वहीं, रविवार को पूर्व फुटबॉलर और बीजेपी नेता दीपेंदु विश्वास ने फिर से टीएमसी में वापसी की। वह बशीरहाट दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। दो दिन में दो नेताओं के पार्टी बदलने से राज्य की सियासत गरमा गई है।
तृणमूल कांग्रेस  में शामिल होने के बाद रहमान ने कहा कि वह बीजपी को बंगाल से बाहर रखने के लिए तृणमूल में शामिल हुए हैं और उनकी पार्टी में कुछ और लोग भी थे जो दबा हुआ महसूस कर रहे थे।
इस अवसर पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल प्रतीक उर जैसे युवा नेताओं को एक प्लेटफॉर्म देना जारी रखेगी, जो किसी भी पार्टी से जुड़े होने के बावजूद बीजेपी से लड़ने को तैयार थे।
अभिषेक बनर्जी ने कहा-दूसरी पार्टियों के सभी युवा नेताओं से, मैं आपसे तृणमूल में शामिल होने का आग्रह करूंगा। जब तक मैं राजनीति में हूं, मैं आपके लिए मौके बनाता रहूंगा। मैं बीजेपी और उसकी बांटने वाली राजनीति से लड़ने के लिए सभी का स्वागत करता हूं। ममता बनर्जी की लड़ाई देश के लिए एक मिसाल है।
दूसरी ओर, माकपा राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने प्रतीक उर पर तंज कसा। सलीम ने कहा, हमने उन्हें एक प्लेटफॉर्म दिया। उन्होंने उन्हें सड़कों पर उतार दिया है।
दूसरी ओर, प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी दीपेंदु विश्वास ने चुनाव से पहले पार्टी बदली थी और तृणमूल में फिर वापस आ गए। वह बशीरहाट दक्षिण से विधायक रह चुके हैं। कई क्लबों के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने 90 के दशक में ईस्ट बंगाल से खेला था और फिर वह 2005-2007 में मोहन बागान के लिए खेले थे। उन्होंने फिर से ईस्ट बंगाल में वापसी की।
2021 के विधानसभा चुनाव से पहले, दीपेंदु विश्वास ने गुस्से में तृणमूल छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए थे। हालांकि, वह 2026  के चुनाव से पहले तृणमूल में वापस आ गए। 
रविवार को दीपेंदु बशीरहाट जिला तृणमूल ऑफिस में जिला लीडरशिप का हाथ पकड़कर पार्टी में वापस शामिल हो गए। उन्होंने कहा, मैं बीजेपी में शामिल नहीं हुआ। मैं घमंड में गया था। मैं सिर्फ एक दिन के लिए बीजेपी में शामिल हुआ था। उस एक दिन के लिए मेरा बीजेपी से रिश्ता था। क्या किसी ने मुझे बीजेपी के किसी प्रोग्राम में देखा है?
  दीपेंदु विश्वास ने 2014 में बशीरहाट दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल के टिकट पर उपचुनाव लड़ा था। हालांकि, वह शमिक भट्टाचार्य से थोड़े अंतर से हार गए थे। बाद में, 2016  में, उन्होंने उसी निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ा। दीपेंदु व बड़ी जीत हासिल करके बशीरहाट दक्षिण के विधायक भी बने।
हालांकि, पार्टी ने उन्हें 2021 में टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। 2021 में, दीपेंदु जैसे कई लोग तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए।

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