हेमा-कंगना से लेकर 7 राज्यों के मुख्यमंत्री करेंगे प्रचार
बंगाल चुनाव में बीजेपी के लिए स्टार कैंपेनर्स की झड़ी
निज संवाददाता : दिल्ली से बीजेपी नेताओं के बंगाल आने को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर खत्म नहीं हो रहा है। इसी बीच बीजेपी ने 40 स्टार कैंपेनर्स के नामों का ऐलान किया है। चुनाव भले ही बंगाल में हैं, लेकिन लिस्ट में ज़्यादातर कैंपेनर्स दिल्ली के नेता हैं। इसे लेकर भगवा खेमे की एक बार फिर आलोचना हो रही है।
ज़ाहिर है, बीजेपी की तरफ से जारी स्टार कैंपेनर्स की लिस्ट में नरेंद्र मोदी और अमित शाह सबसे ऊपर हैं। ये दोनों चुनाव के ऐलान के बाद पहले ही बंगाल पहुंच चुके हैं। इनके अलावा नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, हिमंत बिस्वा सरमा, योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, देवेंद्र फडणवीस, मोहन चरण माझी, माणिक साहा, शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव, स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, सम्राट चौधरी, भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, मंगल पांडे, अमित मालवीय भी शामिल हैं। इस लिस्ट में कुल सात राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। स्टार प्रचारकों में मनोज तिवारी, कंगना रनौत, हेमा मालिनी, मिथुन चक्रवर्ती और लिएंडर पेस हैं। बंगाल के नेताओं में शमिक भट्टाचार्य, शुभेंदु अधिकारी, शांतनु ठाकुर, राजू बिस्टा, जयंतकुमार रॉय, मनोज टिप्पा और बिजन गोस्वामी शामिल हैं। अभी यह साफ नहीं है कि ये सितारे कब और कहां प्रचार करेंगे। हालांकि, भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है। कुछ लोगों का कहना है कि बीजेपी के स्टार कैंपेनर्स की लिस्ट देखकर ही साफ पता चलता है कि बंगाल में संगठन कितना कमजोर है। संगठन की कमजोरी को छिपाने के लिए कैंपेनर्स की लिस्ट में सात राज्यों के मुख्यमंत्री, हेमा और कंगना जैसे स्टारसांसद शामिल हैं। हालांकि बीजेपी को पहले मोदी-शाह के बंगाल दौरे पर 'डेली पैसेंजर' का हमला झेलना पड़ा था। गौरतलब है कि बीजेपी बंगाल में पिछले कुछ चुनावों में उम्मीद के मुताबिक नतीजे हासिल नहीं कर पाई है। इसीलिए पार्टी इस बार के विधानसभा चुनाव को 'करो या मरो' के मुकाबले के तौर पर देख रहा है। और इसीलिए उन्होंने पूरी ताकत से चुनावी जंग में कूदने का आह्वान किया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या बंगाल बीजेपी ब्रिगेड स्टार कैंपेनर्स की लंबी लिस्ट के साथ भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार है? इसका जवाब 4 मई को मिलेगा।
