मुर्शिदाबाद के तांगा चालकों के समर्थन में उतरे अधीर रंजन
मंत्री के बयान की निंदा की
निज संवाददाता : मुर्शिदाबाद रेलवे स्टेशन पर एक मंत्री की टिप्पणी ने एक अनोखा राजनीतिक गठबंधन खड़ा कर दिया है। इसके चलते कांग्रेस और सीपीएम, स्थानीय तांगा चालकों की आजीविका बचाने के लिए एक साथ आ गए हैं।
बीते रविवार को, बंगाल के जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवा मंत्री गौरी शंकर घोष— जो मुर्शिदाबाद से बीजेपी के विधायक भी हैं— यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मीडिया के साथ स्टेशन पहुंचे। रेलवे परिसर में बने तांगा स्टैंड पर आपत्ति जताते हुए, उन्होंने सबके सामने स्टेशन मास्टर मुकुल आनंद को फटकार लगाई, स्टैंड के वैध होने का सबूत मांगा और मामले को रेल मंत्रालय तक ले जाने की धमकी दी।
बुधवार को, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्टेशन पहुंचे। उनके साथ 'मुर्शिदाबाद तांगा यूनियन' के लोग भी थे, जो सीपीएम के मजदूर संगठन 'सीटू' से जुड़ी है। मौके पर सीपीएम के जिला सचिव जमीर मुल्ला और पार्टी के स्थानीय नेता भी मौजूद थे।
एक प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए, चौधरी ने मुर्शिदाबाद स्टेशन से हजारदुआरी तक खुद तांगा चलाया। वहां कांग्रेस और सीपीएम नेताओं ने यूनियन के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
चौधरी ने कहा-ऐतिहासिक शहर मुर्शिदाबाद में तांगे की एक खास परंपरा है। मुर्शिदाबाद पर्यटन पर आधारित शहर है। पर्यटकों पर ही छोड़ देना चाहिए कि वे तांगा, टोटो या कार में से किस सवारी को चुनते हैं। इस परंपरा में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए; यहां दादागिरी नहीं चलेगी। अगर तांगा चालकों को हटाया गया, तो हम सब मिलकर सड़कों पर उतरेंगे। पूर्व रेल राज्य मंत्री होने के नाते, मैं केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह करूंगा कि तांगा स्टैंड को कोई नुकसान न पहुंचे।
सीपीएम के मुल्ला ने बताया कि रेलवे विभाग ने ही 2014-15 में यह तांगा स्टैंड बनवाया था। उन्होंने कहा-अगर इस स्टैंड को तोड़ा जाता है या तांगा चालकों की रोजी-रोटी पर आंच आती है, तो सीपीएम और कांग्रेस मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। घोष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा-मैंने स्टेशन मास्टर से पूछा कि स्टेशन के अंदर तांगा स्टैंड क्यों बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकारी अनुमति है और दावा किया कि उनके पास इसका आदेश भी है। मैंने वह आदेश दिखाने को कहा, लेकिन वे उसे दिखा नहीं पाए। तांगा स्टैंड अवैध रूप से बनाया गया था।
