अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन ने
नंद किशोर अग्रवाल की प्राथमिक सदस्यता खारिज की
कोलकाताः अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य एवं प्रांतीय इकाई पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से बर्खास्त अध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल की सम्मलेन से प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। संविधान का उल्लंघन, मर्यादा एवं अनुशासन के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका को यह संवैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा। संविधानिक रूप से कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात भी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और दो कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत भी पद पर बने रहने का असंवैधानिक प्रयास किया। इसके साथ ही, कोर्ट में प्रांतीय चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कराने में अपनी सहमति देकर संगठन एवं समाजहित को गहरी क्षति पहुँचाई।
केंद्रीय संगठन यानी अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन से प्रांतीय इकाई पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से पृथक करने के एक सुनियोजित षड़यंत्र में शामिल रहे नंद किशोर अग्रवाल को संगठन की राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं शाखा स्तरीय प्रकोष्ठों से निष्कासित कर सदस्यता खारिज कर दी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोयनका के द्वारा जारी निष्कासन संबंधी पत्र में कहा गया है कि पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की प्रांतीय इकाई है। पिछले कुछ महीनों से श्री अग्रवाल सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित संगठन के संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए काम कर रहे थे।
इनके कार्य और कृत्य न केवल संगठन और समाज के विरुद्ध रहे है, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन और मर्यादा का घोर उल्लंघन करते हैं। श्री अग्रवाल पूरी तरह से गैरकानूनी होने के साथ ही स्थापित नियम, नैतिक मूल्यों तथा सांगठनिक भावना के प्रति इनकी अपेक्षा और अवज्ञा के परिचायक रहे है। इनकी हरकतों से सम्मेलन के सदस्यों में भ्रांती तो फैली ही, समाज तथा संगठन को ठेस भी पहुंची है।
श्री गोयनका ने सम्मेलन के सदस्यों से समाज एवं संगठन हित में श्री अग्रवाल के अनैतिक कार्यों से दूरी बनाने का आह्वान किया है।
