जमुई छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी नंदन के पिता हत्या के संदिग्ध!
दो दशक बाद गिरफ्तार, जांच में नई जानकारी सामने आई
निज संवाददाता : जमुई छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव के आपराधिक बैकग्राउंड की जांच के बाद नई जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि नंदन ही अकेला ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसका आपराधिक दुनिया से संबंध है। उसके पिता, गनौरी यादव भी एक हत्या के मामले में आरोपी हैं।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नंदन से पूछताछ में पता चला कि उसके पिता 2003 के एक दोहरे हत्याकांड के मामले में आरोपी थे। इस घटना के बाद गनौरी दो दशकों तक फरार रहा। उस पर 3 अप्रैल, 2003 को प्रतापपुर गांव के दो भाइयों—डीपी यादव और पुने यादव—की हत्या का आरोप था। पीड़ितों के परिवार द्वारा उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद गनौरी छिप गया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह दोहरा हत्याकांड एक विवाद का नतीजा था। गनौरी का नाम पुलिस रिकॉर्ड में 'वॉन्टेड' की सूची में था, फिर भी अधिकारी उसे ढूंढ नहीं पाए। आखिरकार 23 साल बाद उसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया और वह अभी न्यायिक हिरासत में है। एक जांच अधिकारी ने बताया कि नंदन के पारिवारिक बैकग्राउंड की जांच शुरू होते ही उसके पिता पर लगे हत्या के आरोपों का पता चला।
जमुई की इस घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। मारवा गांव के एक निवासी ने कहा-मारवा का पहाड़ी इलाका अपराधियों का अड्डा बन गया है। लगभग छह महीने पहले, बदमाशों के एक समूह ने इलाके में एक किशोर के साथ मारपीट की थी; वह एक दोस्त के साथ पहाड़ियों पर घूमने आया था। पिछले जून में, एक युवती के अपहरण, उसे मारवा लाने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी लगा था। उस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
गौरतलब है कि 19 सितंबर को 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की मारवा पहाड़ी इलाके में स्कूटर पर घूमने गए थे। लौटते समय, लड़की के साथ छेड़छाड़ और लड़के के साथ मारपीट का आरोप लगा। इस घटना को लेकर पूरे देश में हंगामा मच गया था। 72 घंटों के भीतर, पुलिस ने मुख्य आरोपी का पता लगा लिया, जो पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया था।
