तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की प्रॉपर्टी को लेकर कोलकाता नगर निगम का नोटिस
प्लान समेत कई डॉक्यूमेंट्स मांगे
निज संवाददाता : कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी के दो घरों कालीघाट रोड और शांतिनिकेतन बिल्डिंग को लेकर नोटिस भेजा है। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर फिरहाद हकीम हैं। फिर भी यह नोटिस शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल के निर्देश पर नगर निगम सचिव द्वारा भेजा गया है। यह नोटिस भवन विभाग अधिनियम की धारा 401 के तहत जारी किया गया है। नगर निगम ने मंजूरी और निर्माण अनुपालन की जांच के लिए नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि नगर निगम ने बिल्डिंग की जांच की है। जो वहां निर्माण हुआ है, वह नक्शे के मुताबिक नहीं है। बिल्डिंग का पास हुआ असली नक्शा अधिकारियों को दिखाना होगा। जो नक्शे से अलग बना है, उसे सात दिनों के अंदर तोड़ना होगा। अगर सात दिनों में कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो नगर आयुक्त कम से कम 7 दिन का एक और नोटिस देंगे। इसके बाद नगर निगम खुद उस अवैध निर्माण को तोड़ देगा। इस तोड़-फोड़ में जो भी खर्चा आएगा, वह पैसा भी आपसे ही वसूला जाएगा।
दरअसल, जिन संपत्तियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित एक मकान भी शामिल है। इसके अलावा कालीघाट चौराहे पर एक बहुमंजिला इमारत भी है। हालांकि, पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है। बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उनपर लगातार हमलावर हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि उनके पास कुल 24 संपत्तियां हैं जो जांच के दायरे में हैं। केएमसी ने उनकी 21 संपत्तियों के लिए योजनाएं प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
इससे पहले ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ नाम की कंपनी भी केंद्रीय एजेंसी की निगरानी में थी। इस कंपनी की स्थापना 2009 में हुई थी। उन्होंने ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के निदेशक पद से तब इस्तीफा दे दिया जब अभिषेक बनर्जी ने 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा था। उस समय उनके पिता, माता और पत्नी कंपनी के निदेशक थे। अभिषेक उस समय कंपनी के सीईओ थे। शिक्षक भर्ती घोटाले में इस कंपनी का नाम उभरा। ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ ने केंद्रीय एजेंसी का ध्यान आकर्षित किया।
