कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता ने नंदीग्राम चुनाव में ममता से मांगी मदद
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर लगाया आरोप
निज संवाददाता : पुलिस ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ़्तार किया है। उनकी पत्नी अर्पिता प्रधान ने इस गिरफ़्तारी के लिए शुभेंदु अधिकारी को ज़िम्मेदार ठहराया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से समर्थन मांगा। गुरुवार को विधान भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वे कई बार रो पड़ीं।
अर्पिता ने कहा-मेरे पति छात्र जीवन से ही कांग्रेस के साथ जुड़े रहे हैं। जहां उनके कई दोस्तों ने पैसे के लालच में पार्टी छोड़कर दूसरे गुटों का दामन थाम लिया, वहीं वे प्यार की वजह से कांग्रेस के साथ बने रहे। इसीलिए पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने आगे कहा-शुभेंदु अधिकारी ने मेरे पति को गिरफ़्तार करवाया। यह मामला 2007 का है—ज़मीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के समय का। वे नंदीग्राम के बेटे हैं और उस आंदोलन में शामिल थे। शुभेंदु अधिकारी भी उस आंदोलन का हिस्सा थे। आज शुभेंदु आज़ाद घूम रहे हैं, तो मेरे पति जेल में क्यों हैं?
अर्पिता का आरोप है कि विपक्ष उनके पति को चुनाव प्रचार करने से रोकना चाहता है। उन्होंने कहा-मैं उनकी तरफ़ से लड़ने के लिए आगे आ रही हूं। मैं चाहती हूं कि सब मेरे साथ खड़े हों। यह लड़ाई अकेले नहीं लड़ी जा सकती; इसके लिए सामूहिक प्रयास की ज़रूरत है। ममता बनर्जी ने खुद कहा है कि वे मिलन प्रधान के साथ हैं, इसलिए मैं उनसे मदद मांग रही हूं।
उन्होंने आगे कहा-मैं चाहती हूं कि इस संघर्ष में सब हमारे साथ खड़े हों। उन्हें एक झूठे मामले में हिरासत में लिया गया है। घर पर उनके बुज़ुर्ग माता-पिता हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे पति को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। हमारी बेटी घर पर रो रही है; वह पढ़ाई नहीं कर पा रही है। पूरा परिवार उन पर निर्भर है। उन्होंने ईमानदारी से कांग्रेस की सेवा की है और कभी किसी से मदद नहीं ली। मैं चाहती हूं कि उन्हें रिहा किया जाए। उन्हें झूठे आरोपों के आधार पर हिरासत में रखा गया है। जिन लोगों ने उन्हें झूठे आरोपों में हिरासत में लिया, उन्हें क्या सज़ा मिलनी चाहिए? वे भी सज़ा के हकदार हैं। अगर कोई गलत काम करता है, तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए। लेकिन मेरे पति ने कुछ भी गलत नहीं किया है।
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार की पत्नी ने कहा कि वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करना चाहती हैं। उन्होंने अपने पति की तरफ से केस लड़ रहे वकीलों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा-मैं राहुल गांधी और ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मैं कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद करना चाहती हूं।
गौरतलब है कि तृणमूल उम्मीदवार संचिता प्रधान ने कोलकाता में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हल्दिया सब-डिविजनल ऑफिसर के ऑफिस में अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद, ममता ने नंदीग्राम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की। इसके कुछ ही समय बाद, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन को गिरफ्तार कर लिया गया।
बुधवार को कांथी सब-डिविजनल कोर्ट ने आदेश दिया कि नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार को 2007 के एक मामले में 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। इस बीच, छह अन्य लंबित मामलों में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई रोकने की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट में कार्यवाही चल रही है।
नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। हल्दिया कोर्ट ने नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में कांग्रेस उम्मीदवार को 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। खेजुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में मिलन को बुधवार को कांथी कोर्ट में पेश किया गया; जज ने उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मंगलवार को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि मिलन अन्य छह मामलों में मुख्य आरोपी नहीं हैं। कानूनी सुरक्षा की याचिका पर बुधवार को जस्टिस भट्टाचार्य की कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच का रुख किया है, जिसमें पुलिस को नए मामलों में मिलन प्रधान को गिरफ्तार करने या उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से रोका गया था। गुरुवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने अपील दायर करने की अनुमति दे दी और सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की गई है।
