घरेलू सहायिका से बीजेपी विधायक बनी कलिता माझी ने शुभेंदु कैबिनेट में ली मंत्रिपद की शपथ
निज संवाददाता : बंगाल में कैबिनेट विस्तार के तहत 35 नए मंत्रियों ने सोमवार सुबह 11 बजे कोलकाता के लोक भवन में शपथ ली। राज्यपाल आर एन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। 35 नए मंत्रियों में सबसे चर्चित नामों में एक नाम ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वो कलिता माझी हैं। इन्होंने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ ली। कलिता माझी ने बीजेपी के टिकट पर ऑसग्राम विधानसभा सीट जीतकर एक असाधारण चुनावी सफर तय किया है। कलिता माझी की तारीफ खुद प्रधानमंत्री कर चुके हैं।
कलिता माझी एक घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती हैं। वह दूसरों के घरों में जाकर बर्तन धोती थीं और घर के कामकाज करती थीं। यही काम उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया रहा है। दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने अपने इस काम से कोई छुट्टी नहीं ली थी। इन कामों से वह हर महीने 2,500 रुपये कमाती थीं। माझी के लिए 4 मई का दिन अविस्मरणीय साबित हुआ। उस दिन बर्तन धोकर अपना गुजारा करने वाली कलिता माझी विधानसभा सदस्य बन गईं। इस जीत के बाद उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
कलिता माझी पश्चिम बंगाल के औसग्राम विधानसभा क्षेत्र में विधायक हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को करारी शिकस्त दी थी। कलिता माझी को 107,692 वोट मिले, जबकि श्याम लोहार को 95,535 वोट मिले। माझी ने 12,692 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। माझी की जीत की बदौलत औसग्राम में पहली बार बीजेपी का 'कमल' खिला था। दरअसल औसग्राम विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थी।
बीजेपी ने इससे पहले 2021 में भी कलिता माझी को विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार बनाया था। उस समय कलिता माझी लगभग 12,000 वोटों के अंतर से हार गई थीं। फिर भी वह 88,577 वोट हासिल करने में कामयाब रहीं। ठीक इसी वजह से बीजेपी ने उन्हें दूसरा मौका दिया। इस पर माझी ने पार्टी के भरोसे को पूरी तरह से सही साबित किया।
कलिता माझी ने दस साल पहले अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने बूथ स्तर पर एक जमीनी कार्यकर्ता के तौर पर अपनी यात्रा शुरू की। पार्टी ने उनमें छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचाना। वह पार्टी के लिए लगातार सक्रिय रहीं। ठीक इसी वजह से पार्टी ने उन्हें दो बार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया। आखिरकार अपने दूसरे प्रयास में माझी विजयी हुईं। चुनाव नतीजों के बाद माझी ने मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
